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क्रिकेट इतिहास की ये पांच बेहतरीन पारियां लक्ष्मण को बनाती हैं ‘वेरी वेरी स्पेशल’

भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे महान क्रिकेटर हुए हैं जिन्होंने अपने खेलने के अंदाज पर अपनी अलग पहचान तो बनाई ही साथ ही कई मौकों पर टीम को शानदार जीत भी दिलाई। ऐसे ही एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं जिन्हें कलाई के जादूगर के रूप में जाना जाता है। इनका नाम है वीवीएस लक्ष्मण। लक्ष्मण ने अपने क्रिकेट करियर में कुल 134 टेस्ट और 86 वनडे मैच खेले। जिनमें उन्होंने 17 टेस्ट शतक के साथ 8781 रन और 6 वनडे शतक के साथ 2338 रन बनाए। यही नहीं वीवीएस लक्ष्मण ने कई मौकों पर बेहतरीन पारियां खेलकर भारतीय टीम को शानदार जीत भी दिलाई। जिस कारण इन्हें टीम का संकटमोचक भी कहा जाता था। आज हम इनकी पांच सबसे बेहतरीन पारियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 281 रन
साल 2001 में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी। जिसका दूसरा टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन में आयोजित हुआ था। इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया और पहली पारी में 445 रन बनाए। जिसके जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी मात्र 171 रनों पर ही सिमट गई। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया ने फॉलोऑन देने का फैसला किया लेकिन अंत में उनका ये फैसला गलत साबित हुआ। मैच में लक्ष्मण ने आक्रामक रुख अख्तियार किया और दूसरी पारी में राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर 376 रनों की विशाल साझेदारी की। जिसके बाद भारत ने दूसरी पारी 7 विकेट खोने के बाद 657 रनों पर घोषित कर दी। इस दौरान लक्ष्मण ने 452 गेंदों पर 44 चौके लगाते हुए 281 रनों की विशाल पारी खेली थी। वहीं जब इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी की बारी आई तो कंगारुओं की टीम मात्र 212 रन पर ही सिमट गई और भारत ने इस मैच में 171 रनों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। लक्ष्मण की इस शानदार पारी के लिए उन्हें इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी दिया गया था।

178 रनों की विशाल पारी
साल 2004 में जब भारतीय टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलने ऑस्ट्रेलिया गई थी। उस दौरान भी लक्ष्मण ने कंगारुओं के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 178 रनों की विशाल पारी खेली थी। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया यह सीरीज़ का चौथा मैच था। जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 705 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जिसमें सचिन तेंदुलकर ने तो 436 गेंदों का सामना कर 33 चौकों के साथ 241 रनों की विशाल पारी खेली ही थी। उनके साथ ही लक्ष्मण ने भी 298 गेंदों में 30 चौकों की मदद से 178 रनों की जबरदस्त पारी खेली थी। इस मैच को इन दोनों महान खिलाड़ियों की वजह से ही याद किया जाता है। इन दोनों बल्लेबाजों ने इस मैच में चौथे विकेट के लिए 353 रनों की साझेदारी की थी। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी इस मैच में बेहतरीन खेल दिखाया और यह मैच ड्रॉ हो गया था।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 167 रन
लक्ष्मण ने अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से ज्यादातर ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ खेली हैं। यह मैच सन 2000 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था। उस दौरान भारतीय टीम 3 टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई हुई थी। जहां पर सीरीज़ के तीसरे और अंतिम मैच में भारतीय टीम की पहली पारी जहां मात्र 150 रनों पर ही सिमट गई थी। वहीं इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 552 रनों पर 5 विकेट खोकर घोषित कर दी थी। इसके बाद जब भारतीय टीम की फिर से बल्लेबाज़ी की बारी आई तो क्रिकेट जगत में एक नई पहचान बनाने उतरे लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा और शेन वॉर्न जैसे दिग्गज गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 167 रनों की जबरदस्त पारी खेली। वहीं उनके अलावा इस मैच में अन्य सभी भारतीय खिलाड़ी फिसड्डी साबित हुए और भारत यह मैच 141 रनों से हार गया।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 148 रन
लक्ष्मण ने जितने भी समय क्रिकेट खेला, वह हमेशा ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर हावी रहे। इसका उदाहरण उन्होंने एक बार फिर से साल 2003 में एडिलेड में दिया था। इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम 4 टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी और सीरीज़ के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने जहां पहले बल्लेबाज़ी करते हुए रिकी पॉन्टिंग के 242 रनों की मदद से 556 रनों का स्कोर खड़ा किया तो वहीं इसके जवाब में बल्लेबाज़ी करने उतरी भारतीय टीम भी कम नहीं रही। इस मैच की पहली पारी में भारत के राहुल द्रविड़ ने जहां 233 रनों की पारी खेली तो वहीं लक्ष्मण ने भी 282 गेदों में 18 चौकों की मदद से 148 रनों की शानदार पारी खेली। जिसके बाद दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम 196 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारतीय टीम ने इस मैच को आसानी से 4 विकेट के अंतर से जीत लिया।

पाकिस्तान के खिलाफ 107 रन
अक्सर टेस्ट मैच में कंगारुओं की खबर लेने वाले इस बल्लेबाज ने वनडे में पाकिस्तानी गेंदबाजों को भी पानी पिलाने का काम किया है। यह मैच साल 2004 में लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला गया था। पांच टेस्ट मैचों की इस सीरीज़ के अंतिम मैच में लक्ष्मण ने बेजोड़ बल्लेबाज़ी की नमूना पेश किया था। उन्होंने इस मैच में 104 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 107 रनों की पारी खेली थी। जिसके सहयोग से भारत ने 50 ओवर में 7 विकेट खोते हुए 293 रन बनाए थे। वहीं इसके जवाब में भारतीय टीम ने पाकिस्तानी टीम को 253 रनों पर ही ऑल आउट कर दिया और यह मैच भारत 40 रनों से जीत गया था। इस मैच में लक्ष्मण को प्लेयर ऑफ दे मैच का खिताब दिया गया था।

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