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इन 5 ऑलराउंडर ने अपने दम पर टेस्ट सीरीज में डाली जान

टेस्ट क्रिकेट में कई महान ऑलराउंडर हुए हैं, जिन्होंने अपने प्रदर्शन से कई बार पूरी सीरीज में जान पैदा कर दी है। यही नहीं टेस्ट क्रिकेट में अगर कोई खिलाड़ी गेंद और बल्ले से बराबर योगदान देता है, तो उस टीम में 11 के बजाय ये मानकर चलिए की 12 खिलाड़ी खेल रहे होते हैं। यही नहीं एक समय में अगर इन दोनों विभागों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कोई खिलाड़ी करता है, तो बात सोने पे सुहागा वाली हो जाती है। क्रिकेट में कई बार ऐसा हुआ है, जब दिग्गज ऑलराउंडर खिलाड़ियों ने दोनों विभागों में कमाल का प्रदर्शन किया है। इस खास लेख में हम उन बेहतरीन ऑलराउंडरों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से टेस्ट सीरीज में जान फूंक दी। पढ़ें ये खास लेखः

इयान बॉथम

इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर इयान बॉथम ने टेस्ट व वनडे में कई रिकॉर्ड अपने नाम किये हैं। सन् 1981 के एशेज टेस्ट सीरीज में उनके यादगार प्रदर्शन को कौन भूल सकता है। उस टेस्ट सीरीज को मीडिया में बॉथम का एशेज कहा गया था। उन्होंने उस सीरीज में जोरदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया था। लीड्स टेस्ट में उन्होंने नाबाद 149 रन की पारी खेली थी, जबकि एजेस्टन में उन्होंने 11 रन देकर 5 विकेट झटके और ओल्ट ट्रैफर्ड में 118 रन की पारी खेली यादगार पारी खेली। उनके शानदार प्रदर्शन के बूते इंग्लैंड ने 3-1 से एशेज पर कब्जा किया था।

एंड्रू फ्लिंटॉफ

बॉथम के बाद इंग्लैंड को एंड्रू फ्लिंटॉफ के रूप में बेहतरीन ऑलराउंडर मिला। जिसने अपने कभी न हार मानने वाले एटिट्यूड से मैदान पर कई ऐतिहासिक प्रदर्शन किये। साल 2005 के एशेज सीरीज में फ्लिंटॉफ ने 40.39 के औसत से 403 रन और 27.29 के औसत से 24 विकेट अपने नाम किए थे। फ्लिंटॉफ के इस यादगार प्रदर्शन के बदौलत इंग्लैंड ने 19 वर्ष बाद एशेज सीरीज रिटेन की थी। एजबेस्टन टेस्ट में फ्लिंटॉफ ने 68 व 73 रन की पारी खेली और 7 विकेट भी झटके।

गैरी सोबर्स

वेस्टइंडीज व दुनिया के सबसे महान ऑलराउंडर गैरी सोबर्स ने कैरेबियाई टीम को 60 के दशक में दुनिया की सबसे खतरनाक टीम बनाया था। सन् 1966 में विजडन ट्रॉफी में इंग्लैंड के खिलाफ सोबर्स ने 103.14 के औसत से 722 रन और 27.05 के औसत से 20 विकेट भी झटके थे। सोबर्स के ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को उसी की धरती पर धूल चटा दिया था। हेडिंग्ले में उनकी खेली 174 रन की पारी व 8 विकेट कौन भूल सकता है। यही नहीं उन्होंने लॉर्ड्स में 163 रन की नाबाद पारी भी खेली थी।

इमरान खान

भारत और पाकिस्तान क्रिकेट के मैदान पर भी एक दूसरे के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी माने जाते हैं। पूर्व कप्तान इमरान खान ने पाकिस्तान क्रिकेट को अपने खेल व लीडरशिप से नई ऊंचाईयां दी थी। वह अपने दौर के बेहतरीन ऑलराउंडर थे। सन् 1982-83 में उन्होंने भारत के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज में 13.9 के औसत से 40 विकेट झटके थे। यही नहीं उन्होंने 61 के औसत से 247 रन बनाए थे। वह अकेले भारतीय टीम की हार के कारण बन गए थे।

कपिल देव

इयान बॉथम और इमरान खान के ही दौर में भारत के अबतक के सबसे सफल ऑलराउंडर कपिल देव भी अपने चरम पर थे। सन् 1979-80 की सीरीज में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 30.88 के औसत से 388 रन और 17.68 के औसत से 32 विकेट झटके थे। उनके इस यादगार प्रदर्शन के सामने पाकिस्तान की टीम असहाय महसूस करने लगी थी। सीरीज के मुंबई टेस्ट व मद्रास टेस्ट मैच में हरियाणा हरिकेन ने अपनी बल्लेबाजी का भी जौहर दिखाया था। जबकि मद्रास टेस्ट व दिल्ली टेस्ट में उनकी गेंदबाजी भी कमाल की रही थी।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।