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आईपीएल 2021, टीम प्रिव्यूः चेन्नई सुपर किंग्स

इंडियन प्रीमियर लीग का 13वां सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बेहद खराब रहा था और टीम पहली बार आईपीएल इतिहास में प्लेऑफ के लिए तक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थी। टीम ने सीजन का अंत 7वें स्थान पर रहते हुए किया था। जिसके बाद अब चेन्नई पर 14वें सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने का एक दबाव भी देखा जा सकता है।

भले ही चेन्नई सुपर किंग्स ने पिछले सीजन अच्छा प्रदर्शन ना किया हो लेकिन इसके बावजूद टीम मैनेजमैंट ने कई खिलाड़ियों को नीलामी प्रक्रिया से पहले रिटेन करने का फैसला किया। वहीं इस बार टीम में नए खिलाड़ियों के तौर पर रॉबिन उथप्पा के अलावा मोईन अली और चेतेश्वर पुजारा भी दिखाई देंगे। जिसके बाद 14वें सीजन में टीम की कमजोरियों और मजबूतियों पर एक नजर डालते हैं।

अनुभव और शानदार ऑलराउंडर्स

इस सीजन चेन्नई की टीम को देखा जाए तो उसमें कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो लंबे समय से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। जिसमें कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा सुरेश रैना, फॉफ डू प्लेसी, ड्वेन ब्रावो, रविंद्र जडेजा और रॉबिन उथप्पा का नाम शामिल है। इसके अलावा शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर भी अब टीम के एक मजबूत स्तंभ के तौर पर दिखाई देते हैं।

इसके अलावा चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में कई ऑलराउंडर्स खिलाड़ी शामिल हैं, जो किसी भी टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं। टीम के पास ड्वेन ब्रावो, सैम करन, दीपर चाहर, कृष्णप्पा गौतम के तौर पर ऐसे खिलाड़ी हैं, जो बल्ले और गेंद दोनों से मैच विनिंग प्रदर्शन करने का दम रखते हैं।

कम अभ्यास और अधिक उम्र पड़ सकती है भारी

आईपीएल में बाकी टीमों के मुकाबले चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाड़ियों पर एक नजर डाली जाए तो उसमें कई खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने पिछले काफी समय से प्रोफेशनल क्रिकेट नहीं खेला है और इसमें सबसे पहला नाम खुद कप्तान धोनी का आता है। इसके अलावा सुरेश रैना ने जरूर सयैद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इस सीजन में खेला लेकिन वह भी अपने प्रदर्शन से अधिक प्रभावित नहीं कर सके।

वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के अधिकतर खिलाड़ियों की उम्र भी 30 साल से अधिक है, जिसके चलते फिटनेस एक बड़ा सवाल बन सकती है और इसका असर हमें यूएई में खेले गए पिछले सीजन में भी देखने को मिला था। जिसके चलते जहां एक तरफ टीम पर खिलाड़ियों का कम अभ्यास भारी पड़ सकता है, वहीं फिटनेस को लेकर भी चेन्नई सुपर किंग्स के बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।

भारतीय बल्लेबाजों का मिल सकता है लाभ

इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पर यदि विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर नजर डाली जाए तो उसमें फॉफ डू प्लेसी को छोड़कर बाकी सभी भारतीय खिलाड़ी हैं। इसका लाभ चेन्नई सुपर किंग्स को घरेलू हालात देखते हुए मिल सकता है। वहीं टीम में मौजूद दूसरे विदेशी खिलाड़ी या तो ऑलराउंडर की भूमिका में दिखाई देंगे या गेंदबाज के तौर पर खेलते दिखेंगे।

इस साल के अंत में होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्डकप को देखते हुए चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में शामिल भारतीय खिलाड़ियों के पास भी खुद को साबित करने का एक अच्छा मौका होगा ताकि वह चयनकर्ताओं की नजरों में भी आ सकें और इसका टीम को भी उनके अच्छे प्रदर्शन से मिल सकता है।

ये हो सकती है प्लेइंग 11

एमएस धोनी(कप्तान व विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़, अंबाती रायडू, सुरेश रैना, फाफ डुप्लेसिस, सैम करन, ड्वेन ब्रावो, रवींद्र जडेजा, दीपक चाहर, शार्दुल ठाकुर, इमरान ताहिर।

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