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5 दिग्गज खिलाड़ी जिनकी किस्मत में नहीं था विश्व कप जीतना

क्रिकेट जगत ने कई खिलाड़ी ऐसे दिए जिनके शानदार खेल की छाप उनके संन्यास के बाद भी अमिट है। क्रिकेट में अपने बहुमूल्य योगदान के चलते क्रिकेट दर्शक इन खिलाड़ियों को हमेशा याद रखेंगे। हालांकि हैरत वाली बात यह है कि सफल करियर और बड़ी उपलब्धियों के बावजूद इन खिलाड़ियों के सौभाग्य में कभी विश्वकप जीतना नहीं लिखा था। इस लेख में जानिये ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में।

सौरव गांगुली –

सौरव गांगुली
AFP

भारत के सबसे सफल कप्तानों में एक प्रिंस ऑफ कोलकाता के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट टीम को सफलता के नए आयाम तक पहुंचाया। अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी के दम पर सौरव गांगुली ने बड़े ही कम समय में बड़ा मुकाम हासिल किया। कप्तान बनने के बाद सौरव गांगुली ने एक ऐसी टीम तैयार की जो युवाओं से लैस थी। इनकी कप्तानी में भारत 2003 विश्वकप के फाइनल में पहुंचा लेकिन खिताब जीतने से वंचित रह गया। 2011 विश्वकप जीत में अहम किरदार निभाने वाले वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और जहीर खान ‘दादा’ के ही तराशे हुए हीरे हैं।

ब्रायन लारा –

 Brian Lara
AFP

दुनिया के सबसे महान बल्लेबाज़ों में शुमार वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा को 90 के दशक का बेस्ट बैट्समैन कहा जाता था। लारा एक बहुत ही स्टाइलिश बल्लेबाज़ थे जिनका अंदाज़ सबसे जुदा रहा। लारा ने 299 वनडे मैचों में 40.48 की औसत से 10,405 रन बनाए हैं जिसमें 19 शतक और 63 अर्द्धशतक शामिल हैं। कभी दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जानी वाली वेस्टइंडीज़ का वर्चस्व 90 के दशक की शुरुआत के साथ ही खत्म हो गया था, लेकिन इसका प्रभाव लारा पर नहीं पड़ा और उन्होंने लगातार अपना शानदार खेल ज़ारी रखा। हालांकि सच यही है कि इतने शानदार खिलाड़ी होने के बावजूद लारा के सिर कभी विश्व विजेता होने का सेहरा नहीं बंधा।

एबी डिविलियर्स –

एबी डिविलियर्स
AFP

विश्व क्रिकेट इतिहास में शायद ही ऐसा कोई शॉट होगा जिस दक्षिण अफ्रीका के इस होनहार बल्लेबाज़ के बल्ले से न निकला हो। मिस्टर 360 डिग्री के नाम से मशहूर डिविलियर्स भले ही क्रिकेट से संन्यास ले चुके हो लेकिम उनका नाम दुनिया का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों में शुमार है। करियर की शुरुआत से लेकर अंत तक डिविलियर्स हमेशा अपनी लाजवाब स्ट्रोक्स और बल्लेबाज़ी के लिए सुर्खियों का हिस्सा रहे। वनडे करियर की बात करें तो 228 मैचों में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करने वाले डिविलियर्स का विश्वकप जीतने का सपना अधूरा ही रह गया।

डेनियल विटोरी –

डेनियल विटोरी
AFP

न्यूज़ीलैंड के सबसे सफल बाएं हाथ के स्पिनर डेनियल विटोरी ने कुल 295 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 82 मैचों में उन्होंने देश की अगुवाई की। कई दफा अपनी स्पिन के जादू से टीम को जीत दिलाने वाले विटोरी का अपने पूरे करियर के दौरान कभी विश्वकप जीतने का खव्वाब पूरा हुआ।

कर्टनी वाल्श –

कर्टनी वाल्श
AFP

वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज और पूर्व कप्तान कर्टनी वाल्श टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज़ थे। वह कई वर्षों तक साथी गेंदबाज़ कर्टली एम्ब्रोस के साथ मिलकर शानदार गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। वाल्श ने 1984 से 2001 तक वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 205 वनडे मैच में 227 विकेट हासिल किए। अपने 17 साल के करियर में वाल्श को कभी विश्वकप उठाने का मौका नहीं मिला।

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