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आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक ऐसा रहा भारतीय टीम का सफर

टेस्ट क्रिकेट को जीवित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने टॉप-9 टीमों के बीच आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप कराने का फैसला किया था। जिसको 2 साल पूरा करने के बाद शीर्ष पर रहने वाली 2 टीमों के बीच इसका फाइनल मैच खेला जाएगा। कोरोना महामारी के चलते इस चैंपियनशिप को 1 साल आगे बढ़ाना पड़ा लेकिन अब इंग्लैंड के साउथैम्पटन में 18 से 22 जून तक भारत और न्यूजीलैंड की टीम के बीच इसका फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।

भारतीय टीम के लिए आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने तक का सफर आसान नहीं था, क्योंकि टीम को घरेलू जमीन के साथ-साथ विदेशी धरती पर भी अच्छा प्रदर्शन करना था। हालांकि टीम ने खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करते हुए अंकतालिका में पहले स्थान पर खत्म किया। जिसके बाद हम आपको भारतीय टीम का आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में फाइनल तक के सफर के बारे में बताने जा रहे हैं।

वेस्टइंडीज दौरे पर जीते दोनों टेस्ट मैच

भारतीय टीम का आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में सफर साल 2019 में वेस्टइंडीज के दौरे से हुआ था। जिसमें टीम को 2 टेस्ट मैच खेलने थे और दोनों में शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को अपने नाम पर किया था। इस सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम ने 318 रनों से जीत के साथ करने के बाद दूसरे टेस्ट मैच में भी 257 रनों की बड़ी जीत दर्ज की थी।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज को किया अपने नाम

विंडीज के खिलाफ जीत के साथ शुरूआत करने के बाद भारतीय टीम को अपनी अगली टेस्ट सीरीज घरेलू जमीन पर दक्षिण अफ्रीका के साथ खेलनी थी। 3 मैचों की इस टेस्ट सीरीज का पहला मैच विशाखापट्टनम के मैदान में खेला गया जिसमें भारतीय टीम ने 1 पारी और 137 रनों की जीत दर्ज करते हुए सीरीज का शानदार आगाज किया था। इसके बाद पुणे और रांची में खेले गए सीरीज के अगले दोनों टेस्ट मैच में भी यही कहानी देखने को मिली और भारतीय टीम ने सीरीज को 3-0 से अपने नाम करते हुए आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में पहले स्थान पर खुद को काबिज रखा हुआ था।

बांग्लादेश के खिलाफ भी दिखा एकतरफा प्रदर्शन

भारतीय टीम को अपनी अगली घरेलू सीरीज पड़ोसी देश बांग्लादेश के खिलाफ 2 मैचों की खेलनी थी, जिसका पहला मैच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला गया और इसमें भारत ने 1 पारी और 130 रनों से जीत दर्ज की। जिसके बाद अगला टेस्ट कोलकाता के मैदान में पिंक बॉल टेस्ट होना था। यह टेस्ट मैच महज 2 दिन के भीतर ही खत्म हो गया और भारतीय टीम ने एक पारी और 46 रनों से जीत हासिल करते हुए आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में लगातार तीसरी सीरीज पर लगातार कब्जा किया।

न्यूजीलैंड दौरे पर मिली हार

भारतीय टीम को साल साल 2020 की शुरूआत में 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए न्यूजीलैंड का दौरा करना था। इस सीरीज का पहला मैच वेलिंगटन के मैदान में खेला गया जिसमें भारतीय टीम को 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इसके बाद क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में भी भारतीय टीम को 7 विकेट से हार का सामना करने के साथ 2-0 से सीरीज भी गंवानी पड़ी। यह आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में भारतीय टीम की पहली टेस्ट सीरीज हार थी।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दिखा भारतीय टीम का दम

कोरोना महामारी के चलते आईसीसी को टेस्ट चैंपियनशिप के कार्यक्रम में कई तरह के बदलाव करने पड़े जिसके बाद भारतीय टीम को अपनी अगली टेस्ट सीरीज साल 2020 के अंत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 मैचों की खेलने को मिली। इस टेस्ट सीरीज का पहला मैच एडिलेड के मैदान में खेला गया जिसमें भारतीय टीम को 8 विकेट की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सभी को ऐसा लग रहा था कि अब भारतीय टीम का सीरीज में वापसी करना बेहद मुश्किल हो जाएगा क्योंकि कप्तान कोहली भी पहले टेस्ट मैच के बाद निजी कारणों के चलते स्वदेश वापस लौट आए थे।

हालांकि रहाणे की कप्तानी में सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में खेलने उतरी भारतीय टीम ने कमाल करते हुए ऑस्ट्रेलिया को बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में 8 विकेट से मात देते हुए सभी को अचम्भे में डाल दिया था। इस मैच में कप्तान रहाणे की शतकीय पारी और जडेजा के ऑलराउंड प्रदर्शन के चलते टीम इंडिया यह कारनामा करने में कामयाब हो सकी। जिसके चलते 4 मैचों की टेस्ट सीरीज को टीम इंडिया ने 1-1 से बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया था।

इसके बाद सीरीज का अगला टेस्ट मैच सिडनी के मैदान में खेला गया जो भारतीय टीम ड्रॉ कराने में सफल रही थी। लेकिन ब्रिस्बेन में खेले जाने वाले आखिरी टेस्ट में पूरी युवा भारतीय टीम के लिए जीत हासिल करना आसान काम नहीं था। लेकिन ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के शानदर प्रदर्शन के बूते इस टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 3 विकेट से जीत हासिल करते हुए यह बता दिया कि उसे किसी भी परिस्थिती में कम आंकने की गलती करना भारी पड़ सकता है। इस टेस्ट मैच में जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज को भी 2-1 से अपने नाम करने में कामयाब रही।

इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में जीत के साथ बनाई फाइनल में जगह

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीत के बाद भी भारतीय टीम को आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज में भी जीत हासिल करना बेहद जरूरी था। इस सीरीज के पहले 2 मैच चेन्नई में जबकि अगले 2 मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जाने थे। इंग्लैंड की टीम ने भारत को पहले टेस्ट मैच में 227 रनों से हराते हुए सभी को आश्चर्य में डाल दिया और ऐसा लगा कि अब भारत के लिए टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में नहीं पहुंच पाएगा।

लेकिन अगले ही टेस्ट में भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को 317 रनों की बड़ी जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की जिसके चलते सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई। वहीं सीरीज का तीसरा टेस्ट पिंक बॉल से खेला जाना था। इस टेस्ट को भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजों ने सिर्फ 2 दिन में ही खत्म कर दिया और टीम को 10 विकेट से जीत दिलाते हुए सीरीज में 2-1 की अजेय बढ़त दिला दी। लेकिन टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने के लिए टीम इंडिया को सीरीज के आखिरी मैच में भी जीत हासिल करना बेहद जरूरी था। जिसके बाद भारतीय टीम के स्पिनरों ने एकबार फिर से कमाल दिखाते हुए टीम को एक पारी और 25 रनों से जीत दिला दी। इस जीत के साथ जहां भारतीय टीम ने सीरीज को 3-1 से अपने नाम किया तो वहीं आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप की अंकतालिका में पहले स्थान पर खत्म करने के साथ फाइनल में भी अपनी जगह को पक्का कर लिया।

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