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भारत और इंग्लैंड के बीच भारतीय जमीं पर खेले गए यह 5 टेस्ट मैच रहे सबसे यादगार

भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैचों का इतिहास बेहद पुराना है और दोनों ही टीमों के बीच कई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज देखने को मिली है। जिसमें भारतीय जमीं पर भी कई ऐसे टेस्ट मैच हुए हैं , जो फैंस की दिलों में अभी भी जिंदा है। घरेलू मैदान पर भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी दिखा है और इसी कारण टीम ने 7 टेस्ट सीरीज को अपने नाम किया। वहीं इंग्लैंड की टीम ने भी 5 बार भारत में टेस्ट सीरीज जीती है। जिसके बाद हम आपको दोनों ही टीमों के बीच भारत में खेले गए 5 यादगार टेस्ट मैचों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1 – साल 1952 मद्रास (चेन्नई) टेस्ट

साल 1952 में मद्रास (चेन्नई) में भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट मैच खेला गया था। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 266 रन बनाए थे, जिसमें पहले दिन के खेल समाप्ति तक इंग्लैंड ने 1 विकेट के नुकसान पर 224 रन बनाए थे। वहीं भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 9 विकेट के नुकसान पर 457 रन बनाकर घोषित की थी।

जिसमें पंकज रॉय के 111 और युवा खिलाड़ी पॉली उमरीगर के 130 नाबाद रन शामिल थे। पहली पारी में 191 रनों से पिछड़ने के बाद इंग्लैंड की टीम तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 19 के स्कोर पर 2 विकेट गंवा चुकी थी। जिसके बाद चौथे दिन भारतीय स्पिनरों ने इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 183 के स्कोर पर समेट कर टीम को एक पारी और 8 रन की जीत दिलाई। दूसरी पारी में भारत के लिए वीनू मांकड और गुलाम अहमद ने 4-4 विकेट हासिल किए थे।

2 – साल 1993 मुंबई टेस्ट

साल 1993 में इंग्लैंड को भारत में पहली बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। इस दौरे पर मुंबई में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में ग्राहम हिक के 178 रनों की पारी की बदौलत 347 का स्कोर बनाया था। इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली में 591 रनों का विशाल स्कोर बनाकर इंग्लैंड की टीम को अचम्भे में डाल दिया।

जिसमें विनोद कांबली की 224 रनों की शानदार पारी शामिल थी, जिसके चलते इंग्लैंड के खिलाड़ियों को लगभग 190 ओवर तक फील्डिंग करते हुए मैदान में बिताने पड़े थे। इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में बिल्कुल ही असहज दिखाई दी और भारत ने इस टेस्ट मैच में एक पारी और 15 रनों की जीत हासिल की। जिसमें अनिल कुंबले ने 4 और मनोज प्रभाकर ने 3 विकेट हासिल किए थे।

3 – साल 2006 मुंबई टेस्ट

ऑस्ट्रेलिया को अपने घरेलू मैदान पर हराने के बाद भारतीय दौरे पर आई इंग्लैंड की टीम ने 3 मैचों की इस टेस्ट सीरीज को बराबरी पर खत्म किया था। मुंबई में खेले गए मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 400 का स्कोर बनाया जिसमें एंड्रयू स्ट्रॉस के 128 रनों की पारी शामिल है। इसके बाद जेम्स एंडरसन ने गेंदबाजी में 40 रन देकर 4 विकेट हासिल करके भारतीय टीम की पहली पारी को 241 रनों पर ही समेट दिया।

वहीं दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम सिर्फ 191 का स्कोर ही बना सकी लेकिन भारत टीम को जीत के लिए 300 से ज्यादा रनों का लक्ष्य मिला। इस लक्ष्य का पीछा करना भारतीय पिचों पर आसान काम नहीं था और इसी के चलते टीम इंडिया अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 100 के स्कोर पर ही सिमट गई।

4 – साल 2008 चेन्नई टेस्ट

यह टेस्ट सभी भारतीय फैंस के दिलों में अभी भी यादगार है। इस मैच की पहली पारी में इंग्लैंड की टीम ने बल्लेबाजी करते हुए एंड्रयू स्टॉस के शानदार 123 रनों की बदौलत 316 का स्कोर बनाया था। वहीं जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी सिर्फ 241 के स्कोर पर सिमट गई। जिसका श्रेय इंग्लैंड के हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ और स्पिनर मोंटी पनेसर की शानदार गेंदबाजी को जाता है। दोनों ने मिलकर 7 भारतीय खिलाड़ियों को अपना शिकार बनाया था।

पहली पारी में मिली बढ़त का लाभ उठाते हुए स्ट्रॉस और कॉलिंगवुड ने 108-108 रनों की पारी खेलते हुए भारत के सामने चौथी पारी में 387 रनों का लक्ष्य रखा। जिसके बाद वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की ओपनिंग जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 122 रनों की तेज शुरूआत करके टीम को मैच में वापस ला दिया।

खेल के 5वें दिन सचिन तेंदुलकर ने एक छोर संभालते हुए युवराज सिंह के साथ मिलकर 5वें विकेट के लिए 163 रनों की साझेदारी करके भारतीय टीम को एक ऐतिहासिक जीत दिलाने का काम किया। इस मैच में सचिन ने जहां 103 रनों की नाबाद पारी खेली तो वहीं युवराज सिंह ने 85 रन बनाए थे।

5 – साल 2012 मुंबई टेस्ट

इस टेस्ट सीरीज के पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम को एकतरफा हार का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद मुंबई के वानखेड़े मैदान में सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला गया। इस टेस्ट मैच की पहली पारी में भारतीय टीम 327 रन बनाकर सिमट गई। इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने अपनी पारी में केविन पीटरसन के 186 वहीं एलिस्टर कुक के 122 रनों की बदौलत 413 रन बनाकर पहली पारी में 85 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

टीम इंडिया के बल्लेबाज दूसरी पारी में भी इंग्लैंड की स्पिन जोड़ी के सामने संघर्ष करते नजर आए और जिसके चलते पूरी टीम 142 के स्कोर पर सिमट गई। जिसके बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 58 रनों का मामूली लक्ष्य मिला और उन्होंने बिना नुकसान के इसे हासिल कर लिया। इस मैच में ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की स्पिन जोड़ी ने कुल 19 विकेट हासिल किए थे।

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