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जन्मदिन विशेष: वेंकटेश प्रसाद के करियर के 3 यादगार गेंदबाजी प्रदर्शन

साल 1994 में भारतीय टीम के लिए पहली बार खेलने वाले कर्नाटक के तेज गेंदबाज बापू कृष्णाराव वेंकटेश प्रसाद ने शुरू में यह नहीं सोचा था कि वह एक समय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज के तौर पर खेलेंगे। जिस तरह से बल्लेबाजी में सफल साझेदारी देखने को मिलती है, उसी तरह वेंकटेश प्रसाद को जवागल श्रीनाथ का साथ मिला और दोनों ने एक साथ लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए घरेलू और विदेशी जमीन पर प्रमुख गेंदबाज के तौर पर खेले 

वेंकटेश प्रसाद का जन्म 5 अगस्त 1969 को बेंगलुरु में हुआ था। क्रिकेट में दिलचस्पी के चलते उन्होंने साल 1990-91 में अपना पहला प्रथम श्रेणी मैच खेला। प्रसाद के अंतरराष्ट्रीय करियर पर नजर डाली जाए तो उन्होंने 33 टेस्ट मैचों में 96 विकेट तो वहीं 161 वनडे मैचो में 196 विकेट हासिल किए। हम आपको प्रसाद के 52वें जन्मदिन के मौके पर उनके करियर के 3 सबसे शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के बारे में बताने जा रहे हैं। 

 बनाम इंग्लैंड (साल 1996, लॉर्ड्स टेस्ट, 76 देकर 5 विकेट) 

यह मैच सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के डेब्यू के तौर पर अधिक याद किया जाता है लेकिन इस मैच में वेंकटेश प्रसाद ने भी अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर लॉर्ड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया था। प्रसाद ने इंग्लैंड टीम की पहली पारी में 76 रन देते हुए 5 विकेट हासिल किए, जबकि उन्होंने दूसरी पारी में भी 2 विकेट अपने नाम किए थे। हालांकि, बाद में यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था। 

 बनाम पाकिस्तान (साल 1999 वर्ल्ड कप, 27 रन देकर 5 विकेट) 

वेंकटेश प्रसाद को हमेशा पाकिस्तान के खिलाफ खेलने में सबसे ज्यादा अच्छा लगता था और वर्ल्ड कप में तो वह इस टीम के खिलाफ और भी बेहतर प्रदर्शन करते दिखे हैं। इंग्लैंड में खेले गए साल 1999 के वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर एक अलग ही तनाव देखने को मिल रहा था क्योंकि उस समय दोनों देशों के बीच कारगिल युद्द के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई थी। 

भारतीय टीम इस मैच में 227 रन ही बना सकी जिसमें राहुल द्रविड़ ने 61 तो कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 59 रनों का योगदान दिया था। इसके बाद जवागल श्रीनाथ ने शुरुआती 10 ओवरों में 2 विकेट निकालते हुए पाकिस्तान टीम पर दबाव बना दिया था। यहां से वेंकटेश प्रसाद ने एक छोर से दबाव बनाते हुए पाक टीम के बल्लेबाजों को अधिक देर तक पिच पर टिकने का मौका नहीं दिया। प्रसाद ने मैच में 27 रन देते हुए 5 विकेट हासिल किए थे। 

 बनाम पाकिस्तान (साल 1996 वर्ल्ड कप, 45 रन देकर 3 विकेट) 

साल 1996 के वनडे वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन इस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में वेंकटेश प्रसाद और आमिर सोहेल की भिड़ंत आज तक भारतीय क्रिकेट में याद की जाती है। यह प्रसाद के करियर का सबसे शानदार पल माना जाता है, जहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी से जिस तरह तुरंत जवाब दिया ऐसा क्रिकेट में बेहद कम देखने को मिला है। 

भारतीय टीम ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 287 रनों का स्कोर बनाया था। जवाब में पाकिस्तान टीम की तरफ से सईद अनवर और आमिर सोहेल ने शुरुआती 10 ओवरों में 84 रनों की साझेदारी करते हुए पाकिस्तान को पूरी तरह से मैच में वापस ला दिया था। भारत की तरफ से 15वां ओवर फेंकने आए वेंकटेश प्रसाद को आमिर सोहेल ने चौका लगाते हुए बल्ले से बाउंड्री की तरफ इशारा किया, जिसके बाद अगली गेंद पर वेंकटेश प्रसाद ने उन्हें बोल्ड करते हुए जो जवाब दिया, उसे भारतीय फैंस आज भी याद करते हैं। इस मैच में प्रसाद ने 45 रन देकर 3 विकेट हासिल किए थे जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने मैच को 39 रनों से अपने नाम किया था। 

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