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श्रीलंका के पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या के करियर की पांच यादगार पारियां

साल 1996 में खेले गया वनडे विश्वकप कई कारणों की वजह से हमेशा याद रखा जाएगा। जिसमें भारतीय फैंस श्रीलंका के हाथों मिली सेमीफाइनल मैच में हार को नहीं भूल सकेंगे, वहीं इस वर्ल्डकप में श्रीलंका की जीत को लेकर किसी ने उम्मीद नहीं थी। लेकिन इस छोटे से देश ने सभी को गलत साबित करते हुए विश्व विजेता बनकर दिखाया था। इसकी सबसे बड़ी वजह टीम के ओपनिंग बल्लेबाज सनथ जयसूर्या थे, जिनका खेलने का अंदाज बेहद आक्रामक होने के चलते विपक्षी टीम शुरू से ही दबाव में दिखाई देने लगती है।

सनथ जयसूर्या ने लोगों की सोच को बदलने का काम किया, जिससे टीमों को अपनी रणनीति तक में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा। शुरुआती ओवरों में फील्डिंग पाबंदियों का लाभ उठाते हुए तेजी से रन बनाने की सोच ने एक नया बदलाव लाने का काम किया। जयसूर्या बल्लेबाजी करते समय जिस आसानी से गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचा देते थे, उससे गेंदबाजों में एक दबाव साफ तौर पर देखने को मिलता था। जिसके बाद उनके 52वें जन्मदिन के मौके पर करियर की टॉप-5 पारियों पर डालिए एक नजर।

5 – बनाम इंग्लैंड (साल 1996 वनडे वर्ल्डकप, 82 रन)

साल 1996 के वनडे वर्ल्डकप में श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच पहला क्वार्टर फाइनल मैच फैसलाबाद के मैदान में खेला गया था। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 235 का स्कोर बनाया। इसका पीछा करना उस समय की स्थिति में आसान नहीं था। लेकिन श्रीलंका की तरफ से पारी की शुरुआत करने उतरने सनथ जयसूर्या ने सिर्फ 44 गेंदों में 82 रनों के तेज पारी खेलते हुए टीम को 5 विकेट की आसान जीत दिलाने का काम किया।

4 – बनाम भारत (साल 1997, कोलम्बो टेस्ट मैच 340 रन)

भारतीय टीम साल 1997 में श्रीलंका के दौरे पर थी, जहां पर दोनों ही टीमों के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच कोलम्बो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया था। इस मैच में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 537 के स्कोर पर पारी को घोषित किया। इसके जवाब में श्रीलंका टीम ने अपनी पहली पारी 952 के स्कोर पर घोषित की थी, जो अभी तक का इस फॉर्मेट में एक पारी का सर्वाधिक स्कोर है। इस मैच में सनथ जयसूर्या ने 578 गेंदों का सामना करते हुए 340 रन अकेले ही बना दिए थे। हालांकि यह मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ था।

3 – बनाम इंग्लैंड (साल 1998, ओवल टेस्ट मैच 213 रन)

श्रीलंका की टीम साल 1998 में इंग्लैंड के दौरे पर जिसमें सीरीज का पहला टेस्ट मैच लंदन के ओवल मैदान में खेला गया। मैच में श्रीलंकाई कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 445 के स्कोर पर सिमट गई। जवाब में श्रीलंका को भी बड़ा स्कोर बनाना था, जिसका जिम्मा सनथ जयसूर्या ने लेते हुए 278 गेंदों का सामना करते हुए 213 रनों की शानदार पारी खेली। इसके चलते श्रीलंका की पहली 591 के स्कोर पर खत्म हुई।

जवाब में इंग्लैंड की दूसरी पारी 181 के स्कोर पर ही सिमट गई और श्रीलंका को चौथी पारी में सिर्फ 36 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उन्होंने बिना किसी नुकसान के 5 ओवर में हासिल करते हुए मैच में 10 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

2 – बनाम भारत (साल 2000, कोका-कोला चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल 189 रन)

भारत और श्रीलंका के बीच साल 2000 में शारजाह के मैदान में कोका-कोला चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला गया था। श्रीलंका टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 50 ओवरों में 299 रन बोर्ड पर लगा दिए थे। इसमें ओपनिंग बल्लेबाज सनथ जयसूर्या ने 161 गेंदों का सामना करते हुए 21 चौके और 4 छक्कों की मदद से 189 रनों का योगदान दिया था। इसके चलते श्रीलंका की टीम ने मैच में 245 रनों की बड़ी जीत दर्ज की थी।

1 – बनाम पाकिस्तान (साल 2004, फैसलाबाद टेस्ट मैच 253 रन)

पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच साल 2004 में फैसलाबाद में खेले गए टेस्ट मैच में श्रीलंकाई टीम की जीत में सनथ जयसूर्या का सबसे अहम योगदान रहा था। इस मैच की पहली पारी में श्रीलंका टीम 243 के स्कोर पर सिमट गई थी। इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम ने अपनी पहली पारी में 264 रन ही बनाए।

अब श्रीलंका को अपनी दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाने का दबाव था, ताकि पाकिस्तान को चौथी पारी में बड़ा लक्ष्य दिया जा सके। जिसके बाद जयसूर्या ने 347 गेंदों में 253 रनों की पारी अकेले ही खेल दी और श्रीलंका की टीम अपनी चौथी पारी में 438 का स्कोर बनाने में कामयाब रही और बाद में श्रीलंका ने इस मैच में 201 रनों की बड़ी जीत भी दर्ज की थी।

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