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क्रेग ब्रेथवेट : टेस्ट क्रिकेट का इकलौता सलामी बल्लेबाज जो दोनों पारियों में रहा नाबाद

टेस्ट क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज की बेहद अहम भूमिका होती है, क्योंकि नई गेंद का सामना करने के साथ उसे कठिन हालात का भी सामना करना होता है। ताकि आने वाले बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो जाए और टीम बड़ा स्कोर बना सके। लेकिन टी-20 क्रिकेट आने के बाद अब यह बात देखने को मिलती है, कि टेस्ट क्रिकेट में ओपनिंग बल्लेबाजों के अंदर धैर्य कम दिखाई देता है।

जिसके चलते वह गलती कर बैठते हैं और टीम के मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव आ जाता है। आज के समय में ऐसे बेहद कम ही सलामी बल्लेबाज देखने को मिलते हैं, जो बड़ा स्कोर बना सके। लेकिन वेस्टइंडीज़ के ओपनिंग बल्लेबाज क्रेग ब्रैथवेट की गिनती शानदार बल्लेबाजों में होती है। जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज होना है।

क्रेग ब्रेथवेट टेस्ट क्रिकेट में एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टीम की पारी की शुरूआत करने के साथ दोनों पारियों में पवेलियन नाबाद लौटे हैं। साल 2016 में वेस्टइंडीज़ की टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी। इस सीरीज के शुरूआती दोनों मैच गंवाने के चलते विंडीज़ टीम को तीसरा टेस्ट जीतकर अपना सम्मान बचाना था।

पहली पारी

पाकिस्तान टीम ने शारजाह में खेले गए सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और पूरी टीम पहली पारी में 281 के स्कोर पर सिमट गई। जिसमें पाक की तरफ से सलामी बल्लेबाज समी असलम ने सबसे ज्यादा 78 रनों की पारी खेली। इसके बाद वेस्टइंडीज़ टीम की शुरूआत भी अच्छी नहीं हुई और टीम ने जल्द ही लियोन जॉनसन के तौर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया।

पाक टीम का गेंदबाजी क्रम इस टेस्ट में बेहद खतरनाक था, जिसमें मोहम्मद आमिर, वहाब रियाज और यूएई की पिचों पर अपनी स्पिन का जादू दिखाने वाले यासिर शाह शामिल थे। हालांकि क्रेग ब्रेथवेट ने एक छोर से विकेट गिरने के सिलसिले को रोककर रखा हुआ था। जिसके बाद उन्हें रोस्टन चेज और शेन डाउरिच का साथ मिला। दोनों के साथ ब्रैथवेट ने महत्तवपूर्ण साझेदारी करते हुए टीम को लगातार मैच में बनाए रखने का काम किया।

दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक ब्रेथवेट ने नाबाद 95 रन बना लिए थे। इसके बाद तीसरे दिन भी अपनी लय को बरकरार रखते हुए शतक पूरा किया और अंत में ब्रैथवेट 142 रनों पर नाबाद पवेलियन लौटे। वेस्टइंडीज़ की टीम ने पहले पारी में 337 रन बनाकर महत्तवपूर्ण बढ़त भी हासिल की। इसके बाद वेस्टइंडीज़ के गेंदबाजों ने पाकिस्तान की दूसरी पारी को 208 के स्कोर पर समेटकर टीम को मैच में जीतने की स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया।

दूसरी पारी

एकबार फिर से क्रेग ब्रेथवेट पर पहली पारी के प्रदर्शन को दोहराने की बड़ी जिम्मेदारी थी। हालांकि आधी विंडीज़ टीम सिर्फ 67 के स्कोर पर पवेलियन लौट गई। जिससे ऐसा लगने लगा कि पाकिस्तान इस सीरीज को 3-0 से अपने नाम कर लेगी। लेकिन ब्रेथवेट ने अपनी पहली पारी की मेहनत को बेकार नहीं जाने दिया और शेन डाउरिच के साथ मिलकर 87 रनों की अहम साझेदारी करके टीम की जीत को सुनिश्चित किया। जिसमें ब्रेथवेट ने दूसरी पारी में नाबाद 60 रन बनाने के साथ वेस्टइंडीज़ टीम को जीत दिलाकर पवेलियन वापस लौटे।

ब्रेथवेट की इस पारी से साफ तौर पर यह संदेश सभी को मिला कि टेस्ट क्रिकेट में किसी टीम के ओपनिंग बल्लेबाज की कितनी बड़ी भूमिका होती है। वहीं इस मैच के बाद ब्रेथवेट टेस्ट क्रिकेट में एकलौते ऐसे ओपनिंग बल्लेबाज बन गए जो दोनों पारियों में नाबाद पवेलियन लौटे।

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