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विश्व कप 2019 : क्रिकेट के महाकुंभ में भारतीय शीर्ष क्रम पर होगा बड़ा दारोमदार

इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप को लेकर जैसे-जैसे समय नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे सभी टीमें अपनी तैयारियों को अंतिम रुप देने में लगी है। खिताब की प्रमुख दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम को एक बार फिर अपने शीर्ष क्रम से बड़ी उम्मीदें होंगी जिसने पिछले विश्व कप के बाद से खेले गए 86 मैचों में मिली 56 जीत में बड़ा योगदान दिया है। क्रिकेट के महाकुंभ में भी भारत की नैया पार लगाने की मुख्य जिम्मेदारी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के इर्द गिर्द ही रहेगी।

पिछले चार वर्षों के आकड़ों पर गौर फरमाए तो भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने मध्यक्रम की तुलना में तकरीबन 6000 रन अधिक बनाए हैं। इस बीच शीर्ष क्रम के 45 शतकों के मुकाबले मध्यक्रम के बल्लेबाज केवल छह शतक लगा पाए हैं। यही नहीं चोटी के तीन बल्लेबाजों ने मध्यक्रम के 35 अर्धशतकों से लगभग दोगुना 67 अर्धशतक ठोके। इससे साफ है कि 30 मई से शुरू होने वाले विश्व कप में भारत की सफलता का दारोमदार इन बल्लेबाज़ों पर टिका होगा।

भारत ने पिछले चार वर्षों में खेले गये 86 मैचों में से 56 में जीत दर्ज की, इन मैचों में शीर्ष क्रम में 14 बल्लेबाजों को आजमाया गया। जिन्होंने 13000 हजार से अधिक रन बनाए जबकि मध्यक्रम के 24 बल्लेबाजों ने 7000 से अधिक रन जोड़े। शीर्ष क्रम में भी केवल कोहली, रोहित और धवन ही 1000 से अधिक रन बना पाए हैं। आईये जानते 2015 विश्व कप के बाद से भारतीय शीर्ष क्रम के प्रदर्शन के बारे में।

विराट कोहली – भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली इन चार वर्षों में 69 पारियों में 78.29 की औसत 98.33 के स्ट्राइक रेट से 4306 रन बनाए। इसमें 19 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। पिछले चार वर्षों में वह दुनिया में शीर्ष क्रम के अकेले बल्लेबाज रहे जिन्होंने 4000 से अधिक रन बनाए।

रोहित शर्मा – हिटमैन के नाम से विख्यात सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा का शीर्ष क्रम में बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए जिसमें 15 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं।

शिखर धवन – रोहित के सलामी जोड़ीदार शिखर धवन की बात करें तो उन्होंने पिछले चार वर्षों में खेले 67 मैचों में 45.20 की औसत से 2848 रन बनाए जिसमें 8 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।

मध्यक्रम यानि चार से सात नंबर के बल्लेबाजों में भारत के बेस्ट फिनिशर और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। जिन्होंने पिछले विश्व कप के बाद 79 मैचों में 44.46 की औसत से 2001 रन बनाए हैं। जिसमें एक शतक और 13 अर्धशतक शामिल हैं। धोनी के अलावा केवल केदार जाधव (58 मैचों में 1154 रन) ही इन चार वर्षों में 1000 रन के पार पहुंचे।

2015 विश्व कप के बाद से हार्दिक पंड्या (45 मैचों में 731 रन), दिनेश कार्तिक (20 मैचों में 425 रन) और रविंद्र जडेजा (32 मैचों में 282 रन) ने टुकड़ों में ही अच्छा प्रदर्शन किया। विजय शंकर पिछले एक साल से ही टीम से जुड़े हैं। इस बीच उन्होंने मध्यक्रम में नौ मैच खेले जिसमें 165 रन बनाए।

इन आकंड़ों से साफ है कि भारत के टॉप ऑर्डर ने 2015 विश्व कप के बाद से पिछले चार वर्षों में बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी मध्यक्रम का लगातार खराब प्रदर्शन रहा है।

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