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आज के दिन, 2015: मुंबई इंडियंस ने जीता था अपना दूसरा आईपीएल खिताब

इंडियन प्रीमियर लीग की मौजूदा सबसे सफल टीम मुंबई इंडियंस के लिए आईपीएल का शुरूआती सफर आसान नहीं था। मुंबई इंडियंस की टीम कागजों पर बेहद मजबूत तो दिखती थी, लेकिन प्रदर्शन उम्मीद के अनुसार नहीं था। जिसके चलते टीम ने पहली बार सीजन का खिताब साल 2013 में जीता। हालांकि इसके बाद मुंबई को अपने दूसरे खिताब के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा और टीम ने साल 2015 में ही यह कारनामा कर दिया।

इसके बाद अभी तक मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल ट्रॉफी पर 5 बार कब्जा कर चुकी है। मुंबई इंडियंस की टीम ने साल 2015 में आईपीएल ट्रॉफी पर कब्जा 24 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हुए फाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करते हुए किया था। अपनी कप्तानी में दूसरा आईपीएल फाइनल मुकाबला खेल रहे रोहित शर्मा ने मैच में शानदार पारी खेलते हुए जीत में अहम भूमिका अदा की थी।

मुंबई को मिला बल्लेबाजी का न्यौता

साल 2015 का आईपीएल सीजन का फाइनल मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान में खेला गया था। इस मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान धोनी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जिसके बाद मुंबई की टीम ने अपना पहला विकेट 1 रन के स्कोर पर पार्थिव पटेल के रुप में गंवा दिया था। लेकिन इसके बाद लिंडल सिमंस और कप्तान रोहित शर्मा ने पहले 6 ओवरों में मिलकर 61 रन बना दिए।

रोहित और सिमंस के बीच हुई 119 रनों की साझेदारी

पहले 6 ओवरों में टीम को तेज शुरूआत देने के बाद रोहित शर्मा और सिमंस ने मिलकर रनों की गति को बरकरार रखा जिसके बाद दोनों ही खिलाड़ियों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 119 रनों की साझेदारी कर दी। सिमंस ने जहां 45 गेंदों में 68 रनों की पारी खेली तो वहीं रोहित ने सिर्फ 26 गेंदों में 50 रन बना दिए।

पोलार्ड और रायडू ने मिलकर जोड़े 71 रन

रोहित और सिमंस के आउट होने के बाद एकबार फिर मुंबई की पारी को बड़े स्कोर पर पहुंचाने की जिम्मेदारी मध्यक्रम के कंधों पर थी। जिसके बाद कायरन पोलार्ड और अंबाती रायडू ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों में 71 रन जोड़ दिए। जिसके चलते मुंबई इंडियंस की टीम ने 20 ओवर खत्म होने के बाद 5 विकेट के नुकसान पर 202 रन स्कोरबोर्ड पर टांग दिए थे, जिसका पीछा करना फाइनल मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आसान काम नहीं था।

चेन्नई पहले 6 ओवरों में सिर्फ 31 रन ही बना सकी

फाइनल मुकाबले में 200 से अधिक रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को पहले 6 ओवरों का लाभ उठाना था, लेकिन टीम इस दौरान 1 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 31 रन ही बना सकी। हालांकि इसके बाद स्मिथ और रैना ने रनों की गति को बढ़ाने का प्रयास किया लेकिन टीम 10 ओवरों के बाद भी सिर्फ 67 रन ही बना पाई थी।

मैक्लेंघन और मलिंगा ने दिखाया कमाल

चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को आखिर के 10 ओवरों में लगभग 14 के औसत से रन बनाने थे, जो मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी को देखते हुए आसान काम नहीं होने वाला था। मुंबई की तरफ से अनुभवी स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने ड्वेन स्मिथ और सुरेश रैना को पवेलियन भेजते हुए अपनी टीम को बड़ी सफलता दिलाई। वहीं इसके बाद मैक्लेघन और मलिंगा ने मिलकर चेन्नई को बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने से रोका जिसके टीम गति के साथ रन ना बना सके। अंत में चेन्नई सुपर किंग्स 20 ओवर खत्म होने के बाद 8 विकेट के नुकसान पर 161 रन ही बना सकी और मुंबई इंडियंस की टीम ने 41 रनों से जीत हासिल करते हुए आईपीएल ट्रॉफी पर दूसरी बार कब्जा किया।

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