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आज के दिन : सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने लॉर्ड्स में रचा था इतिहास

भारतीय क्रिकेट टीम को पहले घर पर शेर और बाहर ढेर की टीम कहा जाता था, क्योंकि टीम का विदेशी जमीन पर सीरीज जीतने का रिकॉर्ड बेहद खराब था। सौरव गांगुली के कप्तान बनने के बाद किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि टीम विदेश में भी सीरीज जीतना शुरू कर देगी। गांगुली ने अपनी कप्तानी में जहां टीम को आक्रामक रवैये के साथ खेलना सिखाया वहीं टीम में शामिल युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से टीम बेहतर खेलने लगी थी।

साल 2002 में भारतीय टीम को इंग्लैंड के दौरे पर त्रिकोणीय वनडे सीरीज खेलनी थी, जिसमें उसके अलावा मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका की टीम थी। नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल मैच में इंग्लैंड और भारत का सामना 13 जुलाई 2002 को लॉर्ड्स के मैदान में हुआ था। उस समय बेहद कम लोगों को उम्मीद थी, कि भारतीय टीम इस ट्रॉफी को अपने नाम कर सकेगी।

इंग्लैंड ने टॉस जीतकर ली बल्लेबाजी

फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम ने इंग्लैंड को पहला झटका 42 के स्कोर पर निक नाइट के रूप में दिया। यहां से मार्कस ट्रेस्कोथिक और इंग्लैंड के कप्तान नासिर हुसैन ने दूसरे विकेट के लिए 182 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को पूरी तरह से मैच में मजबूत कर दिया था।

ट्रेस्कोथिक ने 100 गेंदों में 109 रनों की पारी खेली तो वहीं नासिर हुसैन ने 128 गेंदों में 115 रन बनाए। 2 शतकीय पारियों की बदौलत इंग्लैंड की टीम ने 50 ओवरों के खत्म होने पर 5 विकेट के नुकसान पर 325 रन बना दिए थे। भारत की तरफ से जहीर खान ने सबसे ज्यादा 3 विकेट हासिल किए थे।

कैफ और युवराज का दिखा दम और भारत को मिली ऐतिहासिक जीत

326 के स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को लेकर किसी को भी भरोसा नहीं था कि टीम इस मैच में जीत हासिल करने में कामयाब होगी। ओपनिंग करने उतरे कप्तान सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को शानदार शुरुआत देने का काम किया, लेकिन इसके बाद 146 के स्कोर तक पहुंचने पर आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी।

यहां से युवा खिलाड़ी मोहम्मद कैफ और युवराज सिंह ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए रन बनाना जारी रखते हुए लड़ने का जज्बा दिखाया। दोनों ने मिलकर 6वें विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को मैच में वापस लाने का काम किया। युवराज सिंह 69 रन बनाकर पवेलियन लौटे तो वहीं मोहम्मद कैफ ने नाबाद 87 रनों की पारी खेलने के साथ टीम को मैच में 2 विकेट से जीत दिलाकर वापस लौटे और इतिहास भी रचने का काम किया।

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