close
DOWNLOAD 100MB MOBILE APP

आज के दिन: हरमनप्रीत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी 171 रनों की पारी 

भारतीय महिला क्रिकेट में पिछले 10 सालों में एक से एक शानदार खिलाड़ियों को डेब्यू करते हुए देखा गया जिससे उनके खेलने के अंदाज में भी एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर इसमें सबसे आगे रही जिन्होंने अपनी आक्रमक बल्लेबाजी के जरिए काफी सुर्खियां बटोरी हैं। 

हरमनप्रीत कौर के करियर को लेकर बात की जाए तो वह अब तक 100 से अधिक वनडे और टी-20 मैच टीम के लिए खेल चुकी हैं। हरमन ने खुद की पहचान मध्यक्रम के मैच विनिंग बल्लेबाज के तौर पर बनाई है, जो अपने दम पर भी टीम को जीत दिलाने में सक्षम है। इसी में हम आपको साल 2017 हुए आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल मैच में हरमनप्रीत कौर के शानदार 171 रनों की पारी के बारे में बताने जा रहे हैं। 

भारतीय टीम ने टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी 

वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच के दबाव को देखते हुए भारतीय कप्तान मिताली राज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उनका यह फैसला उस समय गलत साबित होता दिखा जब टीम के दोनों ओपनिंग बल्लेबाज सिर्फ 35 के स्कोर तक पवेलियन लौट चुके थे। 

इसके बाद कप्तान मिताली राज ने हरमनप्रीत कौर के साथ पारी को संभालने की कोशिश लेकिन वह तीसरे विकेट के लिए 66 रनों की साझेदारी करने के बाद पवेलियन लौट गई। यहां से रन गति को बनाए रखने का जिम्मा हरमनप्रीत कौर ने अपने कंधों पर उठाते हुए दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 83 गेंदों में 137 रनों की साझेदारी कर दी। 

इसी बीच हरमनप्रीत कौर ने अपना शतक भी पूरा कर लिया था और वह तेजी गति के साथ रन बनाना जारी रखते हुए टीम को इस मैच में लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। हरमन ने अंतिम के ओवरों में वेदा कृष्णमूर्ती के साथ 20 गेंदों में 43 रनों की साझेदारी करके भारतीय टीम का स्कोर 42 ओवर खत्म होने पर 5 विकेट के नुकसान पर 281 रन पहुंचा दिया था। 

हरमनप्रीत कौर ने 115 गेंदों का सामना करते हुए 20 चौके और 7 छक्कों की मदद से 171 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं उनके बाद भारतीय पारी में सर्वाधिक स्कोर कप्तान मिताली राज ने 36 रन बनाए थे। 

गेंदबाजों ने निभाई जिम्मेदारी भारत पहुंची फाइनल में 

42 ओवरों में 283 रन के लक्ष्य का पीछा करना वह भी वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में किसी भी टीम के लिए आसान काम नहीं है। ऐसा ही कुछ ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के साथ भी देखने को मिला जब शुरुआती 3 विकेट सिर्फ 21 के स्कोर तक ही पवेलियन लौट चुके थे। 

यहां से एलिस पैरी और एलिसे विलानी ने जरूर चौथे विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को मैच में वापस लाने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही यह साझेदारी टूटी टीम लगातार अंतराल में विकेट गंवाती चली गई और 40.1 ओवरों में 245 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। 

मैच में 171 रनों की शानदार पारी खेलने वाली हरमनप्रीत को प्लेयर ऑफ दी मैच का खिताब दिया गया। वहीं इस वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में भारतीय महिला टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 9 रनों की करीबी हार का सामना करना पड़ा था।  

Leave a Response