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जानें उन बल्लेबाजों के बारे में जिन्होंने टेस्ट में 100 से भी कम गेंदों में बनाया कई बार शतक

टेस्ट क्रिकेट सबसे कठिनतम प्रारुप है, जिसमें बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिलती है। टेस्ट क्रिकेट में डिफेंस में मजबूत बल्लेबाज ही सफल होते हैं, इसलिए टी-20 के हार्ड हिटर इस प्रारुप में सफल नहीं होते हैं। हालांकि कुछ विस्फोटक बल्लेबाज भी इस प्रारुप में सफल रहे हैं। इस खास लेख में हम आपको ऐसे बल्लेबाजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने 100 से कम गेंदों में कई शतक बनाए हैंः

5. रॉस टेलर – 2 शतक

न्यूजीलैंड के बल्लेबाज रॉस टेलर ने टेस्ट क्रिकेट में दो बार 100 से कम गेंदों में शतक बनाया है। साल 2010 में टेलर ने हैमिल्टन टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महज 81 और साल 2012 में बैंगलोर टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ 99 गेंदों में शतक बनाया था।

4. इयान बॉथम, शाहिद अफरीदी – 3 शतक

इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी इयान बॉथम और पाकिस्तान ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने टेस्ट क्रिकेट में तीन शतक 100 से कम गेंदों में बनाए हैं। बॉथम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 1981 में हुए मैनचेस्टर टेस्ट में 86, लीड्स में 87 और सन् 1983 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 99 गेंदों में शतकीय पारी खेली थी। वहीं अफरीदी ने साल 2005 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन टेस्ट में 78, साल 2006 में भारत के खिलाफ लाहौर टेस्ट में और फैसलाबाद में एक बार फिर भारत के खिलाफ 99 गेंदों में शतक जड़ा था।

3. डेविड वार्नर, क्रिस गेल, ब्रेंडन मैकुलम – 4 शतक

टेस्ट क्रिकेट में डेविड वार्नर, क्रिस गेल और ब्रेंडन मैकुलम ने 4 टेस्ट शतक 100 से कम गेंदों में बनाए हैं। वार्नर ने साल 2012 में भारत के खिलाफ पर्थ टेस्ट में 69 गेंदों में दो शतक और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सिडनी टेस्ट में 93 गेंदों में एक शतक बनाया था। इसके अलावा साल 2015 में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ सिडनी में 82 गेंदों में शतकीय पारी खेली थी।

विस्फोटक सलामी बल्लेबाज क्रिस गेल ने साल 2009 में अपने टेस्ट करियर का सबसे तेज शतक पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 70 गेंदों में बनाया था। उसके बाद साल 2003 व 2004 में क्रमशः 79 व 80 गेंदों में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ शतक बनाया था। जबकि चौथा शतक साल 2004 में 96 गेंदों में सेंट जॉन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था।

पूर्व कीवी कप्तान मैकुलम ने साल 2005 हरारे टेस्ट में जिम्बॉब्वे के खिलाफ 94 गेंदों में, साल 2014 में 74 व 78 गेंदों में क्रमशः श्रीलंका व पाकिस्तान के खिलाफ क्राइस्टचर्च व शारजाह में शतकीय पारियां खेली थी। जबकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज शतक महज 56 गेंदों में जड़ा था।

2. एडम गिलक्रिस्ट – 6 शतक

ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट ने साल 2000 में भारत के खिलाफ मुंबई टेस्ट में 84 गेंदों में, साल 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट मैच में 91 गेंदों में शतक बनाया था। उसके बाद साल 2003-04 के सीजन में इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में 94 और पर्थ टेस्ट में जिम्बॉब्वे के खिलाफ 84 गेंदों में शतक बनाया था। जबकि साल 2005 में गिली ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन टेस्ट में 86 और पर्थ टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ 57 गेंदों में शतक बनाया था।

1. वीरेंद्र सहवाग – 7 शतक

इस लिस्ट में शीर्ष पर भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम दर्ज है। सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ साल 2006 में लाहौर टेस्ट मैच में 93 गेंदों में शतक ठोका था। उसके बाद साल 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ग्रॉस आइलेट में महज 78, श्रीलंका के खिलाफ साल 2008 में गाले टेस्ट में 87 गेंदों में शतक पूरा किया था।

सहवाग ने कानपुर टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ 97, कोलकाता टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 87 और श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में 90 गेंदों में शतक पूरा किया था। ये सभी शतक साल 2009 और 2010 के दौरान बने थे। साल 2012 में सहवाग ने इंग्लैंड के खिलाफ अहमदाबाद टेस्ट मैच में 90 गेंदों में शतक पूरा किया था।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।