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BANvAUS: बांग्लादेश ने 4-1 से जीती टी20 सीरीज, ऑस्ट्रेलिया के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

कभी विश्व की सबसे कमजोर टीम मानी जाने वाली बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में चारों खाने चित्त कर दिया है। मेजबान टीम ने पहले 3-1 से सीरीज अपने नाम करने के बाद ऑस्ट्रेलिया को अंतिम टी20 में 60 रनों से हराकर 4-1 से सीरीज का अंत किया। शाकिब ने 9 रन देकर चार विकेट लिए और सैफुद्दीन ने 12 विकेट पर तीन विकेट लिए, जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 62 रन पर ऑल आउट हो गई और बांग्लादेश ने 60 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

बांग्लादेश के गेंदबाज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी पर हावी रहे और ने शाकिब ने टी20आई में अपने 100 विकेट पूरे किए, ऐसा करने वाले श्रीलंका के लसिथ मलिंगा के बाद केवल दूसरे गेंदबाज बने।

ऑस्ट्रेलिया ने आठ विकेट पर बांग्लादेश के 122 रन के लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया, श्रृंखला का चौथा मैच जीतने में मदद करने में डैन क्रिश्चियन को बतौर सलामी बल्लेबाज प्रमोट किया लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर नासुम अहमद ने क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने इसके बाद इनफॉर्म खिलाड़ी मिशेल मार्श को भी 4 रन पर चलता किया।

शाकिब ने कप्तान मैथ्यू वेड (22) की गिल्लियां उड़ा दीं जो ऑस्ट्रेलिया के टॉप स्कोरर रहे। कप्तान महमुदुल्लाह ने बेन मैकडरमोट का विकेट लिया और इसके बाद सैफुद्दीन ने एलेक्स केरी और मोइसेस हेनरिक्स को जल्दी पवेलियन वापस भेज दिया। इससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 54/6 पर पहुंच गया जिसके बाद से टीम कभी उबर नहीं पाई।

शाकिब ने अपना 100 वां टी20आई विकेट लेने के साथ ऑस्ट्रेलियाई पारी को 62 रन पर ढेर कर दिया।

इससे पहले बांग्लादेश ने तेज शुरुआत की और मेहदी हसन और मोहम्मद नईम ने पहले विकेट के लिए 42 रन जुटाए। लेकिन मेहदी के 13 रन पर आउट होने के बाद चीजें खराब हो गईं। नाथन एलिस (2/16) और डैन क्रिश्चियन (2/17) की अगुवाई में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने लगातार लगाम कसी रही और बांग्लादेश 20 ओवरों में 8 विकेट पर 122 रन ही बना सका।

न्यूनतम स्कोर पर आउट हुआ ऑस्ट्रेलिया

बांग्लादेश के खिलाफ अंतिम टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। 62 रन उसका अंतरराष्ट्रीय टी20 इतिहास में सबसे न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले टीम 79 रन पर साल 2005 में इंग्लैंड के खिलाफ ऑल आउट हुई थी। मैथ्यू वेड (22) और बेन मैकडरमोट (17) को छोड़ दें तो उसके 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके।

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