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आज के दिन वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के 418 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया था

ये वह टेस्ट मैच था, जो वेस्टइंडीज के हर क्रिकेट प्रेमियों को गर्वित करता है। कैरेबियाई टीम ने 418 रन के पहाड़ जैसे लक्ष्य को हासिल करके ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दी थी। ये उस दौर की बात है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम में ग्लेन मैक्ग्रा, जेसन गिलेस्पी और ब्रेट ली जैसे सुपरस्टार गेंदबाज थे।

मैच की पूरी कहानी

आज ही के दिन 13 मई साल 2003 को एंटीगुआ टेस्ट मैच का आखिरी दिन था। इस मैच में कंगारुओं ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, जिसमें कोई भी कंगारु बल्लेबाज 50 रन नहीं बना सका। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम महज 240 रन बनाकर पहली पारी में सिमट गई। वेस्टइंडीज की तरफ से जर्मेन लॉसन शानदार गेंदबाजी करते हुए 78 रन देकर 7 विकेट झटके।

जवाब में वेस्टइंडीज की टीम भी 240 रन बनाकर ऑलआउट हो गई, अकेले दिग्गज ब्रायन लारा ने क्लासिकल बल्लेबाजी करते हुए 94 गेंदों में 68 रन की पारी खेली। वहीं टीम दूसरे टॉप स्कोरर डेवोन स्मिथ रहे, जो 37 रन बनाकर आउट हुए।

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 242 रन की साझेदारी की। हेडन ने 177 और लैंगर ने 111 रन की पारियां खेली। हालांकि अन्य ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने उतना योगदान नहीं दिया और पूरी टीम 417 रन बनाने में कामयाब हुई। इस तरह वेस्टइंडीज को जीत के लिए 418 रन का लक्ष्य मिला।

शुरु हुआ यादगार चेज

विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम के 3 विकेट 74 रन पर गिर गए और ऐसा लगने लगा कि ऑस्ट्रेलिया मुकाबला आसानी से जीत लेगा। लेकिन ब्रायन लारा, रामनरेश सरवन और शिवनारायण चंद्रपॉल ने खूंटा गाड़ दिया और कंगारु आक्रमण को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। लारा ने 60, सरवन ने 105 और चंद्रपॉल ने 104 रन की पारी खेली।

निचले क्रम में ओमरी बैंक्स ने नाबाद 47 रन की पारी खेली और वेस्टइंडीज ने 418 रन के लक्ष्य को हासिल करते हुए मुकाबला 3 विकेट से जीत लिया। कंगारुओं की तरफ से ब्रेट ली ने सबसे अधिक 4 विकेट झटके। वहीं शिवनारायण चंद्रपॉल की यादगार 104 रन की पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।