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21वीं सदी के 5 ऐसे टेस्ट मैच जब टीमें दोनों पारियों में कम ओवरों में सिमटी

क्रिकेट के खेल में टेस्ट फॉर्मेट में बल्लेबाजों को लंबी पारियां खेलने की पूरी छूट होती है। मैच में टीमों की कोशिश होती है कि वह कम से कम 4 सत्र तक बल्लेबाजी कर सकें, लेकिन यह सब हालात पर निर्भर करता है। हम सभी ने ऐसे भी मैच देखें है, जिसमें एक टीम का प्रदर्शन बेहद खराब देखने को मिला है और टीम 2 सत्र भी बल्लेबाजी करने में कामयाब नहीं हो सकी।

इस आर्टिकल में हम आपको 21वीं सदी के ऐसे टॉप-5 मैचों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें दोनों पारियों को मिलाकर भी टीमों ने बेहद कम ओवर बल्लेबाजी की है।

5 – बांग्लादेश (71.4 ओवर)

साल 2005 में बांग्लादेश की टीम श्रीलंका के दौरे पर थी। इसमें सीरीज के पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश को पहली पारी में बल्लेबाजी का न्यौता मिला। बांग्लादेश 44 ओवरों में 188 रन बनाकर सिमट गई, जिसमें कप्तान हबीबुल बशर ने 96 गेंदों में 84 रनों की उपयोगी पारी खेली थी। जवाब में श्रीलंका की टीम ने थिलन समरवीरा के 78 और महेला जयवर्धने के 63 रनों की बदौलत अपनी पहली पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 370 रन बनाकर घोषित कर दी।

श्रीलंका को पहली पारी के आधार पर 182 रनों की बढ़त हासिल हो चुकी थी। बांग्लादेश की टीम से दूसरी पारी में सभी को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम 27.4 ओवरों में 86 रन बनाकर सिमट गई। श्रीलंका ने इस मैच को एक पारी और 96 रन अपने नाम किया। वहीं बांग्लादेश की टीम मैच में दोनों पारियां मिलाकर 71.4 ओवर तक ही बल्लेबाजी कर सकी।

4 – पाकिस्तान (69.5 ओवर)

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच साल 2010 में खेले गए सीरीज के चौथे टेस्ट मैच में मेजबान इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में जोनाथन ट्रॉट की 184 रन और स्टुअर्ट ब्रॉड के 169 रनों की पारी के चलते 446 का स्कोर बनाने में कामयाब हुई थी। जवाब में पाकिस्तान टीम की पहली पारी 33 ओवरों में 74 के स्कोर पर सिमट गई। इसके बाद फालोऑन मिलने पर पाकिस्तान टीम की दूसरी पारी 36.5 ओवरों में 147 के स्कोर पर सिमट गई। पूरे मैच में पाकिस्तान अपनी दोनों पारियां मिलाकर कुल 69.5 ओवरों तक ही बल्लेबाजी कर सकी थी।

3 – जिम्बाब्वे (68.5 ओवर)

जिम्बाब्वे की टीम साल 2000 में इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर थी। टीम ने इस दौरे पर इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच लॉर्ड्स के मैदान में खेला। जिम्बाब्वे की टीम को मैच में पहले बल्लेबाजी का मौका मिला लेकिन टीम 30.3 ओवरों में 83 के स्कोर पर सिमट गई। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने अपनी पहली पारी में 415 रन बनाते हुए 332 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। जिम्बाब्वे की टीम अपनी दूसरी पारी में भी संघर्ष करती हुए नजर आई और पूरी टीम 38.2 ओवरों में 123 के स्कोर पर सिमट गई। इस मैच में जिम्बाब्वे की टीम 68.5 ओवरों तक ही बल्लेबाजी कर सकी थी।

2 – अफगानिस्तान (66.3 ओवर)

अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने अपना पहला टेस्ट मैच साल 2018 में भारत के खिलाफ बैंगलुरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला था। भारतीय टीम ने मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 474 का स्कोर पहली पारी में बना दिया। जवाब में अफगानिस्तान की टीम अपनी पारी में सिर्फ 27.4 ओवर तक ही बल्लेबाजी कर सकी और 109 के स्कोर पर सिमट गई। फालोऑन मिलने पर अफगानिस्तान टीम के प्रदर्शन में सुधार देखने को नहीं मिला और टीम दूसरी पारी में 103 के स्कोर 38.4 ओवर में सिमटने के साथ मैच में कुल 66.3 ओवरों तक ही बल्लेबाजी कर सकी।

1 – बांग्लादेश (59 ओवर)

बांग्लादेश टीम के नाम टेस्ट मैच की दोनों पारियों में मिलाकर 21वीं सदी में सबसे कम ओवर खेलने का रिकॉर्ड दर्ज है। साल 2018 में बांग्लादेश की टीम वेस्टइंडीज के दौरे पर थी। इस सीरीज के पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश टीम की पहली पारी 18.4 ओवरों में सिर्फ 43 के स्कोर पर सिमट गई। जवाब में वेस्टइंडीज ने अपनी पहली पारी में 406 रन बनाते हुए 373 रनों की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी। बांग्लादेश टीम अपनी दूसरी पारी में भी 144 के स्कोर पर सिमट गई और टीम सिर्फ 40.2 ओवरों तक ही बल्लेबाजी कर सकी। विंडीज टीम ने मैच को एक पारी और 219 रनों से अपने नाम किया था।

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