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आज के दिनः दुनिया के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट को कहा था अलविदा

श्रीलंका क्रिकेट टीम का मौजूदा समय भले ही बेहद खराब चल रहा है, लेकिन कुछ सालों पहले तक उनकी टीम के पास भी एक से एक दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे। बल्लेबाजी में जहां श्रीलंकाई टीम के पास कुमार संगाकारा, महेला जयवर्धने जैसे नाम थे, तो वहीं गेंदबाजी में टीम के पास चमिंडा वास और मुथैया मुरलीधरन थे।

यह सभी खिलाड़ी जब एक साथ मैदान में खेलने उतरते थे, तो किसी भी टीम के लिए इनके खिलाफ जीत हासिल करना आसान काम नहीं होता। श्रीलंका टीम को उसके घर पर हराना विदेशी ही नहीं एशियाई टीमों के लिए भी बेहद मुश्किल काम था। इसकी सबसे बड़ी वजह टीम में मौजूद ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन थे।

17 अप्रैल 1972 के श्रीलंका के कैंडी में जन्म लेने वाले मुथैया मुरलीधरन ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार कदम साल 1992 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो के मैदान में रखा था। इसके बाद मुरलीधरन ने धीरे-धीरे टेस्ट टीम में अपनी जगह को लगभग पक्का करते हुए साल 2010 तक श्रीलंकाई टीम हिस्सा रहे।

मुथैया मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर में कुल 133 मैच खेलते हुए 230 पारियों में गेंदबाजी की जिसमें उन्होंने 22.72 के औसत से 800 विकेट हासिल किए जो टेस्ट इतिहास में अभी तक किसी गेंदबाज का सर्वाधिक है। मुरलीधरन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने के मामले में दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के शेन वार्न हैं, जिन्होंने 708 विकेट हासिल किए थे। वहीं मुरली ने टेस्ट क्रिकेट में 67 बार एक पारी में 5 विकेट भी हासिल किए हैं।

करियर के आखिरी टेस्ट में पूरे किए 800 विकेट

टेस्ट फॉर्मेट के दिग्गज ऑफ स्पिनर के तौर पर पहचाने जाने वाले मुथैया मुरलीधरन ने अपने करियर का आखिर मैच भारत के खिलाफ साल 2010 में गाले के मैदान में खेला था। इस मैच मं श्रीलंकाई टीम ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 520 रन बनाते हुए पारी घोषित की। जवाब में भारतीय टीम की पहली पारी 276 रन बनाकर सिमट गई और उसे फॉलोआन खेलना पड़ा।

भारतीय टीम की दूसरी पारी में मुथैया मुरलीधरन जब गेंदबाजी के लिए आए तो उन्हें अपने 800 टेस्ट विकेट पूरे करने के लिए 3 विकेट हासिल करने थे। जिसके बाद मुरली ने पहले युवराज सिंह और उसके बाद हरभजन का विकेट हासिल करते हुए 799 के आंकड़े पर पहुंच गए थे।

इसी दौरान भारतीय टीम के भी 9 विकेट 314 के स्कोर पर गिर गए थे। अब सभी की नजरें मुरलीधरन पर टिकी हुईं थी क्या वह अपने करियर के आखिरी टेस्ट मैच में 800 विकेट के आंकड़े को छू पायेंगे कि नहीं। इसके बाद मुरली ने प्रज्ञान ओझा को ऑफ स्टंप के बाहर जाती एक गेंद फेंकी और जिसपर ओझा ने खेलने का प्रयास किया और गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए स्लिप में खड़े महेला जयवर्धने के हाथों में जैसे ही गई सभी श्रीलंकाई खिलाड़ियों के चेहरे पर काफी खुशी देखने को मिली।

इस मैच में श्रीलंका टीम ने भारत के खिलाफ 10 विकेट से जीत दर्ज की थी, जिसमें लसिथ मलिंगा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दोनों पारियों में कुल 7 विकेट हासिल करने के साथ बल्ले से भी 64 रनों की पारी खेली थी।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।