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जॉर्ज बेली: ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू मैच में की कप्तानी, अब हैं मुख्य चयनकर्ता

किसी भी खिलाड़ी के लिए अपने देश के लिए खेलना सबसे बड़ा सपना होता है और उसके बाद यदि उसे टीम का नेतृत्व बड़े स्तर पर करने का मौका मिल जाए तो करियर सफल माना जाता है। क्रिकेट में किसी भी ऐसी टीम का कप्तान बनना जो तीनों ही फॉर्मेट में मजबूत मानी जाती है, किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान काम नहीं होता है। पहले उसे अपने खेल के जरिए टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक बनना होता है। उसके बाद वह कप्तानी के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकता है, लेकिन ऐसा पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जॉर्ज बेली के साथ देखने को नहीं मिला था जिन्होंने साल 2012 में फरवरी में पहली बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के किसी फॉर्मेट में कदम रखा था।

उन्हें भारत के खिलाफ टी-20 मैच में डेब्यू करने का मौका मिला और इस मैच में वह बतौर कप्तान खेलने उतरे थे। किसी भी खिलाड़ी के लिए पहले ही मैच में कप्तानी करना सपना पूरा होने से कम नहीं होता है।

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ियों में गिनती होती है

जॉर्ज बेली का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही काफी बड़ा ना रहा हो लेकिन इसके बावजूद उनकी गिनती दिग्गज खिलाड़ियों में की जाती है। जॉर्ज बेली ने अपने करियर में 90 वनडे मैचों में 40.59 की औसत से 3,044 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक और 22 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। इसके अलावा टी-20 में बेली ने 30 मैचों में 24.89 की औसत से 473 रन बनाए।

हालांकि, बेली को टेस्ट फॉर्मेट में सिर्फ 5 मैच ही खेलने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 26.14 की औसत से 183 रन बनाए, जिसमें सिर्फ एक अर्धशतकीय पारी शामिल है।

अब निभा रहे ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जॉर्ज बेली अब ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह यहां पर भी लंबी पारी खेलने के इरादे से उतरे हैं। पिछले कुछ समय से भले ही ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है लेकिन बेली लगातार टीम को सही दिशा की तरफ लेकर जाने का प्रयास कर रहे हैं।

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