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आज के दिन : भारत ने उन्मुक्त चंद की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था

भारतीय क्रिकेट टीम यदि मौजूदा समय में बाकी टीमों के मुकाबले बेहद मजबूत दिखाई दे रही है, तो उसकी सबसे बड़ी वजह घरेलू स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करना है। इसका एक उदाहरण अंडर-19 वर्ल्ड कप में साफ तौर पर देखने को मिलता है, जहां भारतीय टीम अधिकतर एक प्रबल दावेदार के तौर पर ही खेलने उतरती है।

इसी में साल 2012 में ऑस्ट्रेलिया में हुआ था। इस वर्ल्ड कप में भारत की टीम उन्मुक्त चंद की कप्तानी में खेलने गई थी जिसमें टीम को ग्रुप सी में वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे और पापुआ न्यू गिनी के साथ रखा गया था। ग्रुप में भारतीय टीम ने दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वाटर फाइनल के लिए प्रवेश किया था। यहां पर उसका मुकाबला चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के साथ था, जिसमें टीम ने 1 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।

सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला न्यूजीलैंड की टीम के साथ हुआ और इस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कीवी टीम को 210 रनों का लक्ष्य दिया। इसके बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के चलते भारतीय टीम ने इस मैच को जहां 9 रनों से अपने नाम किया तो वहीं फाइनल में भी प्रवेश किया और यहां पर उसका मुकाबला मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ होना था।

फाइनल में टॉस जीतकर ली गेंदबाजी

वर्ल्ड कप जैसे इवेंट में कोई भी टीम जब भी टॉस जीतती है, तो वह पहले बल्लेबाजी करने का फैसला अधिकतर करते हुए देखी गई है, लेकिन इस मैच में भारतीय अंडर-19 टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के शुरुआती 4 विकेट सिर्फ 38 के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गए थे।

यहां से मेजबान कप्तान विलियम बोस्सिटो और ट्रेविस हेड ने पारी को संभालते हुए 100 के पार स्कोर लेकर गए। इसी बीच हेड 37 रन बनाकर रन आउट हो गए लेकिन एश्टन टर्नर ने आकर कप्तान का साथ देते हुए स्कोर को गति देने का काम किया और 50 गेंदों में 43 रनों की पारी खेलने के बाद पवेलियन लौटे। कप्तान विलियम की 87 रनों की नाबाद पारी के चलते ऑस्ट्रेलिया टीम ने इस मैच में 50 ओवरों के बाद 8 विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। भारत की तरफ से मैच में संदीप शर्मा ने सबसे ज्यादा 4 विकेट हासिल किए।

उन्मुक्त ने खेली कप्तानी पारी और जीत दिलाकर लौटे

फाइनल मैच में 226 रनों का पीछा करना भारतीय अंडर-19 टीम के लिए आसान काम नहीं होने वाला था और टीम ने अपना पहला विकेट प्रशांत शर्मा के रूप में 2 के स्कोर पर ही गंवा दिया। इसके बाद कप्तान उन्मुक्त चंद और बाबा अपराजित ने दूसरे विकेट के लिए 50 से अधिक रनों की साझेदारी करते हुए स्कोर को 75 रन तक लेकर गए। यहां अपराजित 33 रनों की पारी खेलने के बाद गुरिंदर संधू की गेंद पर अपना विकेट गंवाकर पवेलियन लौट गए।

एकदम से अगले 2 विकेट भी भारतीय टीम ने जल्दी गंवा दिए जिससे 97 के स्कोर तक पहुंचने तक टीम 4 विकेट गंवा चुकी थी लेकिन कप्तान उन्मुक्त चंद के एक छोर पर डटे रहने से ऑस्ट्रेलियाई टीम को वापसी का उन्होंने इसके बाद मौका नहीं दिया। चंद ने समित पटेल के साथ मिलकर 130 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को जीत दिलाकर वापस लौटे। उन्मुक्त चंद ने जहां 111 रनों की नाबाद कप्तानी पारी खेली तो वहीं समित पटेल ने नाबाद 62 रन बनाए।

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