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सिर्फ इन दो बल्लेबाजों ने अपने डेब्यू व आखिरी टेस्ट में जड़ा है शतक

क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी की सबसे बड़ी परीक्षा उसके पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में होती है और वह भी जब टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिले। काफी कम ऐसे बल्लेबाज देखने को मिले हैं जिन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में लंबे समय तक अपनी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर लगातार खेला है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि एक खराब सीरीज उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

वहीं, टेस्ट क्रिकेट में फिटनेस का स्तर भी काफी बेहतर रखना पड़ता है और आज के समय में यह एक खिलाड़ी के लिए बेहद मुश्किल हो गया है क्योंकि 3 फॉर्मेट में खेलते हुए खुद को चोटिल होने से बचाना आसान काम नहीं है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 2 ऐसे बल्लेबाज रहे हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत शतक के साथ की और उसी के साथ अंत किया है। हम आपको उन्हीं 2 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1 – ग्रेग चैपल (ऑस्ट्रेलिया)

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में ग्रेग चैपल दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार किए जाते हैं। चैपल को पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का मौका साल 1970-71 में हुई एशेज सीरीज के दौरान मिला था। उन्हें सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के दौरान डेब्यू करने का मौका मिला और चैपल ने टीम की पहली पारी में शानदार 108 रन बनाते हुए अपने करियर का आगाज किया।

वहीं, ग्रेग चैपल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी टेस्ट मैच 1984 में पाकिस्तान के खिलाफ सिडनी के मैदान पर खेला था। इस मैच में ग्रेग चैपल ने टीम की पहली पारी में 182 रन बनाते हुए महत्वपूर्ण बढ़त दिलाने का काम किया था और ऑस्ट्रेलिया टीम ने इस मैच को 10 विकेट से अपने नाम भी किया था।

2 – मोहम्मद अजहरुद्दीन (भारत)

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को कलाई के जादूगर के तौर पर पहचाना जाता है। उन्होंने जिस तरह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी, वैसा अब तक कोई दूसरा बल्लेबाज करने में कामयाब नहीं हो पाया है। साल 1984 में मोहम्मद अजहरुद्दीन को अपने करियर का पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड की टीम के खिलाफ कोलकाता के मैदान पर मिला था। इस मैच में अजहरुद्दीन ने पहली पारी में 110 रन बनाते हुए करियर का शानदार आगाज किया था।

वहीं, अजहरुद्दीन को अपने करियर का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच दक्षिण अफ्रीका की टीम के खिलाफ बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडिमय में साल 2000 में खेलने को मिला था। इस मैच में भारतीय टीम को एक पारी और 71 रनों से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन अजहरुद्दीन टीम की दूसरी पारी में 102 रनों की पारी खेलने में कामयाब हुए थे।

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