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बाएं हाथ के यह 4 गेंदबाज भविष्य में टीम इंडिया को दे सकते हैं ताकत

एक समय ऐसा था कि भारतीय क्रिकेट टीम के पास आशीष नेहरा, इरफान पठान और आरपी सिंह जैसे बाएं हाथ के गेंदबाजों की भरमार थी। तो वहीं इनके जाने के बाद मौजूदा समय में टीम में भुवनेशवर कुमार, उमेश यादव, मोहम्मद शमी जैसे दाएं हाथ के धारदार गेंदबाजों की भरमार है। ऐसे में अब टीम बाएं हाथ के गेंदबाजों की कमी से जूझ रही है। वहीं कुछ ऐसे गेंदबाज हैं, जो बाएं हाथ से कमाल करते हुए टीम को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं। जानिए कौन हैं वो पांच युवा बाएं हाथ के गेंदबाज, जिन्हें आने वाले समय में टीम इंडिया में शामिल किया जा सकता है-

बरिंदर सरन

पंजाब की तरफ से रणजी खेलने वाले इस युवा क्रिकेटर में प्रतिभा की कमी नहीं है। घरेलू क्रिकेट में इनके शानदार प्रदर्शन के दम पर ही सन 2015 में इन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला था, लेकिन सरन उस मौके को भुना नहीं सके और जल्द ही टीम से बाहर हो गए। सरन ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 11 मैच खेलते हुए 33 विकेट हासिल किए हैं। जिसके बाद इन्होंने 12 जनवरी 2016 को भारत की ओर से वनडे मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की थी। इन्होंने अपने छोटे से करियर में 6 वनडे मैच और 10 टी20 मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने क्रमशः 7 विकेट और 8 विकेट हासिल किए। यही नहीं सरन 2015 में राजस्थान रॉयल्स और 2016-17 में सनराइजर्स हैदराबाद और 2018 में पंजाब की टीम से आईपीएल भी खेल चुके हैं।

टी नटराजन

तमिलनाडु के टी नटराजन भारत के एक उभरते हुए बाएं हाथ के गेंदबाज हैं। इनके शानदार प्रदर्शन के दम पर ही इन्हें आईपीएल के 2017 के सत्र में पंजाब की ओर से खेलने का मौका मिला था। जिसमें इन्होंने औसत प्रदर्शन किया था। वहीं इन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में अब तक 12 मुकाबले में 40 विकेट झटके हैं।

अनिकेत चौधरी

रणजी क्रिकेट में राजस्थान की ओर से खेलने वाले अनिकेत चौधरी भी टीम के लिए बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते है। इन्होंने 2013 में पंजाब की तरफ से और 2017 में रॉयल चैलेंजर बैंगलोर की ओर से आईपीएल में भी क्रिकेट खेला है। चौधरी ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में 52 मैच खेलते हुए 162 विकेट हासिल किए हैं। बताते चलें कि अनिकेत चौधरी को उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर ही भारतीय टीम के नेशनल कैंप में भी बुलाया गया था। ऐसे में यह संभावना लगाई जा सकती है कि जल्द ही यह भारतीय टीम में दिख सकते हैं।

जयदेव उनादकट

भारतीय क्रिकेट टीम में सौराष्ट्र के क्रिकेटरों का जलवा रहा है। ऐसे में सौराष्ट्र के एक अन्य गेंदबाज जयदेव उनादकट भी भारतीय टीम के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी के दम पर पहले भी सेलेक्टर्स को प्रभावित करने का काम किया है। जिसके बल पर इन्हें सन 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में भारतीय टीम की ओर से वनडे क्रिकेट खेलने का मौका मिला था। लेकिन उसके बाद यह कुछ खास कमाल नहीं कर सके। इन्होंने अपने छोटे से वनडे और टेस्ट करियर में क्रमशः 7 और 1 मैच खेले है। वनडे में इन्होंने जहां 8 विकेट लिए हैं तो वहीं टेस्ट में यह अपना खाता भी नहीं खोल सके थे।

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