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इन तीन वजहों से रविचंद्रन अश्विन को भारतीय टी-20 टीम में मिली है जगह

जिस समय टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के 15 खिलाड़ियों का ऐलान होना था, उससे पहले किसी ने यह नहीं सोचा कि इस टीम में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की वापसी भी देखने को मिल सकती है। दरअसल, अश्विन ने साल 2017 में अपना आखिरी टी-20 मैच खेला था और उसके बाद से वह भारतीय टीम के लिए टेस्ट फॉर्मेट के प्रमुख स्पिन गेंदबाज के तौर पर लगातार खेलते हुए दिखाई दिए हैं।

लेकिन अश्विन को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल करने के चयनकर्ताओं के फैसले ने सभी को हैरानी में डाल दिया। भारतीय टीम में 5 स्पिन गेंदबाजों को शामिल किया गया है, जिसमें अश्विन बाकियों के मुकाबले काफी ज्यादा अनुभवी हैं और साथ ही यूएई में स्पिन के लिए मुफीद पिचों पर अश्विन के कंधों पर काफी जिम्मेदारी रहने वाली है। हम आपको ऐसे 3 कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी वजह से अश्विन को टी-20 वर्ल्ड कप टीम में जगह मिलनी चाहिए थी।

1 – अनुभव आ सकता टीम के बेहद काम

अश्विन अब तक भारतीय टीम के लिए 111 वनडे और 46 टी-20 मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्हें लगभग हर परिस्थिति में खेलने का अनुभव पूरी तरह से हासिल है। वहीं, अश्विन साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप और साल 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का एक अहम हिस्सा थे। भारतीय टीम में अन्य स्पिन गेंदबाजों की बात की जाए तो उसमें राहुल चाहर, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल शामिल हैं, जिस कारण अश्विन इन सभी के मुकाबले काफी ज्यादा अनुभवी हैं और इसका लाभ भारतीय टीम को मिल सकता है।

2 – टी-20 क्रिकेट के अभी भी शानदार गेंदबाज

भले ही रविचंद्रन अश्विन ने साल 2017 के बाद से भारतीय टीम के लिए एक भी टी-20 मैच नहीं खेला है, लेकिन वह लगातार इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी गेंदबाजी का जलवा दिखाते रहे हैं। इसके अलावा अश्विन ने 46 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में भारतीय टीम के लिए 6.97 की इकॉनमी रेट से 52 विकेट हासिल किए हैं, जिसमें उन्होंने 2 बार एक मैच में 4 विकेट भी लिए। अश्विन आईपीएल इतिहास में अभी तक 139 विकेट हासिल करने के साथ 6वें पायदान पर काबिज हैं।

3 – वाशिंगटन सुंदर का सबसे बेहतर विकल्प

युवा ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के इंग्लैंड दौरे पर चोटिल होने के बाद टी-20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम में रविचंद्रन अश्विन को उनके विकल्प के तौर पर भी देखा जा रहा है। दरअसल, सुंदर शुरुआती 6 ओवरों में बेहतर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को रोकने की काबिलियत रखते हैं और ऐसा ही कुछ अश्विन भी करते दिख जाते हैं, जिसके चलते अश्विन टीम में इस जिम्मेदारी को निभाने के साथ दबाव भरे मौकों पर भी विकेट निकालकर दे सकते हैं।

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