close
DOWNLOAD 100MB MOBILE APP

अब सहवाग की कमी दूर करने उतरेंगे जेसन रॉय!

विश्व कप में धमाकेदार तूफानी पारी खेलने वाले जेसन रॉय को बोर्ड की ओर से खिताब के बदले रिटर्न गिफ्ट मिला है। रॉय को टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका दिया जा रहा है। वो आयरलैंड के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट(चार दिवसीय) के साथ लंबे फॉर्मेट में अपने सफर की शुरुआत करेंगे। रॉय को लेकर बोर्ड काफी उत्साहित है और उन्में भविष्य का टेस्ट ओपनर देख रहा है। 24 जुलाई से शुरू होने वाले इस टेस्ट मैच को एशेज से पहले एक अभ्यास की तरह देखा जा रहा है।

एशेज के लिए हैं पहली पसंद

1 अगस्त से शुरू होने वाले एशेज के लिए जेसन रॉय बतौर ओपनर टीम की पहली पसंद हैं। मुख्य चमनकर्ता एड स्मिथ ने उन्हें एक पूर्ण खिलाड़ी माना है। रॉय के ऊपर स्मिथ और कप्तान जो रूट की नजरें काफी पहले से थीं। पूर्व कप्तान एलिएस्टर कुक के संन्यास के बाद टीम को एक सधे हुई सलामी बल्लेबाज की जरूरत थी और दोनों की खोज रॉय पर जा कर खत्म हुई। विश्व कप शुरू होने से पहले दोनों ने रॉय की टेस्ट भूमिका तलाश ली थी, उन्हें सिर्फ इस बात का इंतजार था कि वो विश्व कप में किस तरह से बल्लेबाजी करते हैं। उन्होंने यहां सात पारी में 443 रन बनाकर अपनी क्षमता साबित कर दी।

सहवाग की पारी याद दिला सकते हैं रॉय

टेस्ट क्रिकेट में रोमांच का तड़का लगाने की शुरुआत भारत के वीरेन्द्र सहवाग ने की थी। अपनी आतिशी पारियों के साथ वो पहली गेंद से ही विरोधी बल्लेबाज पर दबाव बनाना शुरु कर देते थे। चौकों छक्कों की बरसात के बीच स्कोरबोर्ड काफी तेजी से आगे बढ़ता था जिसका फायदा टीम के साथ टेस्ट क्रिकेट भी हुआ। दर्शकों के बीच सहवाग को लेकर एक अलग छवि बन गई थी जिसकी तलाश उन्हें लंबे समय से थी। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडम मैक्कलम का खेल भी कुछ इसी तरह का था लेकिन स्ट्राइक रेट के मामले में वो सहवाग से काफी पीछे रहे। सहवाग ने अपने 12 साल के टेस्ट करियर में 104 मुकाबले खेले जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 82.2 का रहा। वो इस मामले में तीसरे नंबर पर हैं उनसे आगे टिम साउदी(86.54) और शाहिद अफरीदी(86.97) ही हैं।

सहवाग की गिनती टेस्ट क्रिकेट के आक्रामक ओपनर में होती है

रॉय की बल्लेबाजी भी पूरी तरह सहवाग की तरह है। उनके पास कई तरह के शॉट हैं और पहली ही गेंद से विरोधियों पर हमला करने की क्षमता रखते हैं। अगर वो अपनी इस बल्लेबाजी को क्रिकेट के लंबे फॉर्मेट में में जारी रखते हैं तो लगभग छह साल के बाद विश्व क्रिकेट को टेस्ट मैच में एक तूफानी ओपनर देखने को मिलेगा। सहवाग के संन्यास के बाद इस तरह की बल्लेबाजी अब देखने को नहीं मिलती है।

हालांकि रॉय के लिए यह सब आसान नहीं होगा क्योंकि वो फर्स्ट क्लास क्रिकेट से दूर चल रहे हैं। 28 साल के रॉय ने अभी तक अपनी काउंटी टीम सर्रे के लिए कभी सलामी बल्लेबाज की भूमिका नहीं निभाई जबकि पिछले 22 महीनों में उन्होंने सिर्फ तीन फर्स्ट क्लास मुकाबले ही खेले हैं। अपने करियर में उन्होंने 81 मैच की 132 पारी में 82.11 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। जो बताता है कि वो हर फॉर्मेट में एक ही तरह से खेलते हैं। हालांकि सफेद गेंद के खिलाफ पारी का आगाज करना लाल गेंद की तुलना में आसान नहीं होता और शुरुआती सीरीज में ही उन्हें कई विश्व स्तरीय गेंदबाज का सामना करना होगा।

आयरलैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की टीम इस प्रकार है :-

जो रूट (कप्तान), मोइन अली, जिमी एंडरसन, जॉनी बेयरस्टो, स्टुअर्ट ब्रॉड, रोरी बर्न्स, सैम कुरेन, जो डेनली, लुईस ग्रेगरी, जैक लीच, जेसन रॉय, ऑली स्टोन, क्रिस वोक्स।

Leave a Response

Shashank

The author Shashank

2011 विश्व कप के साथ शशांक ने अपनी खेल पत्रकारिता की शुरआत की। क्रिकेट के मैदान से लेकर हर छोटी बड़ी खबरों पर इनकी नज़र रहती है। खेल की बारीकियों से लेकर रिकॉर्ड बुक तक, हर उस पहलू पर नजर होती है जिसे आप पढ़ना और जानना चाहते हैं। क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी इनकी गहरी रूची है। कई बड़े मीडिया हाउस को अपनी सेवा दे चुके हैं।