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आज के दिन : इंग्लैंड ने साल 2005 के एशेज में ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से हराया था

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट क्रिकेट में खेली जाने वाली एशेज सीरीज में फैंस को कई ऐसे यादगार मैच देखने को मिले जिससे खेल का रोमांच एक अलग ही स्तर पर पहुंच गया। इसी में साल 2005 की ऐतिहासिक एशेज सीरीज जो हमेशा टेस्ट क्रिकेट की सबसे शानदार सीरीज में से एक मानी जाएगी, उसमें सीरीज के चौथे मैच में इंग्लैंड की टीम ने शानदार जीत दर्ज की थी।

इस सीरीज के शुरुआती 3 मैचों में से एक ऑस्ट्रेलिया और एक इंग्लैंड ने जीता था, जबकि तीसरा मैच ड्रॉ रहा था। इसके कारण अगले 2 मैच दोनों ही टीमों के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण हो गए थे। सीरीज का चौथा मैच नॉटिंघम के मैदान पर खेला जाना था और दोनों ही टीमों की नजर इस मैच में जीत हासिल करने पर लगी हुई थी।

इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाए 477 रन

मेजबान इंग्लैंड की टीम ने इस मैच में टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया जिसके बाद ओपनिंग जोड़ी की शतकीय साझेदारी की बदौलत टीम के लिए बड़े स्कोर की नींव को रखा जा चुका था। इस सीरीज में दिग्गज हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिंटॉफ एक अलग ही फॉर्म में चल रहे थे और उन्होंने 132 गेंदों में 102 रनों की आक्रामक शतकीय पारी खेलते हुए टीम के पहली पारी के स्कोर को 477 तक पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की थी।

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी सिमटी 218 पर और फॉलोआन का करना पड़ा सामना

ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाजों ने टीम की पहली पारी में काफी निराशाजनक प्रदर्शन किया, जिसमें ब्रेट ली के 47 और साइमन कैटिच के 45 के अलावा कोई भी दूसरा बल्लेबाज प्रभावित करने में नाकाम रहा। इंग्लैंड की तरफ से साइमन जोंस ने 5 जबकि मैथ्यू होगार्ड ने 3 विकेट हासिल किए जिसके चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी सिर्फ 218 के स्कोर पर सिमट गई और उसे फॉलोआन खेलने पर मजबूर होना पड़ा।

फॉलोआन खेलने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 387 रन बनाए जिसमें जस्टिन लैंगर के 61 रनों के अलावा साइमन कैटिच और माइकल क्लार्क ने भी 59 और 56 रनों की पारी खेली थी। इन पारियों के चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को चौथी पारी में 129 रनों का लक्ष्य दिया।

7 विकेट गंवाकर इंग्लैंड ने हासिल की जीत

टेस्ट मैच की चौथी पारी में 100 से अधिक रनों का पीछा करना किसी भी पिच पर आसान काम नहीं होता है। इसी कारण इंग्लैंड के लिए भी 129 रनों का पीछा करना काफी मुश्किल रहा और टीम ने अपने 4 विकेट सिर्फ 57 के स्कोर पर ही गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद केविन पीटरसन और एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने स्कोर को 100 से पार पहुंचाकर टीम को बेहतर स्थिति में ला दिया था। हालांकि, 116 के स्कोर तक इंग्लैंड की टीम अपने 7 विकेट गंवा चुकी थी, जिसके बाद एश्ले जाइल्स और मैथ्यू होगार्ड ने टीम को 3 विकेट से रोमांचक जीत दिलाकर वापस लौटे।

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