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क्या WTC फाइनल मुकाबला 3 मैचों की सीरीज के तहत होना चाहिए?

साल 2019 में शुरू हुई पहली आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल  मुकाबला साल 2021 की जून में इंग्लैंड के साउथहैम्पटन के रोस बाउल मैदान में खेला गया। फाइनल मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड की टीम का आमना-सामना हुआ था और मैच का परिणाम रिजर्व डे के दिन कीवी टीम की 8 विकेट से जीत के साथ सामने आया। 

फाइनल मैच में भारतीय टीम की हार के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों ने इस एक मैच की जगह 3 मैचों की सीरीज कराने पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी फाइनल मैच में हार के बाद एक सवाल के जवाब पर कहा था कि यदि 3 मैचों की सीरीज होती हो पहले मैच में हारने वाली टीम के पास वापसी का मौका रहता। 

कोहली के इस बयान के बाद काफी तेजी से यह चर्चा होने लगी की क्या आईसीसी अगले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल के लिए 3 मैचों की सीरीज करने पर विचार कर सकता है। हम आपको बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल को लेकर बताने जा रहे हैं कि इससे फाइनल में पहुंचने वाली दोनों ही टीमों को कैसे लाभ होगा। 

1 – दोनों ही टीमों को मिलेगा बराबरी का मौका 

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का फाइनल मुकाबला यदि बेस्ट ऑफ थ्री मैच के तहत कराया जाता है, तो इससे दोनों ही टीमों को बराबरी का मौका मिलेगा। यदि कोई टीम पहले टेस्ट मैच में हार का सामना करती है, तो उसके पास दूसरे मैच में जीत हासिल करने का मौका होगा। वहीं बारिश के कारण यदि कोई टेस्ट मैच रद्द हो जाता है, तो इससे परिणाम निकलने के आसार फिर भी बने रहेंगे। 

2 – हालात में ढलने का मिलेगा मौका 

भारतीय टीम जब फाइनल मुकाबला खेलने न्यूजीलैंड के खिलाफ वहां पर पहुंची थी, तो टीम को एक भी अभ्यास मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके चलते भारतीय टीम वहां के हालात में अपनी तैयारियों को पूरी तरह से परख नहीं पाई। जबकि दूसरी तरफ न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के खिलाफ 2 मैच की टेस्ट सीरीज खेलते हुए खुद को फाइनल से पहले पूरी तरह तैयार कर चुकी थी। ऐसे में आईसीसी को आने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में फाइनल खेलने वाली दोनों ही टीमों को बराबरी का मौका देने के लिए बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल पर विचार करना चाहिए। 

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