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भारतीय मूल के वो महान क्रिकेटर, जिन्होंने अन्य देशों से खेला क्रिकेट

किसी भी इंसान के हुनर को सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता है। वह अपनी छाप छोड़ने का ज़रिया अपने आप ही ढूंढ निकालता है। क्रिकेट में भी कुछ ऐसे ही नायाब उदाहरण मिलते हैं। दरअसल भारत में कुछ ऐसे क्रिकेटर हुए हैं, जो पैदा तो हुए भारत में लेकिन उन्होंने क्रिकेट खेला किसी अन्य देश के लिए। यही नहीं दूसरे देशों से खेलने वाले इन भारतीय मूल के क्रिकेटरों ने अपने करियर में अपार सफलता भी हासिल की। जानिए कौन हैं अन्य देशों से खेलने वाले भारतीय मूल के पांच क्रिकेटर-

नासिर हुसैन

एक समय पर इंग्लैंड की क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने वाले नासिर हुसैन का जन्म भी भारत में ही हुआ था। इनका जन्म तमिलनाडु के चेन्नई में हुआ था। लेकिन जब इनकी उम्र मात्र 7 वर्ष ही थी, तभी इनका परिवार एसेक्स में जाकर बस गया। दरअसल नासिर के पिता जावेद जहां एक भारतीय मुस्लिम थे। जबकि उनकी मां ब्रिटिश थीं। ऐसे में नासिर ने बाद में इंग्लैंड की क्रिकेट टीम से ही खेलना शुरू किया और अपार सफलता हासिल की। नासिर ने अपने करियर में 96 टेस्ट मैच और 88 वनडे मैच खेले हैं। जिसमें इन्होंने क्रमशः 5,764 रन और 2,332रन बनाए हैं। नासिर ने टेस्ट में 14 शतक और 34 अर्द्धशतक लगाए हैं तो वहीं वनडे में भी इन्होंने 1 शतक और 16 अर्द्धशतक लगाए हैं।

हाशिम अमला

वर्तमान समय में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के एक स्टार क्रिकेटर के रूप में पहचान बनाने वाले हाशिम अमला भी भारतीय मूल के ही हैं। उनके दादा का जन्म गुजरात के सूरत में हुआ था लेकिन बाद में उनका परिवार दक्षिण अफ्रीका में जाकर बस गया। ऐसे में अमला को भी वहीं की नागरिकता मिल गई और बाद में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम से खेलना शुरू किया। अमला ने 28 नवंबर 2004 को भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट खेलकर अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने अब तक देश के लिए 100 से अधिक टेस्ट में 9000 स् ज्यादा रन बनाए हैं। वही वनडे में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।

रोहन कन्हाई

रोहन कन्हाई को एक समय पर दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक माना जाता था। जो कि एक भारतीय मूल के खिलाड़ी थे। रोहन ने वेस्टइंडीज की तरफ से क्रिकेट खेला और अपने करियर में बेजोड़ सफलता हासिल की। रोहन कन्हाई के लिए एक बार सुनील गावस्कर ने कहा था कि कन्हाई विश्व के सबसे महान बल्लेबाज हैं, जिसे उन्होंने खेलते हुए देखा है। कन्हाई वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे हैं। इसके बाद वह 1992 में नेशनल टीम के कोच भी बने थे। रोहन ने 30 मई 1957 को इंग्लैंड के खिलाफ अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। जिसके बाद इन्होंने अपने करियर में 79 टेस्ट मैचों में 15 शतक और 28 अर्द्धशतक की मदद से 6,227 रन बनाए। जिसमें इनका बेस्ट स्कोर 256 रन था। वहीं इन्होंने 7 वनडे मैच भी खेले हैं, जिसमें इन्होंने 2 अर्द्धशतक की मदद से 164 रनों का योगदान दिया।

एल्विन कालीचरण

इनका नाम भी भारतीय मूल के उन क्रिकेटर्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है, जिन्होंने वेस्टइंडीज की तरफ से क्रिकेट खेला। वह वेस्टइंडीज की तरफ से खेलने वाले भारतीय मूल के तीसरे खिलाड़ी थे। उन्होंने 1972 से 1981 तक वेस्टइंडीज की टीम से क्रिकेट खेला और वह 1975 और 1979 की विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा भी रहे। इन्होंने अपने करियर में 66 टेस्ट मैच और 31 वनडे मैच खेले।

शिवनारायण चंद्रपॉल

वेस्टइंडीज के इस पूर्व क्रिकेटर का जन्म भले ही गुयाना में हुआ था लेकिन उनका परिवार भारत से जुड़ा हुआ था। चंद्रपॉल को अपने अजीबोगरीब बल्लेबाज़ी स्टाइल के लिए जाना जाता है। जिन्होंने इस खेल में बेजोड़ खेल का नमूना पेश किया। चंद्रपाल वेस्टइंडीज की तरफ से सबसे ज्यादा 164 टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में चंद्रपॉल 11867 रनों के साथ विश्व में सांतवे नंबर पर हैं। चंद्रपॉल इसके अलावा अपने वनडे करियर में भी 268 मैचों में 8,778 रन बनाए हैं, जिसमें 11 शतक और 59 अर्द्धशतक शामिल हैं।

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