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INDvsENG: इंग्लैंड के खिलाफ इन 3 खिलाड़ियों का चयन ना होने से सभी अंचभित

ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर एडिलेड टेस्ट मैच में हार के बाद किसी ने भी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि भारतीय टीम इस सीरीज को अपने नाम पर कर सकेगी। लेकिन टीम इंडिया ने सभी आलोचकों का मुंह बंद करते हुए टेस्ट सीरीज में शानदार वापसी तो की ही साथ ही सीरीज को भी 2-1 से अपने नाम पर किया।

अब भारतीय टीम को अपनी अगली टेस्ट सीरीज घरेलू जमीन पर 5 फरवरी से इंग्लैंड के खिलाफ खेलनी है। जिसके लिए पहले 2 टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिस तरह पूरी टीम ने सभी मुश्किलों से पार पाते हुए सीरीज में जीत हासिल की खास करके गाबा में उसके बाद टीम का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ गया है।

अब सभी का ध्यान इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट सीरीज पर है। क्योंकि इस सीरीज में जीत हासिल करने के साथ भारतीय टीम का आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में खेलने की दावेदारी काफी पुख्ता हो जाएगी। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जहां टीम इंडिया में कुछ बड़े खिलाड़ियों की वापसी हुई है, तो वहीं कुछ ऐसे भी खिलाड़ी है जिनका चयन ना होने से सभी का ध्यान इस तरफ भी गया है।

1 – शहबाज नदीम

जब भी भारतीय टीम अपनी घरेलू जमीन पर खेलती है तो टीम के स्पिन विभाग में काफी मजबूती देखने को मिलती है। ताकि घरेलू पिच का लाभ उठाया जा सके। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में रविंद्र जडेजा के घायल हो जाने से गाबा में उनकी जगह पर वाशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया था। जिसके बाद सुंदर ने टीम के लिए मैच विनिंग प्रदर्शन किया।

हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में सभी को उम्मीद थी कि मैनजमेंट घरेलू हालात को देखते हुए किसी फिंगर स्पिनर को तरजीह देगा लेकिन शहबाज नदीम को टीम में शामिल नहीं किया गया। शहबाज ने अभी तक घरेलू क्रिकेट में 117 मैचों में 443 विकेट हासिल किए हैं। वहीं उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच भी खेलने का मौका मिला। जिसमें इस स्पिनर ने 2.30 के इकॉनमी रेट से 4 विकेट हासिल किए थे।

लेकिन इसके बावजूद उनका चयन टीम में नहीं किया गया। जिसकी सबसे बड़ी वजह सुंदर का बल्लेबाजी पक्ष मजबूत होना है और वह टीम में जडेजा की जगह के लिए बैकअप खिलाड़ी के तौर पर भी देखे जा रहे हैं।

2 – टी. नटराजन

भारतीय टीम के लिए ऑस्ट्रेलिया का यह दौरा हमेशा यादगार रहेगा। क्योंकि टीम ने इस दौरे पर जिस तरह से अपने जज्बे को दर्शाया है उसकी पूरी खेल जगत में प्रशंसा देखने को मिली है। इस सीरीज को जीतने में टी. नटराजन ने भी अहम भूमिका अदा की है। बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने गाबा में डेब्यू करते हुए एक छोर से लगातार बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। जिसके चलते दूसरे छोर से गेंदबाजों को लाभ मिला।

इस प्रदर्शन के बाद नटराजन का इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम में चयन ना होना सभी के लिए एक अचम्भे की बात है। नटराजन को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए एक नेट गेंदबाज के तौर पर शामिल किया गया था। लेकिन उसके बाद वरूण चक्रवर्ती के चोटिल होने की वजह से वह टीम का हिस्सा बन गए थे।

नटराजन को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में डेब्यू करने का मौका मिला और फिर उन्होंने टी-20 सीरीज के तीनों मैचों में खेलते हुए सिर्फ 6.92 के इकॉनमी रेट से रन दिए थे। लेकिन उनका इंग्लैंड के खिलाफ चयन ना होने से सभी को एक झटका सा जरूर लगा है।

3 – भुवनेश्वर कुमार

आज के दौर में भारतीय टीम का तेज गेंदबाजी क्रम बेहद मजबूत और खरतनाक दिखाई देता है, जिसका सबसे बड़ा श्रेय कप्तान विराट कोहली को जाता है। वहीं कोहली की कप्तानी में यदि किसी गेंदबाज ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया है, तो वह भुवनेश्वर कुमार हैं। दाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले काफी लंबे समय से अनफिट चल रहे थे।

जिसके बाद भुवनेश्वर ने साल 2021 की शुरूआत में खेली जा रही घरेलू टी-20 टूर्नामेंट सयैद मुश्ताक अली ट्राफी में हिस्सा लिया है। इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के साथ भुवी अपनी मैच फिटनेस को भी साबित कर रहे हैं। जिसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शामिल नहीं किए जाने से एक झटका लगा है।

अभी तक भुवनेश्वर कुमार ने 21 टेस्ट मैचों में खेलते हुए 63 विकेट हासिल किए हैं। वहीं उनका एक टेस्ट में सबसे शानदार प्रदर्शन भी इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान में है। जिसमें उन्होंने सिर्फ 82 रन देकर 6 विकेट हासिल किए थे। इसके अलावा भुवी की बल्लेबाजी भी टीम को निचलेक्रम में एक अतिरिक्त मजबूती प्रदान करती है।

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