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आखिरी दिन के पहले 10-15 ओवर में भारत के हाथ से फिसल गया मैचः सचिन तेंदुलकर

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के हाथों 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी। मैच के छठे यानी रिजर्ड डे को दोनों टीमों के बीच आईसीसी गदा के लिए घमासान हुआ और ब्लैककैप्स ने भारत को अंत में मात दे दी। इस फाइनल मुकाबले पर अब सचिन तेंदुलकर ने अपनी राय जाहिर की है और मैच का पूरा विश्लेषण किया है।

खेल के आखिरी दिन के पहले 10-15 ओवर में टीम इंडिया पिछड़ी

पहली पारी के आधार पर टीम इंडिया न्यूजीलैंड से 32 रनों से पीछे थी। खेल के आखिरी दिन जब भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 64 रन पर 2 से आगे बढ़ाया। मैदान पर कोहली व पुजारा थे और वह भारत की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन काइल जैमीसन ने विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा को आउट करके मैच का पासा ही पलट दिया।

तेंदुलकर का मानना है कि यहीं से मैच भारत के हाथ से फिसल गिया। वह कहते हैं कि दिन की शुरुआत में पहले 10-15 तक टीम इंडिया ने कीवियों पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोहली व पुजारा को पहले 8 ओवर में ही चलता कर दिया। उसके बाद ऋषभ पंत ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और 41 रन की पारी खेली और एक ऊंचा कैच देकर आउट हो गए। इसके बाद बाकी भारतीय बल्लेबाज जल्द ही पवेलियन लौट गए।

केन विलियमसन ने दिखाई जबरदस्त ऊर्जा

न्यूजीलैंड को जीत के लिए 139 रन बनाने थे और ओवरों की संख्या खूब थी। आर अश्विन ने न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों को आउट करके दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन उसके बाद केन विलियमसन और रॉस टेलर की साझेदारी को भारत तोड़ने में विफल रहा। विलियमसन ने नाबाद 52 रन की पारी खेली, जबकि उन्होंने पहली पारी में भी 49 रन बनाए थे। वहीं टेलर नाबाद 47 रन बनाकर टीम को जीत दिलाकर ही मैदान से लौटे। तेंदुलकर ने कीवी कप्तान की खूब तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने साथी टेलर से भी उनका बेस्ट निकलवाया।

आगे चलकर जैमीसन दुनिया के अग्रणी ऑलराउंडर बनेंगे

मास्टर-ब्लास्टर काइल जैमीसन के प्रदर्शन से भी प्रभावित दिखे। फाइनल में 31 रन पर 5 व 30 रन पर 2 विकेट और पहली पारी में 16 गेंदों में 21 रन का योगदान देने के चलते मैन ऑफ द मैच चुने गए। तेंदुलकर ने लंबे कद काठी वाले इस क्रिकेटर को आने वाले समय का बेहतरीन ऑलराउंडर बताया। उन्होंने जैमीसन की गेंदबाजी की तारीफ की और ये भी बताया वह कैसे भारतीय बल्लेबाजों के लिए खतरनाक हो गए।

जडेजा का हुआ पूरा उपयोग

हार के बाद ज्यादातर भारतीय फैंस ने रवींद्र जडेजा के चयन को लेकर सवाल उठाए। कुछ सवाल ये भी थे कि उनका पूरा उपयोग नहीं हुआ। बाएं हाथ के इस स्पिनर ने पूरे मैच में महज 92 गेंदें डाली। लेकिन तेंदुलकर की राय इससे अलग है और उन्होंने बताया कि जडेजा से गेंदबाजी करवाना मौसम व पिच पर निर्भर करता है। पूरे मैच में बारिश का साया रहा, इसलिए जडेजा के बजाय तेज गेंदबाजों से ज्यादा गेंदबाजी करवाई गई।

पेस व बाउंस नहीं बल्कि लेटरल मोमेंट से बल्लेबाजो को हुई तकलीफ

साउथैम्पटन के पिच क्यूरेटर ने रोज बाउल के पेस व बाउंस से सभी को आगाह किया था। लेकिन तेंदुलकर का मानना है कि बल्लेबाजों को इससे कोई दिक्कत नहीं हुई, बल्कि लेटरल मोमेंट से समस्या हुई। जब गेंद स्विंग होती है, तो बल्लेबाजों को एज देने की शंका रहती है और ये सभी बल्लेबाजों पर लागू होता है।

तेंदुलकर खेल पर बहुत ही बारीकी से नजर रखते हैं, उन्होंने अपने वीडियो में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मैच से जुड़े कई इनसाइट बताए। जिसे टैकल करना क्रिकेटरों के कठिन साबित हुआ।

भारतीय टेस्ट टीम को इंग्लैंड में ही अब पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। जो 4 अगस्त से शुरु होगी। इसी दौरान भारत की एक और टीम शिखर धवन की अगुवाई में श्रीलंका से तीन वनडे व इतने ही टी-20 मैच 13 जुलाई से खेलेगी।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।