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CWC19: जांपा ही नहीं भारतीय खिलाड़ी भी कर रहे हैं हैंडवार्मर का इस्तेमाल

भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जांपा अचानक ही सुर्खियों में आ गए थे। जांपा को बॉलिंग के दौरान अपनी जेब में हाथ डालते हुए देखा गया था। सोशल मीडिया पर ‘बॉल टेम्परिंग’ एक फिर ट्रेंड होने लगी, जिसके बाद कप्तान एरॉन फिंच को मोर्चा संभालना पड़ा और बताया कि वो हैंडवार्मर का इस्तेमाल कर रहे थे। विश्व कप में हैंडवॉर्मर का इस्तेमाल एक सामान्य सी बात है और भारतीय टीम भी कड़कड़ाती ठंड से निपटने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही है।

ठंड से निपटने की तैयारी फील्डर कैसे करते हैं इस बारे में पूछने पर भारतीय फील्डिंग कोच एस श्रीधर ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि बेशक हाथ गर्म रखने के लिए ‘हैंडवार्मर’ पहला विकल्प है।’’ श्रीधर ने कहा, ‘‘इसके अलवा एक फील्डर के एक स्थान से दूसरे तक दौड़ना या गेंद फेंकना भी शामिल है।’’

कैसे काम करता है हैंडवार्मर

हैंडवार्मर हाथ को तुरंत गर्म करने वाला एक साधन है, जिसमें सेलूलोज़, आयरन, पानी, सक्रिय कार्बन, वर्मीक्यूलाइट और नमक एक छोटे से पैकेट में बंद रहते हैं। इसमें मौजूद आयरन बाहरी हवा के संपर्क में आने के बाद रासायनिक प्रतिक्रिया देता है जिससे पैकेट गर्म हो जाता है। एक बार प्रोसेस शुरू हो गया तो यह पैकेट कम से कम 2-3 घंटे (उससे भी अधिक मात्रा पर निर्भर) तक गर्म रहता है। बाजार में कई तरह के हैंडवार्मर उपलब्ध हैं जिनकी क्षमता अलग अलग होती है।

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Shashank

The author Shashank

2011 विश्व कप के साथ शशांक ने अपनी खेल पत्रकारिता की शुरआत की। क्रिकेट के मैदान से लेकर हर छोटी बड़ी खबरों पर इनकी नज़र रहती है। खेल की बारीकियों से लेकर रिकॉर्ड बुक तक, हर उस पहलू पर नजर होती है जिसे आप पढ़ना और जानना चाहते हैं। क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी इनकी गहरी रूची है। कई बड़े मीडिया हाउस को अपनी सेवा दे चुके हैं।