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वनडे विश्वकप में सबसे कम लक्ष्य का बचाव करने वाली पांच टीमें

मौजूदा समय में किसी भी टीम के लिए लक्ष्य का बचाव करना आसान काम नहीं हैं। क्योंकि टी-20 फॉर्मेट आने के बाद से टीमें 10 रन प्रति ओवर के बावजूद भी आसानी से लक्ष्य का पीछा करने में सक्षम होती हैं। जिसके चलते अब वनडे क्रिकेट में 300 से ज्यादा का स्कोर भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है।

हालांकि कई बार ऐसा भी देखने को मिलता है जब टीम कम लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ जाती है और मैच गंवा बैठती है। लेकिन ऐसा पिछले 10 सालों में काफी कम ही देखने को मिला है। हम आपको वनडे विश्वकप के इतिहास में ऐसे 5 मैचों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां टीमों ने कम लक्ष्य का बचाव सफलतापूर्वक किया हैः

5 – बांग्लादेश बनाम कनाडा (साल 2003 वनडे विश्वकप)

साल 2003 के वनडे विश्वकप में बांग्लादेश और कनाडा के बीच डरबन के मैदान में खेले गए मैच में कनाडा की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया लेकिन पूरी टीम 49.1 ओवर में 180 रनों पर ऑलऑउट हो गई। इसके बाद सभी को उम्मीद थी कि बांग्लादेश इस लक्ष्य का आसानी से पीछा कर लेगी लेकिन कनाडा टीम के मध्यम गति के तेज गेंदबाज ऑस्टिन ने अपने 9 ओवरों में 5 विकेट हासिल करके बांग्लादेश को 120 पर ही ऑलऑउट कर दिया और अपनी टीम को 60 रनों की बड़ी जीत दिलाई।

4 – इंग्लैंड बनाम साउथ अफ्रीका (साल 2011 वनडे विश्वकप)

साल 2011 के वनडे विश्वकप में इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका की टीम का सामना चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुआ। इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी फैसला लिया लेकिन पूरी टीम 45.4 ओवरों में 171 रनों पर सिमट गई। इसके बाद साउथ अफ्रीका टीम के लिए यब बेहद आसान लक्ष्य था लेकिन क्रिस ब्रॉड ने अपने 6.4 ओवरों की गेंदबाजी में 4 विकेट हासिल करके अफ्रीका टीम को 165 के स्कोर पर समेटकर टीम को 6 रनों की जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।

3 – केन्या बनाम वेस्टइंडीज (साल 1996 वनडे विश्वकप)

केन्या और वेस्टइंडीज़ की टीम के बीच साल 1996 के वनडे विश्वकप में आमना-सामना पुणे के नेहरू स्टेडियम में हुआ था। इस मैच में विंडीज टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला करते हुए केन्या को 49.3 ओवरों में 166 के स्कोर पर समेट दिया। इस आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी विंडीज़ टीम की जीत को लेकर सभी आश्वस्त थे। लेकिन केन्या के रजब अली और ओडुंबे ने 3-3 विकेट हासिल करके विंडीज टीम को सिर्फ 93 के स्कोर पर समेट दिया और मैच में 73 रनों की बड़ी जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

2 – इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान (साल 1979 वनडे विश्वकप)

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच साल 1979 के वनडे विश्वकप में हेडिंग्ले के लीड्स मैदान में आमना-सामना हुआ। इस मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया और इंग्लैंड को 60 ओवरों में सिर्फ 165 के स्कोर पर रोक दिया। जिसके बाद पाकिस्तान के लिए यह बेहद आसान लक्ष्य था, लेकिन माइकल हेंड्रिक्स की शानदार गेंदबाजी के चलते पाक टीम 56 ओवोरों में 151 रन बनाकर सिमट गई।

1 – इंग्लैंड बनाम जिम्बाब्वे (साल 1992 वनडे विश्वकप)

साल 1992 के वनडे विश्वकप में इंग्लैंड और जिम्बाब्वे की टीम का सामना लेविंग्सटोन स्पोर्ट्स ओवल के मैदान में हुआ था। इस मैच में इंग्लैंड टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए 46.1 ओवर में जिम्बाब्वे की टीम को 134 रनों पर ही समेट दिया। इसके बाद इंग्लैंड के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के सामने एक आसान लक्ष्य था। लेकिन एडो ब्रांडेस की शानदार गेंदबाजी के चलते पूरी इंग्लैंड टीम 49.1 ओवरों में 125 रनों पर ऑलऑउट हो गई।

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