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शेफाली वर्मा : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की युवा दबंग बैटर

पिछले कुछ सालों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम में एक से एक शानदार खिलाड़ियों को शामिल होते हुए देखा गया है। इसी में एक नाम युवा आक्रमक बल्लेबाज शेफाली वर्मा का आता है, जिन्होंने महज 16 साल की उम्र में क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए आईसीसी टी-20 की नंबर वन खिलाड़ी बन गई थी। क्रिकेट जगत में सनसनी बनकर सामने आने वाली शेफाली ने अपने पिता के साथ महज 8 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था।

10 साल की उम्र में लेदर बॉल से खेलना किया शुरू

28 जनवरी 2004 को हरियाणा के रोहतक में जन्म लेने वाली शेफाली वर्मा ने 8 साल की उम्र में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू करने के बाद 10 साल की उम्र में लेदर बॉल से खेलना शुरू कर दिया था। इसके बाद शेफाली के पिता ने 12 साल की उम्र में उनका दाखिला क्रिकेट एकेडमी में करा दिया। शेफाली की प्रतिभा को देखते हुए उनके कोच ने लड़को के साथ अभ्यास कराना शुरू करा दिया।

शेफाली ने लगभग 3 सालों तक बल्लेबाजी का अभ्यास लड़कों की गेंदों पर किया जिसमें अंडर-19, अंडर-23 और रणजी के खिलाड़ी भी शामिल थे। शेफाली के इसी अभ्यास के चलते उनका जल्द ही भारतीय महिला टी-20 टीम में भी चयन हो गया।

सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ा

साल 2019 में शेफाली को अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच साउथ अफ्रीका महिला टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिला। जिसके बाद शेफाली ने नवंबर 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ महज 49 गेंदों में 73 रनों की पारी खेलते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाली खिलाड़ी बन गई जिसमें उन्होंने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ा था। इस पारी के बाद शेफाली का नाम बेहद चर्चा में आ गया था।

अब तक रहा है ऐसा प्रदर्शन

शेफाली वर्मा के अब तक के अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर बात की जाए तो उन्होंने 22 टी-20 मैचों में 29.38 के औसत से 617 रन बना चुकी हैं, जिसमें 3 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। शेफाली को लगातार शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें भारतीय महिला टेस्ट टीम में शामिल करने के तौर पर मिला है। वहीं बीसीसीआई ने भी जारी नवीनतम ग्रेड प्रणाली में शेफाली को बी ग्रेड में शामिल किया है।

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