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जिस टीम को बनाया चैंपियन, अब उसी ने किया डेविड वॉर्नर को टीम से बाहर

डेविड वॉर्नर, इस साल से सनराइजर्स हैदराबाद में पहले इस खिलाड़ी की इज्जत इतनी थी, जितनी धोनी की चेन्नई और आरसीबी में विराट कोहली की होती है। वैसे भी वॉर्नर को ये इज्जत ऐसी ही नहीं मिली बल्कि उन्होंने ये कमाई है। इज्जत होगी क्यों नहीं, जिस खिलाड़ी ने इस टीम को चैंपियन बनाया है, वह इसी का हकदार होता है।

लेकिन कहते हैं ना, वक्त कब बदल जाए कुछ नहीं पता। जिस व़ॉर्नर का नाम प्लेइंग इलेवन बनने से पहले निश्चित होता था, उन्होंने इस सीजन पहले कप्तानी गंवाई और अब वह टीम से भी बाहर हो गए।

ये ठीक है कि वॉर्नर ने इस सीजन कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों में खराब प्रदर्शन किया लेकिन फैंस अभी भी हैदराबाद के इस फैसले से चकित है।  फैंस का निराश होना भी सही है क्योंकि वॉर्नर ने आईपीएल ऐसे ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिनके करीब भी कई दिग्गज नहीं है।

इस लीग में वॉर्नर ने अर्धशतकों की फिफ्टी मारी है, उन्होंने ये रिकॉर्ड पिछले ही मैच में चेन्नई के खिलाफ बनाया था। उनसे पहले इस लीग में 50 अर्धशतक किसी बल्लेबाज ने नहीं लगाए हैं।

वहीं आईपीएल में 14 साल से ना जाने कितने विदेशी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया लेकिन दुनिया की सबसे मुश्किल टी-20 लीग में सबसे ज्यादा रन डेविड वॉर्नर ने ही बनाए हैं। इसके अलावा 6 सीजन ऐसे गए हैं, जिनमें वॉर्नर ने अपनी टीम की तरफ से सबसे अधिक रन बनाए हैं।

अब वॉर्नर को भी यकीन नहीं हो रहा है कि ये क्या हुआ। राजस्थान के खिलाफ मैच से पहले हैदराबाद के क्रिकेट डायरेक्टर टॉम मूडी ने कहा कि “यह फैसला लेना बहुत मुश्किल था। उन्होंने कहा कि किसी को तो बाहर करना था, दुर्भाग्य से इस बार उनका नंबर था। मैं मानता हूं कि इस फैसले से हर कोई निराश होगा और वॉर्नर को भी बहुत बुरा लगा होगा।“

इस सीजन डेविड वॉर्नर पर भी कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर साफ देखा जा सकता है। जो बल्लेबाज चौके छक्को की बरसात करता था, वह अब एक एक रन के लिए तरस रहा है। इस सीजन उन्होंने 6 मैच में 193 रन तो बनाए लेकिन उनकी स्ट्राइट रेट केवल 110 की रही, जिससे कई बार टीम को नुकसान झेलना पड़ा।

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