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क्रिकेट के अटपटे नियमः क्रिकेट के 5 ऐसे नियमों के बारे में जानें जो हैं बेहद कंफ्यूजिंग

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यूं तो कई ऐसे नियम हैं, जो सामान्य क्रिकेट प्रेमियों की समझ से परे हैं। जिनमें कुछ ऐसे भी नियम हैं, जिन्हें खिलाड़ी भी नहीं समझ पाते हैं। इस खास लेख में आज हम आपको क्रिकेट के 5 ऐसे ही अटपटे नियमों के बारे में बता रहे हैं, जो बहुत ही कंफ्यूजिंग हैं।

5. नेट रन रेट

ये नियम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए रहस्यमयी ही है, जिसके चलते अक्सर कई टीमों के समान मैच जीतने वाली टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ता है। ये नियम दो से अधिक टीमों के टूर्नामेंट में लागू होता है, जब एक से अधिक टीमों के अंक बराबर होते हैं। उस समय नेट रन रेट निर्णायक पहलू बनकर उभरता है।

4. डकवर्थ लुईस नियम

क्रिकेट के फैंस के लिए डकवर्थ लुईस नियम किसी रहस्य से कम नहीं है। यहां तक भारत के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने इस नियम की तीखी आलोचना की थी और कहा था कि वह इस कभी नहीं समझ पाए। इस नियम का सहारा बारिश या खराब रोशनी से जाया हुए समय के दौरान मैच का परिणाम निकालने के लिए लिया जाता है। जो ज्यादातर टीमों को नुकसान ही पहुंचाता रहा है।

3. बाउंड्री रोप

मैदान पर कई बार फील्डर जानबूझकर या अनजाने में गेंद रोकने के दौरान बाउंडी रोप को पीछे धकेल देते हैं। ऐसे में बल्लेबाज को चार रन मिलने चाहिए, लेकिन कई बार ऐसा हुआ है कि अंपायर ने चौका नहीं दिया है। हाल-फिलहाल में चौका देने से पहले तीसरे अंपायर की मदद ली जाने लगी है।

2. विपक्षी टीम के बल्लेबाज के आउट होने के बाद उन्हें वापस बुलाना

ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यदा-कदा होता है, लेकिन ऐसा जब होता है तो हर बार इस पर डिबेट शुरु हो जाया करती है। यानी ये गुत्थी अभी तक नहीं सुलझी है कि कप्तान को ऐसा करना चाहिए या नहीं। क्योंकि बल्लेबाज अगर अंपायर के निर्णय के मुताबिक आउट करार दिया गया हो तब फील्डिंग टीम इस फैसले को वापस ले सकती है। हालांकि क्रिकेट में ऐसा कम ही बार होता है। साल 2011 में टीम इंडिया इंग्लैंड के दौरे पर थी, जहां भारतीय कप्तान एमएस धोनी ने रनआउट करार दिए गए इयान बेल को नॉटआउट बताकर बल्लेबाजी के लिए वापस बुला लिया था।

1. स्विच हिट के दौरान वाइड कॉल

बीते कई वर्षों से बल्लेबाजों ने स्विच हिट से गेंदबाजों को हैरान किया है। इस दौरान दाएं हाथ का बल्लेबाज पूरी तरह से बाएं हाथ का बल्लेबाज बन जाता है। उसके बाद गेंद को हिट करता है, जिसकी वजह से उसका स्टांस पूरी तरह से बदल जाता है। इस दौरान अंपायर के लिए वाइड गेंद पर निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि इसमें अंपायर को गेंद बल्लेबाज से कितनी दूर है ये देखना होता है और उनके पास समय कम होता है। कई बार ये निर्णय गलत भी साबित हो जाते हैं।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।