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न्यूजीलैंड को पहला आईसीसी खिताब दिलाने वाले कप्तान केन विलियमसन

साल 2019 में इंग्लैंड में खेले गए वनडे वर्ल्डकप के फाइनल मैच में न्यूजीलैंड की टीम को जिस तरह से हार का सामना करना पड़ा था, उससे विश्व क्रिकेट के अधिकतर फैंस को निराशा हुई थी। लेकिन जब उन्होंने साल 2021 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत को 8 विकेट से मात दी तो भारतीय फैंस भी कीवी टीम के प्रदर्शन से खुश दिखाई दिए।

न्यूजीलैंड विश्व की ऐसी टीमों में शामिल की जाती है, जिसके फैंस सभी जगह देखने को मिल जाएंगे। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टीम के मौजूदा कप्तान केन विलियमसन हैं। वह अपने खेल के साथ मैदान में किए गए व्यवहार से भी सभी का दिल जीतने में कामयाब रहते हैं। केन जिस शांत अंदाज से मैदान में खेलते हैं, वैसा सिर्फ अभी तक धोनी को ही देखा गया है, जो दबाव में नहीं दिखते। हम आपको केन विलियमसन के अभी तक के क्रिकेट करियर के बारे में बताने जा रहे हैं।

परिवार में पहले से ही रहा खेल का माहौल

केन विलियमसन का जन्म 8 अगस्त 1990 को न्यूजीलैंड के टौरंगा में हुआ था। उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था, जहां पहले से ही खेलों को लेकर एक अलग माहौल देखने को मिला। केन के पिता ब्रेट न्यूजीलैंड में अंडर-19 और क्लब क्रिकेट में खेलते थे। वहीं उनकी मां सेंड्रा एक बॉस्केटबॉल खिलाड़ी थी। केन ने 17 साल की उम्र में मलेशिया में खेले गए साल 2008 के अंडर-19 वर्ल्डकप में न्यूजीलैंड टीम की कप्तानी की थी, जिसमें टीम ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।

अंडर-19 वर्ल्डकप में शानदार प्रदर्शन के चलते केन विलियमसन को जल्द ही सीनियर टीम से भी खेलने का मौका मिला। केन ने अगस्त 2010 में भारत के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया, लेकिन इस मैच में वह बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। लेकिन इसी साल केन ने वनडे में अपना पहला शतक लगाते हुए न्यूजीलैंड के लिए इस फॉर्मेट में सबसे कम उम्र में शतकीय पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए थे।

वनडे में शानदार प्रदर्शन के चलते केन को जल्द ही टेस्ट टीम में भी शामिल किया गया और इस फॉर्मेट में भी उन्होंने भारत के खिलाफ ही अपना पहला मैच खेला। अहमदाबाद के मैदान पर डेब्यू करते हुए केन ने 131 रनों की शानदार पारी खेलकर वर्ल्ड क्रिकेट में यह बता दिया कि वह भविष्य के महान खिलाड़ियों में से एक हैं। इस पारी के बाद केन लगातार अपने करियर में नए रिकॉर्ड बनाते जा रहे हैं।

आईपीएल में दिखाया कमाल

इंडियन प्रीमियर लीग में अभी तक केन विलियमसन सिर्फ सनराइजर्स हैदराबाद टीम के लिए ही खेलते हुए दिखे हैं। हैदराबाद ने उन्हें साल 2015 के सीजन में पहली बार टीम से जोड़ा था, लेकिन शुरुआती सीजन में केन वह कमाल नहीं दिखा सके, जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी। साल 2017 के सीजन में केन ने 7 मैचों में खेलते हुए बल्ले से 256 रन बनाए थे।

साल 2018 के आईपीएल सीजन में डेविड वार्नर पर प्रतिबंध लगने के चलते केन विलियमसन को सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान के तौर पर खेलने का मौका मिला। इस सीजन केन ने बल्ले से खुद को साबित करते हुए 735 रन बना दिए, जिसके चलते हैदराबाद की टीम ने फाइनल तक का सफर तय किया था। वहीं साल 2020 के सीजन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने से पहले केन को टीम का कप्तान फिर से नियुक्त किया गया था।

करियर पर डालिए एक नजर

अभी तक केन विलियमसन के करियर को देखा जाए तो उन्होंने कप्तान के तौर पर आईसीसी ट्रॉफी जीती है। वहीं मौजूदा समय में वह न्यूजीलैंड के लिए टेस्ट फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। इसके अलावा केन को साल 2019 के वनडे विश्वकप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ दी टूर्नामेंट का खिताब दिया गया था। अभी तक केन विलियमसन न्यूजीलैंड के लिए 85 टेस्ट मैचों में 53.96 के औसत से 7,230 रन बना चुके हैं। वहीं 151 वनडे मैचों में केन के बल्ले से 6,174 रन निकले हैं। इसके अलावा वह 67 टी-20 में 1,805 रन बना चुके हैं।

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