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6 भारतीय क्रिकेटर जो नंबर वाले चश्मे के साथ आए नज़र

आधुनिक क्रिकेट के दौर में क्रिकेटर्स अपनी फिटनेस, डाइट समेत कई बातों का ख्याल रखते हैं। एक खिलाड़ी के लिए उसकी फिटनेस के अलावा उसकी नज़रों का सटीक होना भी बेहद अहम है, क्योंकि अगर निशाना चूका तो समझिए खेल खत्म है। मौजूदा दौर में ज्यादातर क्रिकेटर धूप से निकलने वाली अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचने के लिए महंगे-महंगे चश्मे का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्रिकेट के इतिहास कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जो नंबर वाले चश्मों के साथ मैदान पर खेलने उतरे। इस लेख में पढ़िये नंबर वाले चश्मे पहनने वाले 6 भारतीय क्रिकेटरों के बारे में।

दिलीप दोषी

भारत के पूर्व क्रिकेटर दिलीप दोषी ने 30 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट खेलना शुरु किया था। वह स्कैयर आकार के काले रंग के फ्रेम वाला चश्मा पहना करते थे। गुजरात में जन्में इस क्रिकेटर ने भारत के लिए सन् 1979 से 1983 के बीच 33 टेस्ट और 15 वनडे मैचों में शिरकत की। जोशी उन गेंदबाजों में से एक है जिन्होंने 30 वर्ष से भी ज्यादा की उम्र में अपना टेस्ट डेब्यू किया।

सौरव गांगुली

भारतीय क्रिकेट को नई दिशा प्रदान करने वाले सफल कप्तान सौरव गांगुली को पहले देखने में कठिनाई होती थी जिसके चलते वो चश्मा पहननते थे। हालांकि मैदान पर सौरव ने लेंस का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया था। लेंस पहनने के बाद गांगुली को बल्लेबाजी करते समय लगातार पलक झपकाने की आदत थी।

विजय भारद्वाज

भारत के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी विजय भारद्वाज ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 1999 में खेले गई एलजी वनडे श्रृंखला में डेब्यू किया, जिसमें वह मैन ऑफ द सीरीज चुने गए थे। भारत के लिए 3 टेस्ट और 10 वनडे खेलने वाले भारद्वाज छोटे से करियर के बाद ही टीम से बाहर हो गए थे। बेंगलुरु से ताल्लुक रखने वाला ये भारतीय क्रिकेटर गोलाकार फ्रेम डिजाइन वाला चश्मे पहनता था जिससे इन्हें अलग पहचान मिली।

वीरेंद्र सहवाग

नजफगढ़ के नवाब के नाम से मशहूर विस्फोटक भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर के अंतिम चरण में चश्मा पहनना शुरु किया था। उन्हें कई मर्तबा स्लीप में फील्डिंग करते वक्त भी चश्मे में देखा गया। आंखों की कमज़ोर रोशनी के कारण ही सहवाग का हैंड-आई कॉम्बिनेशन पहले की तरह नहीं रहा था, जिसके वजह से उन्हें चश्मा लगाकर मैदान में उतरना पड़ता था।

अनिल कुंबले

भारतीय क्रिकेटर चश्मे

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफलतम स्पिनर और पूर्व कप्तान अनिल कुंबले करियर के शुरुआती दिनों में पॉवर वाले चश्मे का इस्तेमाल करते थे। बदलते समय के साथ कुंबले नए-नए डिजाइन वाले चश्मों में दिखाई दिए। लंबी उछाल वाले रनअप के साथ गेंदबाज़ी करने वाले जंबो को कभी चश्मा पहनकर खेलने में कोई दिक्कत हुई। कर्नाटक के इस गेंदबाज ने अपने करियर के बीच में कॉन्टैक्स लेंसों का इस्तेमाल करना शुरु किया था।

नरेंद्र हिरवानी

भारतीय क्रिकेटर चश्मे

कुंबले से पहले नरेंद्र हिरवानी भारतीय टीम के बेहतरीन लेग स्पिनर के रुप में पहचान बना चुके थे। इस स्पिनर ने भारत के लिए 17 टेस्ट और 18 वनडे मुकाबले खेले हैं। हिरवानी अपने टेस्ट डेब्यू में शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं जिसमें उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ कुल 16 विकेट झटके थे। हिरवानी अपने बड़े फ्रेम वाले चश्मे और स्टाइलिश हेडबैंड पहनने के लिए भी मशहूर थे।

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