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जन्मदिन विशेषः दुनिया के सर्वकालिक महान फील्डर जोंटी रोड्स के यादगार प्रदर्शन

क्रिकेट के खेल में एक फील्डर की अहमियमत क्या होती है यह साल 1992 के वर्ल्ड कप में उस समय देखने को मिला जब दक्षिण अफ्रीका की टीम से 22 साल के खिलाड़ी जोंटी रोड्स ने पहली बार कदम रखा था। बैकवर्ड पॉइंट पर फील्डिंग करने वाले जोंटी के पास गेंद जाने के बाद कोई भी बल्लेबाज रन लेने की कोशिश भी नहीं करता था। वह एक तरह से इस फील्डिंग पोजीशन दीवार की तरह बन गए थे।

जोनाथन नील रोड्स का जन्म 27 जुलाई 1969 को दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरित्जबर्ग में हुआ था। उनके पिता रग्बी के खिलाड़ी थे वहीं मां टेनिस खेलती थी। जोंटी रोड्स के पिता से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला है, जिसमें उनके पिता की कही एक बात जैसे उनके लिए करियर में सबसे अहम हो गई। दरअसल रोड्स के पिता ने कहा था कि यदि तुम्हारे कपड़ो पर खेल के मैदान से वापस आने पर घास के निशान नहीं होते हैं तो तुमने अपना काम सही ढंग से नहीं किया।

इंजमाम के रनआउट से बटोरी सुर्खियां

जोंटी रोड्स ने साल 1992 के वर्ल्ड कप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के साथ पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से खुद को बड़ी तस्वीर में लाकर खड़ा कर दिया था। दरअलस दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में फील्डिंग के दौरान रोड्स ने जिस तरह से इंजमाम को रनआउट किया उसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।

इंजमाम रन लेने के लिए काफी तेजी से भागे लेकिन बैकवर्ड पॉइंट पर खड़े रोड्स ने गेंद को तेजी से फील्ड किया तब तक इंजमाम वापस अपनी क्रीज पर आने के लिए भागे वहीं रोड्स ने भी गेंद को सीधे हिट करने की जगह दौड़कर मारना चाहा। जिस समय रोड्स ने गेंद को विकेट पर मारा वह जमीन से पैरेलल पूरी तरह से हवा में थे। इस रनआउट के बाद रोड्स फील्डिंग की दुनिया के एक अलग सितारे बनकर सामने आए।

टेक्सेको ट्रॉफी में मिला प्लेयर ऑफ दी सीरीज का खिताब

साल 1998 में हुई टेक्सेको ट्रॉफी में जोंटी रोड्स को पूरे टूर्नामेंट में शानदार फील्डिंग करने के लिए इंग्लैंड के खिलाड़ी डैरेन गॉफ के साथ प्लेयर ऑफ दी सीरीज का खिताब भी दिया गया। इंजमाम के रन आउट के अलावा साल 1999 में इंग्लैंड के खिलाड़ी रोबर्ट क्रॉफ्ट का कैच भी रोड्स ने जिस तरह से लपका था, वह आज भी किसी हैरानी से कम नहीं है।

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