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आखिर श्रीलंका टीम के खराब प्रदर्शन का दौर कब खत्म होगा

मौजूदा समय में यदि वर्ल्ड क्रिकेट में टीमों की स्थिति को लेकर देखा जाए तो जहां बांग्लादेश की टीम ने पिछले कुछ सालों में अपने शानदार प्रदर्शन के जरिए सभी को प्रभावित किया है, वहीं वेस्टइंडीज की टीम को टी-20 फॉर्मेट में हराना किसी भी टीम के लिए आसान काम नहीं दिखा है। लेकिन वहीं श्रीलंका क्रिकेट के स्तर में एक बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

श्रीलंका टीम को यदि देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में एक तरफ से टीम में शामिल किए गए नए खिलाड़ी अपने खेल से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर सके। वहीं टीम का तीनों ही फॉर्मेट में घरेलू और विदेशी जमीन पर लचर खेल देखने को मिला। इसके चलते कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने भी टीम की आलोचना की है।

दिग्गज खिलाड़ियों के विकल्प को नही कर पाए तलाश

साल 2011 के वनडे वर्ल्डकप का फाइनल मुकाबला खेलने वाली श्रीलंकाई टीम की मौजूदा स्थिति को देखा जाए तो कोई इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकता कि इस टीम का स्तर इतना नीचे चला जाएगा। एक समय श्रीलंका टीम से खेलने वाले दिग्गज बल्लेबाज महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा का पूरे वर्ल्ड क्रिकेट में दबदबा साफ तौर पर देखने को मिलता था। वहीं टीम के पास मुथैया मुरलीधरन के रूप में एक शानदार स्पिन गेंदबाज भी थे।

लेकिन इन सभी दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद जिन खिलाड़ियों को शामिल किया गया वह पूरी तरह से खरे नहीं उतर पाए। इसके चलते टीम तीनों ही फॉर्मेट में लगातार खराब प्रदर्शन के चलते आलोचना का शिकार बन रही है। श्रीलंका टीम के पास इस समय एक ऐसा बल्लेबाज भी नहीं मौजूद है, जिस पर टीम मैनेजमैंट अगले 10 सालों तक अपना भरोसा दिखा सकती है।

इस साल जीत पाए सिर्फ 1 सीरीज

श्रीलंका टीम के इस साल के अभी तक के प्रदर्शन को देखा जाए तो टीम ने तीनों ही फार्मेट में कुल 7 सीरीज खेली हैं, जिसमें टीम को सिर्फ 1 सीरीज में जीत हासिल हो सकी और वह भी बांग्लादेश के खिलाफ 2 मैच की घरेलू टेस्ट सीरीज में। श्रीलंकाई टीम के इसी प्रदर्शन के चलते उन्हें लगातार आलोचना शिकार होना पड़ रहा है। इस साल टीम को सबसे पहले इंग्लैंड के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वेस्टइंडीज के दौरे पर टीम को टी-20 और वनडे सीरीज में हार झेलनी पड़ी। जबकि टेस्ट सीरीज के दोनों ही मैच ड्रॉ पर खत्म हुए थे।

आखिर कैसे सुधरेगा टीम का प्रदर्शन

श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड को अपनी राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन को सुधारने के लिए घरेलू क्रिकेट से बेहतर खिलाड़ी ढूंढने की कोशिश करनी होगी। वहीं टी-20, वनडे और टेस्ट के फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए टीमों में खिलाड़ियों का चयन करना होगा। कप्तानी के मोर्चे पर भी सुधार की तरफ देखना पड़ेगा, ताकि टीम एक नई सोच के साथ मैदान में उतरे और उसका आत्मविश्वास भी बढ़ सके।

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