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जब वर्ल्‍डकप में दक्षिण अफ्रीका को पहली बार हराकर भारत ने रचा इतिहास

क्रिकेट मौजूदा समय में तीन प्रारूप में खेला जाता है, जिसमें 50 ओवर का प्रारूप आज भी इस खेल का सबसे अहम अंग है। 50 ओवर के क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट विश्वकप 2019 में खेला जाएगा, जिसकी मेजबानी दुनिया को क्रिकेट देने वाला देश इंग्लैंड करेगा। इंग्लैंड में खेला जाने वाला यह वर्ल्ड कप कई मायनों में खास होने वाला है, क्योंकि 27 साल बाद यह वर्ल्ड कप राउंड रॉबिन फार्मेट में खेला जाएगा। इससे पहले सन् 1992 में एकदिवसीय वर्ल्डकप इस फार्मेट में खेला गया था, जिसमें 9 टीमें शामिल हुई थीं। हालांकि इस बार 10 टीमों के बीच खिताबी जंग होगी।

भारत के लिहाज से ये टूर्नामेंट बेहद खास है और टीम खिताबी जीत करने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। लेकिन साल 2015 के विश्वकप में टीम सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। उस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने सबसे बड़ी जीत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दर्ज की थी, तो इस लेख में जानें उस मुकाबले में भारत और प्रोटियाज के बीच कैसी जंग हुई थी।

भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, 2015

भले ही भारतीय टीम साल 2015 वर्ल्ड कप का खिताब न जीत पाई हो लेकिन इस टूर्नामेंट में टीम का काफी अच्छा प्रदर्शन रहा था। भारतीय टीम ने 2015 के वर्ल्ड कप में पहली बार दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा था। भारतीय टीम इससे पहले कभी भी विश्वकप में दक्षिण अफ्रीका को नहीं हरा पाई थी। साल 2015 में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 130 रन से हराया था।

एमसीजी में हुआ था मुकाबला

22 फरवरी 2015 को दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए सात विकेट पर 307 रन बनाए थे। भारतीय पारी में सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन ने 146 गेंद में 137 रन और अजिंक्य रहाणे ने 60 गेंद में 79 रन बनाए थे। वहीं इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम 40.2 ओवर में 177 रन पर सिमट गई थी। हालांकि भारतीय टीम ने आखिरी 39 गेंदों में मात्र 46 रन बनाए और इस दौरान टीम के पांच बल्लेबाज़ पवेलियन चले गए थे। लेकिन धवन की धुआंधार पारी ने टीम को संभाला और 16 चौके और दो छक्के की मदद से धवन ने अपना सातवां वनडे शतक जड़ा, जो वर्ल्डकप में किसी भी बल्लेबाज़ का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर बना।

भारतीय गेंदबाजों का दिखा था कमाल

मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ों की बात करें तो टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और चौथे ही ओवर में क्विंटन डीकॉक को तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने महज 7 रन पर चलता कर दिया था। उसके बाद मोहित शर्मा ने पहले हाशिम अमला को चलता किया और उसके बाद एक सटीक थ्रो के जरिये कप्तान एबी डिविलियर्स (30) को रनआउट करके दक्षिण अफ्रीका की कमर तोड़ दी। भारतीय गेंदबाज आर अश्विन ने सबसे ज्यादा तीन और मोहित शर्मा व मोहम्मद शमी ने दो-दो विकेट लिए थे।

भारतीय टीम ने तोड़ा मिथक

आपको बता दें कि इससे पहले वर्ल्डकप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम 3 मैच खेली थी, जिसमें तीनों में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। इस तरह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर भारत ने इतिहास रचते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वर्ल्डकप में पहली जीत दर्ज की। भारतीय टीम सन् 1992, 1999 और 2011 में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ी थी जहां तीनों बार भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था। 1992 में पीटर कर्स्टन, 1999 में जैक कैलिस और 2011 में कैलिस और एबी डिविलियर्स ने प्रोटेस टीम को विजेता बनाया था।

ये रिकॉर्ड भी बने

इससे पहले दक्षिण अफ्रीका को खिलाफ भारतीय टीम का सर्वाधिक स्कोर 296 रन था, जो साल 2011 में नागपुर में बनाया था। इस तरह भारतीय टीम ने 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 307 रन बनाकर विश्वकप में सबसे बड़ा स्कोर बनाया।

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