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जन्मदिन विशेषः सुनील गावस्कर की पांच श्रेष्ठतम पारियां

भारतीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से लेकर कई खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा के तौर पर पूर्व भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज सुनील गावस्कर थे। 16 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में गावस्कर ने टीम के लिए कई मैच विनिंग पारियां खेली और वह दुनिया क्रिकेट के सबसे बेखौफ ओपनिंग बल्लेबाज माने जाते थे, जिन्होंने 70 और 80 के दशक में वेस्टइंडीज के खतरनाक गेंदबाजों का सामना बिना हेलमेट पहने किया था।

टेस्ट क्रिकेट में सचिन से पहले सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सुनील गावस्कर के नाम था, जो इस फॉर्मेट में 10,000 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी थे। सुनील गावस्कर ने 125 टेस्ट मैचों में 51.12 के औसत से 10,122 रन बनाए, जिसमें 34 शतकीय पारियां भी दर्ज हैं। वहीं 108 वनडे मैच में उनके नाम 35.14 के औसत से 3092 रन हैं। क्रिकेट में लिटिल मास्टर के नाम से पहचाने जाने वाले सुनील गावस्कर के 72वें जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनके करियर की टॉप-5 पारियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1 – बनाम वेस्टइंडीज (साल 1971, पोर्ट ऑफ स्पेन, 220 रन)

साल 1971 में 21 वर्ष की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में सुनील गावस्कर ने पहली बार कदम रखा था, जिसमें उन्होंने अपनी पहली सीरीज वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ खेली थी। इस सीरीज का आखिरी मैच पोर्ट ऑफ स्पेन के मैदान में खेला जाना था, जिसमें भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 360 रन बनाए थे और गावस्कर ने 124 रनों की पारी खेली। जवाब में विंडीज टीम ने अपनी पहली पारी में 526 रन बनाते हुए बड़ी बढ़त हासिल कर ली।

अब एकबार फिर से भारतीय टीम के बल्लेबाजों को मैच बचाने की जिम्मेदारी निभानी थी। सुनील गावस्कर ने दूसरी पारी में 220 रनों की पारी खेलते हुए सभी को आश्चर्य में डाल दिया था। यह टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म होने के साथ गावस्कर ने सबसे ज्यादा 774 रन बनाते हुए अपनी डेब्यू सीरीज का अंत किया था।

2 –बनाम वेस्टइंडीज (साल 1976, पोर्ट ऑफ स्पेन, 102 रन)

यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ऐतिहासिक मैचों में से एक माना जाता है, क्योंकि किसी भी टीम के लिए चौथी पारी में 400 से अधिक के स्कोर का पीछा करना नामुमकि जैसा है। साल 1976 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में भारतीय टीम सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेलने पहुंची थी। इस मैच में विंडीज टीम ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 359 रन बनाए जबकि भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 228 के स्कोर पर ही सिमट गई।

वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी दूसरी पारी में 271 रनों पर घोषित करते हुए भारत को 403 रनों का मुश्किल लक्ष्य चौथी पारी में हासिल करने को दिया। सुनील गावस्कर ने चौथी पारी में मोहिंदर अमरनाथ के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था। यहां से गुंडप्पा विश्वनाथ ने 112 रनों की पारी खेलते हुए टीम को 6 विकेट से ऐतिहासिल जीत दिलाने का काम किया।

3 – बनाम न्यूजीलैंड (साल 1987 वर्ल्ड कप, नाबाद 103 रन)

सुनील गावस्कर की वनडे क्रिकेट में एकमात्र शतकीय पारी साल 1987 के वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड साथ हुए मुकाबले में आई थी। नागपुर के मैदान में खेले गए इस मैच में भारत को 222 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसमें गावस्कर ने 88 गेंदों में 103 रनों की पारी खेली थी। यह वही मैच था जिसमें पूर्व भारतीय गेंदबाज चेतन शर्मा ने हैट्रिक ली थी।

4 – बनाम इंग्लैंड (साल 1979 ओवल टेस्ट, 221 रन)

यह सुनील गावस्कर के करियर की बेहतरीन पारियों में से एक मानी जाती है। साल 1979 में इंग्लैंड के दौरे पर गई भारतीय टीम को सीरीज का चौथा टेस्ट मैच लंदन के ओवल मैदान में खेलना था। इस मैच में इंग्लैंड ने पहली पारी में 305 रन बनाए तो वहीं भारतीय टीम की पहली पारी सिर्फ 202 के स्कोर पर ही सिमट गई।

इंग्लैंड की टीम ने अपनी दूसरी पारी 334 रन बनाकर घोषित करते हुए भारतीय टीम को चौथी पारी में 438 का लक्ष्य दिया। भारतीय टीम के ओपनिंग बल्लेबाज सुनील गावस्कर और चेतन चौहान ने पहले विकेट के लिए 213 रनों की साझेदारी करते हुए पूरे मैच का नजरिया ही बदल दिया था। गावस्कर ने चौहान के आउट होने के बाद वेंगरसकर के साथ मिलकर स्कोर को आगे बढ़ाते हुए 366 तक पहुंचा दिया।

यहां से भारतीय टीम के विकेट अचानक से गिरना शुरू हो गए, जिस कारण टीम को जीतते हुए मैच में ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। इस मैच में भारतीय टीम को जीत के लिए अंत में सिर्फ 9 रन और बनाने थे, लेकिन उससे ड्रॉ से ही काम चलाना पड़ा।

5 – बनाम पाकिस्तान (साल 1980, चेन्नई टेस्ट, 166 रन)

पाकिस्तान की टीम साल 1980 में भारत के दौरे पर थी. जहां दोनों ही टीमों के बीच सीरीज का 5वां टेस्ट मैच चेन्नई के एमए. चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना था। इस मैच में पाकिस्तान टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला और वह 272 के स्कोर पर सिमट गई। जवाब में भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 430 रन बना दिए, जिसमें सुनील गावस्कर ने शानदार 166 रनों की पारी खेली थी। ओसके चलते भारतीय टीम ने बाद में इस मैच को 10 विकेट से अपने नाम किया था।

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