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अंपायर्स कॉल समेत कई नियमों में हो सकता है बदलाव, MCC कमेटी ने दिए सुझाव

क्रिकेट के नियमों में एक बार फिर से बदलाव होने की संभावना है। नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (MCC) डीआरएस के दौरान अंपायर्स कॉल, लार के इस्तेमाल पर स्थायी बैन और खेल से जुड़े कई नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रही है। इसे लेकर पहले कई पूर्व क्रिकेटरों और एक्सपर्ट ने अपनी राय दी थी जिसके बाद एमसीसी क्रिकेट कमेटी ने सोमवार को पहली बैठक की।

बैठक के दौरान कई सदस्यों का मानना था कि अंपायर्स कॉल काफी कन्फ्यूज और विवाद से घिरता जा रहा जो फैंस को समझ नहीं आता है। वहीं, कुछ सदस्य इसके पक्ष में दिखे और बैठक के बाद सभी सुझाव आईसीसी क्रिकेट कमेटी को भेजे गए हैं।

भारत-इंग्लैंड दूसरे टेस्ट से बहस हुई तेज

दरअसल भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट के दौरान डीआरएस पर अंपायर्स कॉल को लेकर विवाद ने आग में घी डालने का काम किया। इस टेस्ट के तीसरे दिन स्पिनर अक्षर पटेल की एक गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान जो रूट के खिलाफ विकेटकीपर ऋषभ पंत ने कैच की अपील की थी। लेकिन फील्ड अंपायर नितिन मेनन ने इसे ठुकरा दिया था।

इसके बाद पंत ने कप्तान कोहली को डीआरएस लेने के लिए कहा और रिप्ले देखने के बाद पता चला कि गेंद बल्ले से नहीं टकराई थी। जिससे रूट के खिलाफ कैच की अपील को नकार दिया गया। हालांकि बॉल ट्रैकिंग में साफ पता चल रहा था रि यह गेंद सीधे रूट के पैड पर टकराई थी और उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट करार दिया जा सकता था। लेकिन अंपायर्स कॉल की वजह से भारत को रूट का विकेट नहीं मिला, जिसके बाद से इस मामले को तूल बढ़ गई है।

अंपायर्स कॉल को लेकर MCC की बैठक में दिए गए सुझाव

आईसीसी के मुताबिक, सौरव गांगुली, कुमार संगकारा और शेन वॉर्न जैसे दिग्गजों वाली एमसीसी की कमेटी में अंपायर्स कॉल के मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई और सभी ने अपना पक्ष रखा। इसमें कुछ सदस्यों ने कहा कि अंपायर्स कॉल की जगह सिर्फ आउट या नॉट आउट का फैसला दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। वहीं स्टंप्स से गेंद के टकराने की सूरत में अंपायर्स कॉल बनाए रखने पर सभी सदस्य एक मत दिखे। इसके तहत गेंद का कम से कम 50 फीसदी हिस्सा स्टंप्स पर लगना चाहिए।

लार के इस्तेमाल पर भी हुई चर्चा

वहीं MCC की बैठक के दौरान इस पर भी चर्चा हुई कि क्या कोरोना के दौरान गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक को स्थायी कर देना चाहिए। आईसीसी के मेडिकल एडवाइजरी बोर्ड के सुझाव के बाद पिछले साल ही गेंद पर लार के इस्तेमाल पर अस्थायी तौर पर बैन लगाया गया था और सिर्फ पसीने से गेंद चमकाने को मंजूरी मिली थी। कमेटी के कई सदस्यों ने बैठक में स्थायी तौर पर लार के इस्तेमाल को बैन करने की मांग की। वहीं बैठक में इस फैसले को पहले खिलाड़ियों से भी उनके राय पूछे जाने की बात हुई।

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