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मैंने मैच विनर खिलाड़ियों को हमेशा सपोर्ट किया: सौरव गांगुली

साल 2011 का विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में खेलने वाले कई खिलाड़ियों ने सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था। यहां तक भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले महेंद्र सिंह धोनी को भी सौरव गांगुली ने भारतीय टीम में जगह दिलाई थी। साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ वन डाउन पर मौका देकर गांगुली ने धोनी की किस्मत में चार चांद लगाने का काम भी किया था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि सौरव गांगुली ने अपनी कप्तानी में मैच विनर खिलाड़ियों को तराशने का काम किया। अनअकैडमी से बात करते हुए गांगुली ने इस बात पर चर्चा की।

इस बाबत उन्होंने कहा “मैंने हमेशा उन खिलाड़ियों को सपोर्ट किया, जो मैच जिता सकते थे। कप्तान के रूप में यह मेरी विरासत है। मुझे इस बात पर गर्व है कि मेरी बनाई हुई टीम में घरेलू और विदेशी पिचों पर मैच जीतने की क्षमता आई।”

विश्व कप 2011 की जीत पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि “मुझे याद है मैं उस रात वानखेड़े मैदान में ही था। मैं धोनी को देखने के लिए कॉमेंट्री बॉक्स से बाहर आ गया था। मुझे तब 2003 वर्ल्ड कप याद आ गया था। उस मैच में टीम की कप्तानी मैं कर रहा था और हमारी टीम फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। मेरे लिए भी सबसे बड़ा दिन वही था, जब 2011 में भारत ने विश्व कप अपने नाम किया। धोनी ने अंतिम गेंद पर शानदार छक्का लगाया, जिसे भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।”

गांगुली की कप्तानी से शुरू हुआ बदलाव

भारतीय क्रिकेट जब मैच फिक्सिंग के बुरे दौर से गुजर रहा था। तब सौरव गांगुली को कप्तानी का जिम्मा दिया गया था। जहां कई अनुभवी खिलाड़ी फिंक्सिंग के चलते टीम इंडिया से अचानक बाहर हो गए थे। जिसके बाद  कप्तान गांगुली ने नए खिलाड़ियों को मौका दिया और उन पर भरोसा भी जताया। यही नहीं उस दौर में विदेशी धरती पर टीम इंडिया टेस्ट मैच नहीं जीत पाती थी, लेकिन गांगुली ने टीम में विश्वास पैदा किया और दुनिया को दिखा दिया कि ये भारतीय टीम किसी भी परिस्थिति में मैच जीतने की क्षमता रखती है।

साल 2003 में ही टीम इंडिया पहुंची थी फाइनल में

सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने तेजी से विश्व क्रिकेट में अपना प्रभाव छोड़ना शुरू किया था। इसका उदाहरण साल 2003 का विश्व कप था, जिसके फाइनल में भारतीय टीम ने जगह बनाई थी। हालांकि उस वक्त की सबसे मजबूत टीम ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम इंडिया हार गई थी।

गांगुली ने दिए ये मैच विनर

विश्वकप 2011 में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए दूसरी बार खिताब पर कब्जा किया था। उस टीम में सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू करने वाले कई मैच विनर खिलाड़ी शामिल थे। जिसमें वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, जहीर खान, आशीष नेहरा, गौतम गंभीर और एमएस धोनी जैसे धुरंधर खिलाड़ी थे।

 

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।