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सौरव गांगुली और जय शाह के कार्यकाल पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह का कार्यकाल बढ़ेगा या नहीं इस सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। लोढ़ा समिति के सुझावों के मुताबिक इन दोनों को अपना पद छोड़ना पड़ सकता है, लेकिन बीसीसीआई ने संविधान संशोधन करके सुप्रीम कोर्ट से उस पर विचार करने की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

22 जुलाई यानी आज भारत के मुख्य न्यायधीश एसए बोबड़े और एल नागेश्वर राव बीसीसीआई बनाम बिहार क्रिकेट संघ की याचिका की सुनवाई करेंगे। वहीं 21 अप्रैल को बीसीसीआई ने कोर्ट में गांगुली और शाह के कार्यकाल को 2025 तक बढ़ाने के लिए याचिका दायर की थी। ऐसे में कोर्ट इस मामले पर भी सुनवाई कर सकता है। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और गृहमंत्री के बेटे जय शाह अक्टूबर साल 2019 में बीसीसीआई में अध्यक्ष व सचिव चुने गए थे। लेकिन इन दोनों को लोढ़ा समिति के सुझावों के मुताबिक अनिवार्य कुलिंग ऑफ पीरियड यानी भारत के किसी भी क्रिकेट बोर्ड से पदमुक्त होना पड़ेगा।

कूलिंग ऑफ पीरियड का नियम

सीओए यानी प्रशासकों की समिति ने नियम बनाया था कि कोई भी व्यक्ति राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में लगातार 6 साल किसी भी पद पर बना रहता है, तो उसे 3 साल के कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना होगा। इसे सुप्रीम कोर्ट ने भी मंजूरी दी थी।

गांगुली का कार्यकाल

भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट बोर्ड के 5 साल 3 महीने तक अध्यक्ष रह चुके हैं। इस लिहाज से उनके पास बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर 9 महीने का ही कार्यकाल बचा था। जबकि जय शाह गुजरात क्रिकेट संघ में सचिव रह चुके हैं।

एजीएम ने किया था संशोधन

बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि बीसीसीआई ने पिछले साल हुई एजीएम में 9 अगस्त 2018 से लागू कूलिंग ऑफ पीरियड में जाने के नियम में संशोधन कर अपने पदाधिकारियों के कार्यकाल को बढ़ाने की स्वीकृति दी है। जिसे कोर्ट भी अपनी मंजूरी दे। बोर्ड ने जो संशोधन किया है उसके हिसाब से गांगुली और शाह पर कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाने का नियम तभी लागू होगा, जब वे बीसीसीआई में लगातार 6 साल काम पूरा कर लेते हैं।

कैग नॉमिनी ने किया था विरोध

इसी महीने के शुरुआत में तब विवाद पैदा हो गया था, जब कैग के बीसीसीआई में नॉमिनी अल्कनी रेहानी भरद्वाज ने जय शाह के बीसीसीआई की मीटिंग में भाग लेने का विरोध किया था। 17 जुलाई को हुई इस मीटिंग में जय शाह ने तब कानूनी सुझाव के इस मीटिंग में हिस्सा लिया था। जबकि कैग नॉमिनी रेहानी का कहना था कि जय शाह का कार्यकाल अब लोढ़ा समिति के सुधारों के हिसाब से खत्म हो चुका है। ऐसे में शाह मीटिंग में हिस्सा नहीं ले सकते हैं।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।