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रवि बिश्नोई : युवा प्रतिभाशाली लेग स्पिनर के करियर पर डालिए एक नजर

साल 2020 में हुए अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की तरफ से जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थी, वह युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई थे जिन्होंने पूरे वर्ल्ड कप के दौरान कुल 6 मैचों में 10.65 की औसत से 17 विकेट हासिल किए थे। रवि बिश्नोई को जब पहली बार सभी ने खेलते हुए देखा तो इस बात का एहसास हो गया कि वह भविष्य के एक सफल लेग स्पिनर बनने की तरफ अपने कदम बढ़ा चुके हैं।

अंडर-19 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन का इनाम रवि बिश्नोई को जल्द मिला जब इंडियन प्रीमियर लीग के सीजन 2020 में इस खिलाड़ी को पंजाब किंग्स की टीम ने अपने साथ जोड़ने का फैसला किया। रवि बिश्नोई के करियर के लिए यह बेहद बड़ा कदम होने के साथ जो सबसे अच्छी बात थी, वह यह कि पंजाब किंग्स टीम के मुख्य कोच भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले थे।

राजस्थान में हुआ जन्म

रवि बिश्नोई के बारे में बात की जाए तो उनका जन्म 5 सितंबर 2000 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। रवि बचपन से क्रिकेट के दीवाने थे। गांव में खेत में क्रिकेट खेलते थे और जोधपुर आए तो गलियों में। बाद में प्रद्धुत सिंह की स्पाटर्न एकेडमी में दाखिला लिया, जहां उनके खेल में निखार आया और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बिश्नोई ने अंडर-19 टीम में अपनी जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचने का काम किया था। रवि ने राजस्थान टीम से खेलते हुए कूचबिहार ट्रॉफी में 47 विकेट लिए तो वहीं, वीनू मांकड ट्रॉफी में 22 विकेट लेकर अंडर-19 वर्ल्ड कप टीम के लिए अपनी जगह पूरी तरह से पक्की कर ली थी।

आईपीएल में अब तक ऐसा रहा प्रदर्शन

इंडियन प्रीमियर लीग में रवि बिश्नोई के प्रदर्शन को देखा जाए तो उन्हें अब तक 18 मैचों में खेलने का मौका मिला है, जिसमें उन्होंने 29.69 की औसत से 16 विकेट अपने नाम किए हैं। बिश्नोई की गेंदबाजी में जो सबसे खास बात रही है, वह फ्लाइट देने से नहीं घबराते और इस कारण वह बल्लेबाजों के खिलाफ आक्रामक रवैये के साथ गेंदबाजी करते हुए दिखाई देते हैं। भारतीय क्रिकेट को रवि बिश्नोई के रूप में भविष्य का एक शानदार लेग स्पिनर भी दिख रहा है।

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