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यादगार वापसीः जब भारत ने इंग्लैंड को शानदार वापसी करके दी थी पटखनी

भारतीय टीम के लिए कभी भी इंग्लैंड का दौरा आसान नहीं रहा है। इसके कारण जब भी हमें यहां पर जीत मिली है तो वह ऐतिहासिक ही हुई है। आज तक भारतीय टीम लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर सिर्फ 3 बार ही टेस्ट क्रिकेट में मेजबान टीम को मात देने में कामयाब हो पाई है। हालांकि, भारतीय टीम का नॉटिंघम के मैदान पर हमेशा टेस्ट रिकॉर्ड बेहतर ही देखने को मिला है।

विदेशी जमीन पर भारतीय टीम का पिछले 2-3 सालों में जीत का रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है, खासकर ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में जहां पर एशियाई टीमों के लिए जीत हासिल करना आसान काम नहीं होता है। इसकी सबसे बड़ी वजह भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाज हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर यह मुमकिन किया है। इसी में एक जीत साल 2018 के नॉटिंघम में हुए टेस्ट मैच में देखने को मिली थी, जिसमें भारतीय टीम ने मेजबान इंग्लैंड के खिलाफ 203 रनों से जीत दर्ज की थी।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी

इस सीरीज के पहले 2 टेस्ट में हार का सामना करने वाली भारतीय टीम के लिए इस मैच में जीतना बेहद जरूरी था। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जिसके बाद भारतीय टीम के ओपनिंग बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को अच्छी शुरुआत दी। हालांकि, अचानक टीम के 3 विकेट 82 के स्कोर पर गिर गए।

यहां से कप्तान विराट कोहली और उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने पारी को संभालते हुए 241 के स्कोर तक लेकर गए। लेकिन रहाणे के 81 के स्कोर पर आउट होने के बाद अचानक विकेट गिरने का सिलसिला काफी तेजी से देखने को मिला जिसमें कप्तान कोहली भी 97 के स्कोर पर अपना विकेट गंवा बैठे और भारतीय टीम की पहली पारी 329 के स्कोर पर सिमट गई।

हार्दिक ने गेंद से दिखाया जादू

एलिस्टर कुक और कीटोन जेनिंग्स की ओपनिंग जोड़ी ने अर्धशतकीय साझेदारी करते हुए मेजबान टीम को अच्छी शुरुआत देने का काम किया लेकिन जब ऐसा लगा कि इंग्लैंड की टीम यहां से बड़ा स्कोर बनाने में कामयाब होगी तो इशांत और बुमराह ने टीम को शुरुआती सफलता दिलाने के काम किया। इसके बाद हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की स्विंग गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज संघर्ष करते हुए दिखाई दिए।

इसके बाद इंग्लैंड टीम की पहली पारी सिर्फ 161 के स्कोर पर सिमट गई और भारतीय टीम को 168 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हो गई। हार्दिक ने जहां सिर्फ 6 ओवरों में 5 विकेट हासिल किए तो वहीं बुमराह और इशांत ने भी 2-2 विकेट अपने नाम किए थे।

कप्तान कोहली के बल्ले से निकली शतकीय पारी

मैच में अपनी जीत को पुख्ता करने के लिए भारतीय टीम को अपनी दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाने की जरूरत थी। इसमें ओपनिंग जोड़ी ने 60 रनों की साझेदारी करते हुए फिर से टीम को अच्छी शुरुआत दी वहीं, तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे चेतेश्वर पुजारा ने महत्वपूर्ण 72 रनों की पारी खेली, जबकि कप्तान कोहली के बल्ले से शानदार 103 रनों की शतकीय पारी देखने को मिली।

इस प्रदर्शन की वजह से भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 7 विकेट के नुकसान पर 352 रन बनाते हुए घोषित की और इंग्लैंड को चौथी पारी में 521 रनों का असंभव लक्ष्य दिया।

बुमराह ने लिए 5 विकेट तो बटलर की शतकीय पारी गई बेकार

यह तय हो गया था कि इंग्लैंड की टीम के लिए इस मैच को बचा पाना आसान काम नहीं रहने वाला है। इसके बाद 62 के स्कोर तक इंग्लैंड ने अपने 4 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे जिसमें कप्तान रूट का भी विकेट शामिल था। हालांकि, यहां से बटलर और बेन स्टोक्स के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी जरूर देखने को मिली जिसमें दोनों ने मिलकर स्कोर को 231 तक पहुंचा दिया था।

बटलर जैसे ही 106 रनों की पारी खेलने के बाद बुमराह का शिकार बने, उसकी अगली ही गेंद पर इंग्लैंड को 6वां झटका बेयरस्टो के रूप में लग गया। फिर यहां से इंग्लैंड की हार लगभग तय हो चुकी थी। इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में 317 के स्कोर पर सिमटी और भारतीय टीम ने नॉटिंघम के मैदान पर 203 रनों की बड़ी जीत दर्ज करते हुए सीरीज को जीवित रखा। बुमराह ने इस पारी में सबसे ज्यादा 5 तो इशांत ने 2 विकेट हासिल किए थे।

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