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आज के दिन : साल 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स ने जीता था अपना दूसरा आईपीएल खिताब

इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस के बाद यदि कोई दूसरी सबसे सफल टीम का नाम आता है तो वह 3 बार की आईपीएल विजेता चेन्नई सुपर किंग्स। अभी तक 11 आईपीएल सीजन पूरे खेलने के बाद चेन्नई की टीम ने 10 सीजन में टॉप-4 में अपनी जगह बना पाने में कामयाब रही है। हालांकि चेन्नई को अपने पहले आईपीएल खिताब के लिए तीसरे सीजन तक इंतजार करना पड़ा था, लेकिन टीम ने दूसरा खिताब जल्द ही अपने नाम कर लिया।

साल 2010 के आईपीएल सीजन में पहली आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने अगले ही सीजन एकबार फिर से इस ट्रॉफी को जीतकर आईपीएल इतिहास लगातार 2 बार विजेता बनने वाली पहली टीम बन गई। चेन्नई की टीम ने साल 2011 के सीजन में 14 लीग मैच खेलने के बाद 9 में जीत हासिल करते हुए अंकतालिका में दूसरे स्थान पर खत्म किया था। जिसके बाद टीम की पहले क्वालीफायर में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर से मुकाबला हुआ और चेन्नई ने इसमें 6 विकेट से जीत हासिल करते हुए फाइनल में जगह पक्की की।

फाइनल में टॉस जीतकर ली बल्लेबाजी

चेन्नई सुपर किंग्स का फाइनल में मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम के साथ हुआ जिसमें उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इसके बाद टीम की तरफ से पारी की शुरूआत करने आए मुरली विजय और माइक हसी की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 14.5 ओवरों में 159 रन जोड़कर टीम के लिए बड़े स्कोर की नीव को रख दिया था। हसी के 63 रन बनाकर आउट होने के बाद दूसरे छोर से मुरली विजय ने तेजी के साथ रन बनाना जारी रखा और वह 52 गेंदों में 95 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद पवेलियन लौटे। दोनों ओपनिंग खिलाड़ियों की धमाकेदार पारी के चलते चेन्नई की टीम ने 20 ओवर खत्म होने के बाद 5 विकेट के नुकसान पर 205 रन बना दिए थे।

आरसीबी शुरू से दिखी दबाव में

दूसरी बार आईपीएल फाइनल मुकाबला खेल रही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम के लिए यह लक्ष्य हासिल करना आसान काम नहीं था और इसका प्रभाव शुरू में ही दिख गया जब टीम के दोनों ओपनिंग बल्लेबाज सिर्फ 16 स्कोर पर पवेलियन लौट चुके थे। हालांकि इसके बाद विराट कोहली और एबी डिविलियर्स ने मिलकर पहले 6 ओवरों में टीम को कोई और झटका नहीं लगने दिया साथ ही स्कोर पर 47 रन पर पहुंचा दिया।

चेन्नई के स्पिन गेंदबाजों ने दिखाई ताकत

अपने घरेलू मैदान पर फाइनल मुकाबला खेल रही चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को अपने स्पिन गेंदबाजों से काफी उम्मीदें थी। जिसमें अश्विन ने आरसीबी की टीम को जहां शुरूआती झटका देने का काम किया तो वहीं इसके बाद रैना ने कोहली को जबकि शदाब जकाती ने एबी डिविलियर्स को अपना शिकार बनाते हुए अपनी टीम की जीत को पूरी तरह से पक्का कर दिया था। हालांकि इसके बाद सौरभ तिवारी ने जरूर 34 गेंदों में 42 रनों की पारी खेली लेकिन वह आरसीबी को जीत दिलाने के लिए नाकाफी साबित हुई। आरसीबी की टीम इस मैच में 20 ओवर खेलने के बाद 8 विकेट के नुकसान पर 147 रन ही बना सकी वहीं चेन्नई ने इस मैच में 58 रनों से जीत हासिल करते हुए लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब को अपने नाम पर किया।

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