close
DOWNLOAD 100MB MOBILE APP

OTD: भारत ने इंग्लैंड को फाइनल में हराकर जीती थी चैंपियंस ट्रॉफी 

साल 2013 में इंग्लैंड में खेली गई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई कारणों के याद की जाती है। इसी चैंपियंस ट्रॉफी में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में रोहित शर्मा को पहली बार पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने अपने करियर में पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह पहला मौका था जब धोनी की अगुवाई में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी समेत तीनों आईसीसी इवेंट्स पर कब्ज़ा किया था।

इस आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का सफर काफी शानदार रहा था। टीम ने पहले ग्रुप स्टेज के सभी 3 मैचों में जीत हासिल करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। जिसमें वहां पर उनका मुकाबला श्रीलंका के साथ हुआ था और इसमें उन्होंने 8 विकेट से जीत हासिल करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया। फाइनल में टीम का मुकाबला मेजबान इंग्लैंड टीम के साथ था। 

बारिश के चलते मैच हुआ 20-20 ओवरों का 

फाइनल मुकाबला बर्मिंघम के मैदान में खेला जाना था, जिसमें बारिश के खलल के चलते अंपायरों ने 20-20 ओवरों का मैच कराने का फैसला किया। इसके बाद इंग्लैंड टीम ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम को पहला झटका 19 के स्कोर पर रोहित शर्मा के रूप में लगा। इसके बाद शिखर धवन भी 31 रन बनाने के बाद पवेलियन लौट गए। जिसके चलते 66 के स्कोर पर ही आधी भारतीय टीम पवेलियन लौट चुकी थी। 

कोहली और जडेजा ने स्कोर को पहुंचाया 129 तक 

आधी टीम के पवेलियन लौटने के बाद विराट कोहली और रविंद्र जडेजा ने मिलकर पारी को संभालने का काम करते हुए 6वें विकेट के लिए 33 गेंदों में 47 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की। कोहली ने जहां 43 रनों की पारी खेली, तो वहीं जडेजा ने भी नाबाद 33 रन बनाए। इंग्लैंड की तरफ से रवि बोपारा ने 4 ओवरों में 3 विकेट हासिल किए थे। 

इंग्लैंड टीम को भी लगे शुरुआती झटके 

130 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम का पहला विकेट 3 रन के स्कोर पर ही गिर गया। इसके बाद 46 के स्कोर तक पहुंचने पर इंग्लैंड ने अपने 4 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद रवि बोपारा और इयोन मोर्गन ने 5वें विकेट के लिए 53 गेंदों में 64 रनों की साझेदारी करके इंग्लैंड को पूरी तरह से मैच में वापस ला दिया था। एक समय ऐसा लग रहा था कि दोनों टीम को आसान जीत दिलाकर पवेलियन वापस लौटेंगे। 

ईशांत शर्मा के ओवर ने पलटा मैच 

भारतीय टीम के लिए इस मैच में पारी का 18वां ओवर करने के लिए आए तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने अपने ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर मोर्गन और बोपारा का विकेट निकालकर मैच को पूरी तरह से पलटकर रख दिया। इसके बाद इंग्लैंड को आखिरी 2 ओवरों में जीत के लिए 19 रनों की दरकार थी। 19वां ओवर फेंकने के लिए आए रविंद्र जडेजा ने सिर्फ 4 रन देने के साथ बटलर का विकेट भी हासिल किया, वहीं ब्रेसनेन रन आउट का शिकार हुए। आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीतने के लिए 15 रन बनाने थे, लेकिन वह सिर्फ 9 रन ही बना सके और 5 रन से जीत दर्ज करते हुए भारत पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी का विजेता बना था। 

भारत चैंपियंस ट्रॉफी

SLvsIND: अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया में नहीं चुने गए ये 3 खिलाड़ी

Leave a Response