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भारतीय क्रिकेट में ‘सोने’ की खान हैं ये पांच राज्य

क्रिकेट में भारत दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों में शुमार है जिसने दो बार 50 ओवर वर्ल्डकप, 1 टी20 वर्ल्ड कप सहित कई बड़ी ट्रॉफियों पर अपना नाम गुदवाया है। भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल ही नहीं हैं, यहां लोग क्रिकेट को पूजते हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर भी इस देश में जन्में हैं जिनके नाम सबसे लंबी रिकॉर्डबुक है। सचिन के अलावा सुनील गावस्कर, कपिल देव, मोहिंदर अमरनाथ कुछ ऐसे नाम है जिन्होंने भारत को विश्व क्रिकेट में नई पहचान दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई। लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि भारतीय क्रिकेट का स्वर्णिम इतिहास लिखने वाले यह क्रिकेटर्स देश के कौन से राज्यों से ताल्लुक रखते हैं। मौजूदा समय में 125 करोड़ से भी अधिक आबादी वाले देश भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं, लेकिन इनमें से पांच राज्य ऐसे हैं जिन्हें भारतीय क्रिकेट में ‘सोने’ की खान कहा जा सकता है क्योंकि यहां से निकले क्रिकेटरों ने अपने प्रदर्शन से विश्व क्रिकेट में भारत को ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आईये जानते हैं देश को बेहतरीन क्रिकेटर देने वाले इन राज्यों के बारे में।

कर्नाटक – कर्नाटक भारत का वो राज्य है जहां टैलेंट कूट-कूट कर भरा है। विश्व स्तरीय बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों से शुमार इस प्रदेश से निकले क्रिकेटरों ने आगे चलकर भारतीय टीम को नई दिशा प्रदान की। टेस्ट क्रिकेट में भारत की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ कर्नाटक की ही देन हैं जो संन्यास के बाद भारत की अंडर-19 और इंडिया ए टीम को प्रशिशक्षण दे रहे हैं। वहीं जंबो के नाम से मशहूर लेग स्पिनर अनिल कुंबले कई दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज़ करने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच भी रह चुके हैं। भारत के सबसे तेज़ गेंदबाज़ों में शुमार जवागल श्रीनाथ भी कर्नाटक में पले-बढ़े और आगे चलकर भारत से खेले हैं। इसके अलावा बी.एस. चंद्रशेखर, बृजेश पटेल, डोड्डा गणेश, सय्यैद किरमानी, सुनील जोशी, इरापल्ली प्रसन्ना,गुंडप्पा विश्वनाथ और रॉजर बिन्नी जैसे क्रिकेटर भी कर्नाटक की देन हैं।

गुजरात – मौजूदा समय में भारतीय क्रिकेट टीम के कई धाकड़ खिलाड़ी इसी राज्य की देन हैं जिनमें मिस्टर भरोसेमंद के नाम से मशहूर चेतेश्वर पुजारा, रविंद्र जड़ेजा और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या का नाम शामिल है। इससे पहले पठान ब्रद्रर्स की जोड़ी युसूफ पठान और इरफान पठान भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकें हैं। 90 के दशक में भारतीय टीम के बल्लेबाज़ अजय जडेजा, ऑलराउंडर रॉबिन सिंह और विकेटकीपर नयन मोंगिया जैसे दिग्गज़ क्रिकेटर भी गुजरात ने भारत को दिए हैं। खेल की क्षेत्र में अपना बहमूल्य योगदान देने वाले पद्म भूषण वीनू मांकड़ और पद्मश्री नारी कॉन्ट्रैक्टर भी गुजरात से ताल्लुक रखते हैं जिनका नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

महाराष्ट्र – क्रिकेट के भगवान यानि सचिन तेंदुलकर का जन्म महाराष्ट्र के शहर मुंबई में ही हुआ था। सचिन के अलावा क्रिकेट इतिहास के कई बेशकीमती खिलाड़ियों का जन्म इसी राज्य में हुआ है जिन्होंने आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का डंका बजाया। एक समय पर टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की रीड की हड्डी कहे जाने वाले लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर भी महाराष्ट्र की ही देन हैं। वहीं मौजूदा समय में भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे भी इसी राज्य से ताल्लुक रखते हैं। स्विंग और यॉर्कर एक्सपर्ट कहे जाने पूर्व गेंदबाज़ अजित अगरकर, बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज़ विनोद कांबली महाराष्ट्र की ही देन हैं। दिलीप वेंगसकर, अंशुमन गायकवाड, अजित वाडेकर, वसीम जाफर और मौजूदा समय में भारतीय वनडे टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके केदार जाधव जैसे दिग्गज़ क्रिकेटर भी महाराष्ट्र ने भारतीय क्रिकेट को दिए हैं।

दिल्ली – भारत की राजधानी दिल्ली को भारतीय क्रिकेट का दिल भी कहा जा सकता है क्योंकि मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ों में शुमार और भारतीय कप्तान विराट कोहली दिल्ली से ही ताल्लुक रखते हैं। कोहली के अलावा शिखर धवन, ईशांत शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी कहे जाने वाले युवा खिलाड़ी ऋषभ पंत भी दिल्ली ने भारतीय क्रिकेट को दिए हैं। भारतीय क्रिकेट की सबसे सफलतम ओपनिंग जोड़ी वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर भी दिल्ली की ही देन हैं। रोहित-शिखर से पहले इस जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धमाल मचाते हुए विरोधी गेंदबाज़ों के नाक में दम कर रखा था, सहवाग जहां विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुंचाते थे वहीं गंभीर को सुलझा हुआ और बेहतरीन स्ट्रोक प्लेयर माना जाता था। वो गंभीर ही थे जिन्होंने 2011 वर्ल्ड कप में अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए भारत को विश्व विजेता बनाने में सबसे अहम किरदार निभाया था। हाल ही में संन्यास लेने वाले तेज़ गेंदबाज़ आशीष नेहरा भी दिल्ली की ही देन हैं।

पंजाब – पंजाब की बात हो और सिक्सर किंग युवराज सिंह का नाम न आए ऐसा मुमकिन नहीं। भारत के लिए कई यादगार पारियां खेल चुके युवराज ने 2011 विश्व कप में भारत को कई मौकों पर जीत दिलाई थी। पंजाब का यह गबरु बल्लेबाज़ भले ही आज टीम इंडिया में वापसी करने के लिए संघर्ष कर रहा है लेकिन हकीकत यह है कि भारत के बल्लेबाज़ी मध्यक्रम में उनके जैसा बल्लेबाज़ आज तक नहीं मिल पाया है। वहीं टर्बनेटर के नाम से विख्यात स्पिनर हरभजन सिंह भी पंजाब के हैं जिन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में कई बार अपने जादुई स्पेल से देश को जीत दिलाई है। इसके अलावा पंजाब ने मोहिंदर अमरनाथ और नवजोत सिंह सिंद्धू जैसे क्रिकेटर से भारत को नवाज़ा है।

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