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Team Review : जोरदार वापसी के साथ इंग्लैंड कैसे बना विश्व विजेता

इंग्लैंड को विश्वकप 2019 के शुरू होने से पहले ही खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। टीम ने पहली बार विश्वकप के इतिहास में अपने दामन से उस दाग को मिटाते हुए, एक नई कहानी गढ़ते हुए कप पर कब्जा जमा लिया।

इंग्लैंड का सफर कुछ ऐसा रहा

विश्वकप के इतिहास में ऐसा तीसरी बार हुआ है, जब मेजबान देश ने ट्रॉफी पर कब्जा किया है। इसकी शुरूआत साल 2011 में भारतीय टीम ने की थी, जबकि साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया ने इसे दूसरी बार अंजाम दिया था। इंग्लैंड इस बार टूर्नामेंट में खिताब के सूखे को खत्म करने के इरादे से उतरा था और उसे हर कोई प्रबल दावेदार भी बता रहा था। क्योंकि साल 2015 के विश्वकप में बुरी तरह पराजय झेलने वाली इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट में बीते चार वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया था।

इंग्लैंड ने अपने अभियान का आगाज अपने ही अंदाज में किया और पहले ही मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इसकी बानगी भी पेश कर दी। लेकिन टीम पाकिस्तान, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया से हारकर अचानक सेमीफाइनल की राह से बेपटरी होने लगी। लेकिन भारत और न्यूजीलैंड को हराकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया।

इंग्लैंड की सफलता में सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय और जॉनी बेयरेस्टों का योगदान अहम रहा। खासकर रॉय बीच टूर्नामेंट में चोटिल हो गए थे और उनकी गैरमौजूदगी में टीम को निराशा हाथ लगी। लेकिन उनकी वापसी हुई और इंग्लैंड की गाड़ी सही दिशा में बढ़ चली। टीम ने सन् 1992 के बाद पहली बार विश्वकप के सेमीफाइनल में जगह बनाई और फाइनल में न्यूजीलैंड के साथ उनका मुकाबला हुआ। जहां मुकाबला वनडे का सबसे रोमाचंक मैच बन गया और 100 ओवर के खेल में कोई परिणाम नहीं निकला। जिसके बाद हद तब हो गई, जब सुपर ओवर भी टाई रहा और बाउंड्री के आधार पर इंग्लैंड विश्व चैंपियन बना।

इंग्लैंड के लिए क्या रहा अच्छा

टीम में दिखी एकता

इंग्लैंड ने विश्वकप में एकजुट होकर शानदार खेल दिखाया, कोई भी खिलाड़ी अकेले टीम को नहीं जिता रहा था। टीम के चार बल्लेबाजों ने 400 से ज्यादा रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर ने इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा 20 विकेट झटके। सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय और जॉनी बेयरेस्टो ने लगातार रन बनाए, जबकि जो रूट ने तीसरे नंबर पर बढ़िया बल्लेबाजी की। वहीं पूरे टूर्नामेंट में बेन स्टोक्स ने शानदार ऑलराउंड खेल दिखाया। जबकि तेज गेंदबाज मार्क वुड, क्रिस वोक्स, और लियाम प्लंकेट ने गेंद से अपना असर हर मुकाबले में छोड़ा।

आलोचकों को टीम ने दिया करारा जवाब

विश्वकप 2019 में बीच के मुकाबले गंवाने के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ियों की तीखी आलोचना होने लगी। जिसके बाद टीम ने कमाल का खेल दिखाया और आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच हारने के बाद इंग्लैंड की टीम पर बहुत दबाव बन गया था, जिससे टीम ने बखूबी खुद को बाहर निकलने में सक्षम रही।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने प्रभावशाली खेल दिखाया, जहां टीम ने ये साबित कर दिया कि उसके लिए टॉस मायने नहीं रखता है। हालांकि फाइनल मैच में हार और जीत का फैसला काफी रोमांचक रहा और नियमों के तहत मेजबान टीम को विजेता घोषित कर दिया गया।

इन क्षेत्रों में टीम को करना होगा सुधार

इंग्लैंड को सबसे पहले एक अदद बैकअप में तीसरा सलामी बल्लेबाज तलाशना होगा। क्योंकि विश्वकप 2019 में लीग स्टेज में जब जेसन रॉय दो मैच में नहीं खेल पाए, तब टीम दोनों मुकाबले हार गई। वहीं विश्वकप में इंग्लैंड को चैंपियन बनाने में जेसन रॉय और जॉनी बेयरेस्टो की जोड़ी का सबसे बड़ा हाथ रहा है। इसके बावजूद हर मुकाबले ये दोनों बल्लेबाज रन नहीं बना सकते हैं, इसलिए टीम को एक बेहतरीन सलमी बल्लेबाज की जरूरत है। रॉय की जगह जेम्स विंस को इंग्लैंड ने मौका दिया , लेकिन वह तीन पारियों में सिर्फ 40 रन बना पाए।

उदीयमान सितारा

टूर्नामेंट से पहले इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि वह टीम में युवा तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को शामिल करें या न करें। क्योंकि उनके पास एकदिवसीय क्रिकेट का ज्यादा अनुभव नहीं था, लेकिन आर्चर को चयनकर्ताओं ने टीम में शामिल किया। आर्चर ने पूरे टूर्नामेंट में 20 विकेट झटके, जबकि फाइनल में सुपर ओवर फेंकने का जिम्मा जब उन्हें सौंपा गया, तो वहां भी वह टीम के लिए कमाल करने में सफल रहे।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।