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क्या मयंक अग्रवाल को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अधिक मौके दिए जाने चाहिए

क्रिकेट में किसी भी टीम के पास यदि अच्छे ओपनिंग बल्लेबाज होते हैं, तो उसका आत्मविश्वास काफी बढ़ा हुआ दिखाई देने लगता है। ऐसा ही कुछ भारतीय टीम के साथ लिमिटेड ओवर्स में देखने को मिलता है, जहां टीम के पास रोहित शर्मा और शिखर धवन के रूप में 2 शानदार ओपनिंग खिलाड़ियों के अलावा लोकेश राहुल भी विकल्प के तौर पर मौजूद हैं।

लेकिन टेस्ट फॉर्मेट में ऐसा देखने को नहीं मिल पा रहा है, जहां टीम को विदेशी दौरों पर संघर्ष करते हुए पिछले कुछ सालों में देखा गया है। हालांकि घरेलू हालात में रोहित शर्मा ने काफी शानदार बल्लेबाजी की है, जबकि मयंक अग्रवाल ने भी अपनी कुछ पारियों में शानदार खेल दिखाते हुए सभी को प्रभावित किया। लेकिन कुछ पारियों में खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें अंतिम एकादश से ही बाहर कर दिया गया।

साल 2018 में की थी जोरदार शुरुआत

मयंक अग्रवाल ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करते हुए अपने करियर की पहली पारी में ही आक्रामक अंदाज में खेलते हुए 76 रनों की पारी खेली थी। वहीं इसी मैच की दूसरी पारी में भी मयंक ने 42 रन बनाते हुए सभी को बता दिया कि वह लंबे समय तक इस पोजीशन पर खेलने वाले हैं।

इसके बाद मयंक ने अपने करियर के 5वें टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए करियर की पहली शतकीय पारी खेली और 215 रन बनाकर आउट हुए। वहीं इसके अगले टेस्ट मैच में भी मयंक ने 108 रनों की पारी खेली। इसके बाद मयंक ने अपने शानदार फॉर्म का लाभ उठाते हुए बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में करियर का दूसरा दोहरा शतक लगाते हुए 243 रनों की पारी खेल दी।

न्यूजीलैंड के दौरे से शुरू हुआ खराब दौर

साल 2020 की शुरुआत में भारतीय टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई थी। इसमें मयंक अग्रवाल ने पहले टेस्ट मैच में तो एक अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन दूसरे मैच में वह दहाई का आंकड़ा तक ना छू सके। वहीं इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर मयंक को 3 मैचों में खेलने का मौका मिला, जिसें वह 4 पारियों में सिंगल डिजिट के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गए ,जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 38 रन का रहा। इसके चलते टीम

में उनकी जगह पर शुभमन गिल को मौका दिया जाने का फैसला किया गया और इंग्लैंड के खिलाफ हुई घरेलू टेस्ट सीरीज के एक भी मैच में मयंक को खेलने का मौका नहीं मिल सका।

अभी तक ऐसा रहा करियर

मयंक अग्रवाल के अभी तक टेस्ट करियर को देखा जाए तो साल 2018 में डेब्यू करने वाले इस ओपनिंग बल्लेबाज को 14 टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला है। उन्होंने 23 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 45.74 के औसत से 1,052 रन बनाए हैं। इसमें 3 शतकीय और 4 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। मयंक ने पारी की शुरुआत करने के अलावा नंबर 5 और 6 पर भी टीम के लिए बल्लेबाजी की है।

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